घोड़े की नाल, घोड़े के खुर में लगाई जाती है ताकि न तो घोड़े को समस्या हो और न ही घोड़े की सवारी करने वाले को. यह यू की आकृति का होता है. इसके विशेष प्रभाव के कारण शनि और राहु से इसका सम्बन्ध जोड़ा जाता है. माना जाता है की घोड़े की नाल की विशेष प्रभाव और आकृति की वजह से शनि और राहु हमेशा नियंत्रित रहते हैं. शास्त्रों में घोड़ी की नाल के कई उपाय बताए गए हैं जिससे आर्थिक परेशानी से बचा जा सकता है. पंडित शैलेंद्र पांडेय ने बताया कि अगर घोड़े की नाल का गलत तरीके से प्रयोग किया जाय तो यह मुश्किल में डाल सकता है.
कैसे घोड़े की नाल शनि को कर सकती है नियंत्रित
शनि गति, संघर्ष और मेहनत का ग्रह है और यही गुण घोड़े की नाल में भी है. घोड़े की नाल घोड़े के पैरों में लगी होने के कारण गतिशील अवस्था में रहती है. बार-बार जमीन से घिसती और टकराती रहती है. रगड़ खाते रहने के कारण इसमें चुम्बकीय प्रभाव आ जाता है. इसी चुम्बकीय प्रभाव के कारण ही घोड़े की नाल शनि को नियंत्रित कर पाती है.
किस प्रकार करें घोड़े की नाल का प्रयोग ताकि शनि पीड़ा से मुक्ति मिले
किसी मंगलवार या बृहस्पतिवार को घोड़े की नाल ले लें. नाल जितनी ज्यादा पुरानी और घिसी हुई होगी, उतनी ही ज्यादा उत्तम होगी. इस नाल से एक अंगूठी बनवा लें लेकिन अंगूठी केवल पीट पीटकर बनाई जाएगी. इसे आग में नहीं तपाया जाएगा. शनिवार को इस अंगूठी को सरसों के तेल से धोकर मध्यमा अंगुली में धारण कर लें. मेहनत करने के बाद भी नौकरी या बिजनेस में शुभ परिणाम नहीं मिल रहा या फिर तरक्की पर रोक लग गई है तो शनिवार के दिन घोड़े की नाल से बने छल्ले को मध्यमा अंगुली में पहनें.
घोड़े की नाल का प्रयोग कैसे करें ताकि घर में सुख-शांति आए
घोड़े की नाल मंगलवार या बृहस्पतिवार को घर ले आएं. इसे सरसों के तेल में डुबाकर रख दें. शानिवार को सायं घर के मुख्य द्वार पर ऊपर बीचों बीच इसे यू की आकृति में लगाएं. अब नित्य सायं इसे धूप दिखाएं. घर में सुख-शांति और समृद्धि आएगी. पैसों की समस्या से परेशान है या फिर अनावश्यक धन खर्च बढ़ गया है तो काले घोड़े की नाल को काले कपड़े में लपेटकर घन स्थान या तिजोरी में रख दें. धन-संपन्नता बनी रहेगी और आय में कभी कमी नहीं होगी.