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Maharashtra: '... थोपेंगे तो लात मारूंगा' राज ठाकरे ने उठाया मराठी पहचान का मुद्दा

मुबंई में एक चुनावी रैली में राज ठाकरे ने मराठी पहचान का मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा कि यूपी और बिहार के लोगों को समझना चाहिए कि हिंदी आपकी भाषा नहीं है. लेकिन अगर आप इसे थोपने की कोशिश करेंगे तो मैं आपको लात मारूंगा.

Raj Thackeray and Uddhav Thackeray Rally (Photo/PTI) Raj Thackeray and Uddhav Thackeray Rally (Photo/PTI)

महाराष्ट्र में स्थानीय निकाय चुनावों को लेकर सियासी घमासान मचा हुआ है. महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के प्रमुख राज ठाकरे ने यूपी और बिहार के लोगों को चेतावनी दी है. राज ठाकरे ने सबक सिखाने की बात कही है. राज ठाकरे ने अपने चचेरे भाई और शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे के साथ मिलकर रैली की. राज ठाकरे ने इसे बीएमसी चुनाव को मराठी पहचान के लिए अंतिम लड़ाई के तौर पर पेश किया.

राज ठाकरे ने कहा कि यूपी और बिहार के लोगों को समझना चाहिए कि हिंदी आपकी भाषा नहीं है. मुझे भाषा से नफरत नहीं है. लेकिन अगर आप इसे थोपने की कोशिश करेंगे तो मैं आपको लात मारूंगा. राज ठाकरे के इस भाषण पर खूब तालियां बजीं.

मराठी पहचान के लिए आखिरी चुनाव- राज
राज ठाकरे ने स्थानीय चुनावों को निर्णायक बताया. उन्होंने कहा कि वे महाराष्ट्र में हर तरफ से आ रहे हैं और आपका हक छीन रहे हैं. अगर जमीन और भाषा चली गई तो आप खत्म हो जाएंगे. उन्होंने कहा कि यह मराठी मानुष के लिए आखिरी चुनाव है. अगर आप यह मौका चूक गए तो आपका खेल खत्म हो जाएगा. मराठी और महाराष्ट्र के लिए एकजुट हो जाइए.

राज ठाकरे ने मुंबई को महाराष्ट्र में मिलाने के लिए किए गए बलिदानों का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि मुंबई इतने सारे लोगों के बलिदान से हासिल हुआ है. हम उन्हें क्या कहेंगे?

महाराष्ट्र के लिए हमने अपने मतभेद भुला दिए- उद्धव
उद्धव ठाकरे ने कहा कि शह के अस्तित्व को खतरे में डालने वाले हालात के कारण राजनीतिक मिलाप मजबूरी में हुआ है. नगर निगम चुनावों से पहले मुंबई में अपनी आखिरी संयुक्त रैली में उद्धव ठाकरे ने कहा कि चचेरे भाइयों ने मराठी मानुष, हिंदुओं और महाराष्ट्र के लिए अपने मतभेदों को एक तरफ रख दिया. उन्होंने कहा कि मराठी के प्रति प्रेम खून में होना चाहिए. 

राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे ने मुंबई को बाहरी लोगों के कंट्रोल से बचाने के लिए खुद को एक एकमात्र विकल्प के तौर पर पेश कर रहे हैं. राज ठाकरे ने कहा कि हमारी एकजुटता मुंबई को एक गंभीर खतरे से बचाने के लिए है.

बीजेपी पर हिंदी थोपने का आरोप-
दोनों भाइयों ने बीजेपी पर महाराष्ट्र के हितों को नुकसान पहुंचाने वाले सांस्कृतिक और आर्थिक एजेंडे को बढ़ाने का आरोप लगाया. राज ठाकरे ने तीन भाषा फॉर्मूला और कक्षा 1 से 5 तक हिंदी को अनिवार्य बनाने के प्रस्ताव को एक व्यापक साजिश बताया. उन्होंने कहा कि किसी भाषा के प्रति कोई गुस्सा नहीं है, बल्कि इसे थोपे जाने के प्रति गुस्सा है. 

दोनों भाइयों ने बीजेपी पर मुंबई को लूटने और शहर को गुजरात की आर्थिक धुरी के साथ जोड़ने की कोशिश करने का आरोप लगाया. राज ने कहा कि साल 2014 में सत्ता में आने के बाद बीजेपी लगातार गौतम अडानी के नेतृत्व वाले ग्रुप का पक्ष ले रही है.

प्रस्तावित वधावन पोर्ट का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि पालघर, ठाणे और मुंबई महानगर क्षेत्र पर कंट्रोल एक व्यापक योजना का हिस्स है. राज ने मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन जैसी परियोजनाओं का हवाला देते हुए कहा कि दीर्घकालिक योजना मुंबई को गुजरात से जोड़ना है. उन्होंने कहा कि अगर बीएमसी हमारे साथ है तो वे अडानी को जमीन नहीं बेच सकते.

नकली हिंदुत्व का आरोप-
उद्धव ठाकरे ने बीजेपी पर नकली हिंदुत्व को मानने और हर चुनाव से पहले विभाजनकारी सियासत करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि हमें ऐसा कोई चुनाव दिखाइए, जहां आपने हिंदू-मु्स्लिम राजनीति न किया हो. उद्धव ठाकरे ने तमिलनाडु के बीजेपी लीडर के. अन्नामलाई के बयान पर कहा कि बॉम्बे महाराष्ट्र का शहर नहीं है. यह एक इंटरनेशनल शहर है. आपको बता दें कि अन्नामलाई ने कहा था कि केंद्र में नरेंद्र मोदी, राज्य में देवेंद्र फडणवीस और मुंबई में बीजेपी का मेयर हो.

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