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धनबाद में जापानी इंसेफेलाइटिस की जांच शुरू! सदर अस्पताल में मुफ्त टेस्टिंग, सिर्फ 1 घंटे में मिलेगी जांच रिपोर्ट

जापानी इंसेफेलाइटिस एक मच्छर जनित वायरल बीमारी है, जो Culex मच्छरों के काटने से फैलती है. यह वायरस खासकर सूअरों और जलपक्षियों में पनपता है और मच्छरों के जरिए इंसानों तक पहुंचता है. इसके लक्षणों में तेज बुखार, सिरदर्द, उलझन, दौरे, और कोमा तक शामिल हैं. बच्चों में यह बीमारी ज्यादा खतरनाक होती है.

Japanese encephalitis testing Japanese encephalitis testing

धनबाद के सबसे बड़े शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज और अस्पताल (SNMMCH) में सालों बाद जापानी इंसेफेलाइटिस (JE) की जांच शुरू हो गई है, जो मरीजों और उनके परिवारों के लिए बड़ी राहत की खबर है. इसके साथ ही, सदर अस्पताल में भी 28 से ज्यादा मुफ्त जांच की सुविधा उपलब्ध कराई गई है. यह बीमारी, जो खासकर बच्चों को अपनी चपेट में लेती है, अब समय रहते पकड़ में आएगी और इलाज आसान होगा. 

3 साल बाद SNMMCH में जांच शुरू  
पिछले तीन सालों से SNMMCH में जापानी इंसेफेलाइटिस की जांच के लिए टेस्टिंग किट की कमी थी, जिसके चलते मरीजों को रांची के रिम्स (RIMS) भेजा जाता था. इस प्रक्रिया में 20 दिन तक का समय लगता था, और कई बार मरीजों को निजी लैब में मोटी रकम चुकानी पड़ती थी. लेकिन अब, पुणे से मंगाई गई नई टेस्टिंग किट्स के साथ, SNMMCH में यह जांच शुरू हो चुकी है. महज एक घंटे में जांच रिपोर्ट मिलेगी, जिससे मरीजों का इलाज तुरंत शुरू हो सकेगा. यह सुविधा न केवल धनबाद बल्कि पड़ोसी जिलों जैसे बोकारो, गिरिडीह और हजारीबाग के लोगों के लिए भी वरदान साबित होगी.

"बच्चों के लिए खतरनाक है यह बीमारी!"  
SNMMCH के माइक्रोबायोलॉजी विभाग के HOD डॉ. संजीत तिवारी ने बताया, "जापानी इंसेफेलाइटिस की जांच के लिए किट की कमी थी, जिसके कारण तीन साल से यह सुविधा बंद थी. अब पुणे से किट मंगाई गई है, और हम आसानी से जांच कर सकते हैं. यह बीमारी खासकर 0 से 12 साल के बच्चों को प्रभावित करती है. अगर समय पर जांच और इलाज न हो, तो यह जानलेवा हो सकती है." उन्होंने यह भी बताया कि इस बीमारी के केस कम आते हैं- साल में 1 से 2 मामले ही देखे जाते हैं. लेकिन इसकी गंभीरता को देखते हुए त्वरित जांच जरूरी है.

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क्या है जापानी इंसेफेलाइटिस?  
जापानी इंसेफेलाइटिस एक मच्छर जनित वायरल बीमारी है, जो Culex मच्छरों के काटने से फैलती है. यह वायरस खासकर सूअरों और जलपक्षियों में पनपता है और मच्छरों के जरिए इंसानों तक पहुंचता है. इसके लक्षणों में तेज बुखार, सिरदर्द, उलझन, दौरे, और कोमा तक शामिल हैं. बच्चों में यह बीमारी ज्यादा खतरनाक होती है, और अगर इलाज में देरी हुई तो मृत्यु तक हो सकती है. हालांकि, भारत में JE वैक्सीन को यूनिवर्सल इम्यूनाइजेशन प्रोग्राम (UIP) में शामिल किया गया है, जो इसे रोकने में मदद करता है.

सदर अस्पताल में मुफ्त जांच  
धनबाद के सदर अस्पताल में भी जापानी इंसेफेलाइटिस की मुफ्त जांच की सुविधा शुरू की गई है. अब तक 28 से ज्यादा टेस्ट हो चुके हैं, और यह सुविधा मरीजों के लिए पूरी तरह निःशुल्क है. यह कदम खासकर उन गरीब परिवारों के लिए मददगार है, जो निजी लैब की महंगी जांच का खर्च नहीं उठा सकते. 

डॉ. तिवारी ने बताया कि SNMMCH में केवल जापानी इंसेफेलाइटिस ही नहीं, बल्कि अन्य बीमारियों की जांच भी बड़े पैमाने पर की जा रही है. पिछले साल 1300 डेंगू टेस्ट किए गए थे, और इस साल अब तक 600 से ज्यादा डेंगू टेस्ट हो चुके हैं. इसके अलावा, चिकनगुनिया, हेपेटाइटिस बी और सी, और TPHA टेस्ट की सुविधा भी उपलब्ध है. कोविड-19 के लिए रैपिड टेस्ट किट से जांच की जा रही है, और OPD में 4-5 कोविड टेस्ट भी किए गए हैं. 

(सिथुन मोदक की रिपोर्ट)