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Chandra Dosh Remedies on Sharad Purnima: कुंडली में है चंद्र दोष? शरद पूर्णिमा पर करें ये खास उपाय, मानसिक अशांति और तनाव से मिलेगी मुक्ति

कुंडली में चंद्रमा की कमजोर स्थिति या अशुभ ग्रहों के प्रभाव से चंद्र दोष उत्पन्न होता है, जिससे मानसिक अशांति, आत्मविश्वास की कमी और अनिद्रा जैसी समस्याएं होती हैं. साल 2026 में 25 अक्टूबर को शरद पूर्णिमा पर कुछ उपायों को करके राहत पाई जा सकती है.

Sharad Purnima 2025
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 24 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 6:06 PM IST

ज्योतिष शास्त्र में चंद्रमा को मन, भावनाओं और मानसिक शांति का कारक माना जाता है. कुंडली में चंद्रमा की स्थिति कमजोर होने या उस पर अशुभ ग्रहों का प्रभाव पड़ने पर चंद्र दोष की समस्या उत्पन्न होती है. मान्यता है कि इसका असर व्यक्ति के मन, सोचने-समझने के तरीके और रोजमर्रा के जीवन पर भी पड़ता है. अगर आप भी जानना चाहते हैं कि उनकी कुंडली में चंद्र दोष है या नहीं और इससे राहत पाने के लिए क्या करना चाहिए. तो इस शरद पूर्णिमा कुछ उपाय करके आप चंद्र दोष से मुक्ति पा सकते हैं. शरद पूर्णिमा का दिन चंद्रमा की पूजा और उससे जुड़े उपायों के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है. आइए जानते हैं कि चंद्र दोष क्या होता है, इसके लक्षण क्या हो सकते हैं और निवारण पाने के लिए शरद पूर्णिमा पर कौन से उपाय किए जा सकते हैं.

क्या होता है चंद्र दोष, कैसे लगता है ये दोष?
ज्योतिष शास्त्र में चंद्रमा को मन और भावनाओं का कारक माना जाता है. जन्म कुंडली में चंद्रमा की कमजोर स्थिति, उस पर राहु या केतु जैसे ग्रहों का प्रभाव अथवा अशुभ ग्रहों के साथ उसकी युति को चंद्र दोष का कारण माना जाता है. चंद्र दोष का असर कुछ इस तरह हो सकता है-

  • मन का अशांत रहना- छोटी-छोटी बातों को लेकर ज्यादा सोचना या मन में हमेशा बेचैनी महसूस करना.
  • मूड में बदलाव- कभी बहुत खुश रहना और कभी बिना किसी स्पष्ट वजह के उदास रखना कुंडली में चंद्रमा के कमजोर होने के लक्षण हो सकते हैं.
  • आत्मविश्वास में कमी- फैसले लेने में उलझन होना या अपनी बात रखने में परेशानी महसूस करना.
  • नींद से जुड़ी परेशानी- रात में देर तक नींद न आना या बार-बार नींद टूटना.
  • भावनात्मक उतार-चढ़ाव- छोटी बातों का दिल पर ज्यादा असर होना और भावनाओं को संभालने में मुश्किल महसूस करना.
  • एकाग्रता में कमी- किसी काम पर ध्यान लगाने या मन को स्थिर रखने में परेशानी होना.

चंद्र दोष से मुक्ति पाने के लिए शरद पूर्णिमा पर करें ये उपाय

  • ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, शरद पूर्णिमा की रात चंद्रमा की पूजा करना और कुछ खास उपाय करके आप इस दोष से मुक्ति पा सकते हैं-
  • शरद पूर्णिमा की रात चंद्रमा की पूजा करते हुए 'ॐ सोम सोमाय नमः' मंत्र का 21, 51 या 108 बार सच्चे मन से जाप करें. मान्यता है कि इससे मन को शांति मिलती है और चंद्रमा से जुड़ी परेशानियों के प्रभाव कम करने में मदद मिलती है.
  • शरद पूर्णिमा के दिन घर में चंद्र यंत्र स्थापित करके उसकी विधि-विधान से पूजा करें. ज्योतिषीय मान्यताओं में इसे घर में सकारात्मक माहौल बनाए रखने और जीवन की परेशानियां कम करने में मदद मिलती है.
  • चंद्रमा का संबंध सफेद रंग की चीजों से माना जाता है. ऐसे में इस दिन अपनी क्षमता के हिसाब से जरूरतमंद लोगों को चावल, दूध, चीनी या सफेद कपड़ों का दान करें.
  • रात में चंद्रमा के दर्शन करके उन्हें अर्घ्य दें और मन की शांति और आत्मविश्वास पाने की कामना करें. इसके लिए एक लोटे में साफ पानी लेकर उसमें थोड़ा दूध और साबुत चावल मिलाएं, फिर श्रद्धापूर्वक चंद्रमा को अर्घ्य दें.
  • धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान शिव ने चंद्रमा को अपने मस्तक पर धारण किया हुआ है. शरद पूर्णिमा पर शिवलिंग पर जल चढ़ाएं और 'ॐ नमः शिवाय' मंत्र का जाप करें. मान्यता है कि इससे चंद्रमा से जुड़ी परेशानियों के प्रभाव कम होता हैं.

शरद पूर्णिमा की महानता
हिंदू धर्म में शरद पूर्णिमा का खास महत्व माना जाता है. यह पर्व आश्विन मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है. साल 2026 में शरद पूर्णिमा 25 अक्टूबर को है. धार्मिक मान्यता है कि इस रात चंद्रमा अपनी 16 कलाओं से पूर्ण होता है और उसकी चांदनी को अमृत के समान माना जाता है. शरद पूर्णिमा की रात चंद्रमा की पूजा करने और खुले आसमान के नीचे खीर रखने की परंपरा भी है. माना जाता है कि चंद्रमा की रोशनी में रखी खीर अगले दिन प्रसाद के रूप में ग्रहण करना शुभ होता है. इस दिन चंद्रदेव की पूजा के साथ मां लक्ष्मी की आराधना भी की जाती है.
 

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