Astrology Effects of Planet on Mind: यदि कोई ग्रह कुंडली में खराब है, तो उससे आपके मन पर भी बुरा असर पड़ता है, राशि से संबंधित व्यक्ति के रिश्ते को ठीक करके हम ग्रहों की स्थिति को ठीक कर सकते हैं...तो आइए ज्योतिर्विद शैलेंद्र पांडेय जी से जानते हैं कि, ग्रहों का मानसिक स्थिति से संबंध, जानें मन की स्थिति कैसे करें मजबूत...
ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक मन और मानसिक स्थिति का सीधा संबंध कुछ खास ग्रहों और राशियों से होता है. ज्योतिर्विद शैलेंद्र पांडेय ने बताया कि यदि कोई ग्रह कुंडली में खराब है, तो उससे आपके मन पर भी बुरा असर पड़ता है. चंद्रमा को मुख्य रूप से मन का ग्रह माना जाता है. इसके अलावा बुध भी बहुत हद तक मन को प्रभावित करता है. कर्क, वृश्चिक और मीन राशि का संबंध भी मन से ही होता है. कुंडली का चतुर्थ और पंचम भाव भी मन से संबंध रखता है. कभी-कभी तिथियों और नक्षत्रों का भी मन पर असर पड़ता है.
कब मन की स्थिति में उतार-चढ़ाव होता रहता है?
कुंडली में चंद्रमा या बुध के कमजोर होने पर, चंद्रमा के उच्च राशि में होने पर, केंद्र स्थानों के खाली होने पर, खान पान की आदतें खराब होने पर, नींद की गड़बड़ी होने पर, हाथ में रेखाओं का जाल होने पर.
कब मन की स्थिति सामान्यतः रहती है अच्छी?
चंद्रमा के शुभ ग्रहों के प्रभाव में होने पर, बुध के मजबूत होने पर, केंद्र में शुभ ग्रहों के होने पर, बृहस्पति के विशेष मजबूत होने पर, ध्यान या उचित मंत्र जाप करने पर, खान पान, जीवनचर्या सही रखने पर.
मन को मजबूत करने के उपाय क्या हैं?
नियमित रूप से सूर्य को जल अर्पित करें. गायत्री मंत्र का प्रातः और सायंकाल जप करें. आहार को सादा और सात्विक रखें. एकादशी का उपवास जरूर रखें. सलाह लेकर एक मोती या पन्ना धारण करें. नित्य सोने के पूर्व कुछ समय ध्यान या प्रार्थना करें.