वैज्ञानिक और ज्योतिषीय दोनों दृष्टियों से चंद्रमा हमारे जीवन और पृथ्वी के लिए बेहद महत्वपूर्ण है. वैज्ञानिक दृष्टिकोण से चंद्रमा गुरुत्वाकर्षण शक्ति और सारी पृथ्वी के जल तत्त्व को नियंत्रित करता है. नवग्रहों में सूर्य के बाद ज्योतिष में सर्वाधिक महत्वपूर्ण ग्रह चंद्रमा होता है. चंद्रमा हमारे मन का ग्रह है. यह हमारी सोच और विचार को प्रभावित करता है. इसके माध्यम से ही सारे ग्रहों का प्रभाव हमारे जीवन पर पड़ता है. ज्योतिष में चंद्रमा के बिना कोई गणना नहीं की जा सकती इसलिए चंद्रमा का ज्योतिष में एक प्रमुख स्थान है. गड़बड़ होने पर चंद्रमा मानसिक और शारीरिक दोनों समस्याएं देता है. इसके अलावा हर समय मन में तनाव बनाए रखता है. चंद्रमा यदि खराब हो तो यह व्यक्ति को मन के रोग देता है मानसिक बीमारियां देता है.
चंद्रमा के कारण मन की समस्या हो तो क्या करें
नित्य प्रातः और सायं नमः शिवाय का जप करें. जल में सुगंध डालकर स्नान करें. तामसिक भोजन बंद कर दें. जलीय आहार ग्रहण करके पूर्णिमा का उपवास रखें. मोती और चांदी, सोच समझकर धारण करें.
चंद्रमा के कारण क्रोध और मूड की समस्या हो तो क्या करें
नित्य प्रातः सूर्य को जल अर्पित करें. तेल-मसालेदार और गरिष्ठ भोजन त्याग दें. रोज रात्रि में सोने के पहले गायत्री मंत्र का जप करें. संभव हो तो नियमित प्राणायाम भी करें. काले रंग की चीजों का प्रयोग बंद कर दें.
चंद्रमा के कारण पेट की समस्या हो तो क्या करें
नियमित रूप से स्नान जरूर करें. एक बार में ढेर सारा खाना न खाएं. भोजन जमीन या आसन पर बैठकर खाएं. एक चांदी का कड़ा धारण करें. रोज शाम को ॐ सोम सोमाय नमः मंत्र का जप करें.
चंद्रमा के कारण हर समय तनाव रहता हो तो क्या करें
नित्य प्रातः और सायं नमः शिवाय का जप करें. अधिक से अधिक जलीय आहार ग्रहण करने का प्रयास करें. अपनी नींद जरूर पूरी करें. दिन में कुछ देर पैदल जरूर टहलें. सलाह लेकर एक पन्ना धारण करें. भूलकर भी हीरा धारण न करें.
चंद्रमा के अशुभ परिणाम कैसे दूर करें
इसके लिए उपाय के तौर पर भगवान शिव को नियमित रूप से जल अर्पित करें. सोमवार को केवल जल और फल का सेवन करके उपवास रखें. चांदी की चेन अथवा चांदी का कड़ा धारण करें. काले रंग के वस्त्रों से और बहुत ज्यादा तीखी चीज़ों से परहेज करें. रात्रि में खुले आसमान के नीचे चंद्रमा के मन्त्रों का जाप करें.