ज्योतिष में मंगल ग्रह को साहस, ताकत और ऊर्जा का ग्रह माना जाता है. मंगल का संबंध तांबा, लाल रंग, मिट्टी, गुड़ और जौ जैसी चीजों से भी बताया गया है. मान्यता है कि इन चीजों का सही तरीके से इस्तेमाल करने से मंगल से जुड़ी परेशानियों को कम किया जा सकता है.
तांबे को मंगल की प्रमुख धातु माना जाता है. ज्योतिष में तांबे का इस्तेमाल मंगल के उपाय, दान और रत्न धारण करने में किया जाता है. अगर आत्मविश्वास की कमी महसूस होती है, तो तांबे का कड़ा पहनना शुभ माना जाता है. रक्त से जुड़ी परेशानी के लिए अनामिका उंगली में तांबे का छल्ला पहनने की बात कही गई है.
लाल रंग को मंगल का प्रमुख रंग माना जाता है. मंगल को मजबूत करने के लिए लाल रंग का इस्तेमाल किया जाता है. हालांकि, ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार अगर मंगल नकारात्मक हो तो लाल रंग का ज्यादा इस्तेमाल नहीं करना चाहिए. सर्दी-जुकाम जैसी समस्या में लाल रंग का अधिक प्रयोग करने की बात कही गई है. जोड़ों के दर्द में हाथ-पैर के जोड़ों पर लाल धागा बांधने की मान्यता भी है.
मंगल को भूमिपुत्र भी कहा जाता है. इसलिए मिट्टी और जमीन से जुड़ी चीजों को मंगल से संबंधित माना जाता है. मिट्टी के बर्तन से पानी पीने को क्रोध कम करने से जोड़ा जाता है. घर में मिट्टी के गमलों में पौधे लगाने को सुख-शांति के लिए अच्छा माना गया है.
गुड़ भी मंगल से जुड़ी चीज माना जाता है. मान्यता है कि गुड़ और भुना चना खाने से शरीर को ताकत मिलती है. अगर चोट या ऑपरेशन की आशंका हो, तो मंगलवार को गुड़ का दान करने की सलाह दी जाती है.
जौ को मंगल का अनाज माना जाता है. इसे शरीर को ऊर्जा देने वाला बताया गया है. ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार मुकदमे की परेशानी में जौ को घर में किसी भारी चीज के नीचे दबाकर रखने का उपाय किया जाता है. कर्ज बढ़ने पर मंगलवार को बहते पानी में जौ प्रवाहित करने की बात कही गई है. मंगल से जुड़ी स्वास्थ्य परेशानी में जौ की रोटी खाने का भी सुझाव दिया जाता है.