Budh Grah: बुध हमारे शरीर से क्या रखता है संबंध, जानें यह ग्रह किस प्रकार की बीमारियों के लिए होता है जिम्मेदार और इसके रोगों से छुटकारा पाने के लिए क्या करें उपाय?

Budh Grah Upay: ज्योतिष शास्त्र में बुध ग्रह को बुद्धि, एकाग्रता, वाणी, त्वचा, सौंदर्य और सुगंध का कारक माना जाता है. यदि किसी जातक की कुंडली में बुध ग्रह अशुभ स्थिति में हो तो उसे कई प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है. यहां आप जान सकते हैं बुध किस प्रकार की बीमारियों के लिए जिम्मेदार होता है और इसके रोगों से छुटकारा पाने के लिए क्या उपाय करें?

Budh Grah
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 22 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 4:38 PM IST

बुध मुख्यतः पृथ्वी तत्व का स्वामी है. यह ज्ञानेन्द्रियों और संचार तंत्र से संबंध रखता है. यह चीजों को समझने की शक्ति देता है. इसका संबंध कान, नाक और गले से होता है . साथ ही यह मष्तिष्क के तंत्र को भी प्रभावित करता है. बुध का संबंध त्वचा की समस्याओं से भी होता है. ज्योतिष शास्त्र में बुध ग्रह को बुद्धि, एकाग्रता, वाणी, त्वचा, सौंदर्य और सुगंध का कारक माना जाता है. बुद्ध से बुद्धि की प्रखरता आती है. गणितीय और आर्थिक मामलों में सफलता मिलती है. जातक कुंडली में बुध ग्रह अशुभ स्थिति में हो तो उसे कई प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है. बुध के कमजोर होने पर व्यक्ति अपनी बुद्धि का सही प्रयोग नहीं कर पाता. व्यक्ति चीजों को समझने में समय लेता है और अक्सर दुविधा का शिकार हो जाता है. बुध कमजोर होने पर व्यक्ति अच्छी तरह बोल नहीं पाता. कभी-कभी हकलाहट की समस्या भी हो जाती है. ऐसी समस्या होने पर नित्य प्रातः ब्रश करने के बाद तुलसी के पत्तों का सेवन करें. इसके बाद ॐ ऐं सरस्वतयै नमः का 108 बार जाप करें. हर बुधवार को गणेश जी को दूर्वा अर्पित करें. इस दूर्वा को अपने पास रखे रहें.

यदि बुध कान-नाक गले की समस्या दे रहा हो तो क्या करें 
बुध के खराब होने पर संचार तंत्र की समस्या हो सकती है. व्यक्ति को सुनने या सूंघने की समस्या हो सकती है. ज्यादा खराब होने पर बोलने की समस्या भी हो जाती है. बुध कमजोर हो तो कुछ समय बाद ये समस्याएं दूर हो जाती हैं. ऐसी समस्या होने पर प्राणायाम बहुत लाभकारी होता है. साथ ही संगीत और मंत्र जप से भी लाभ होता है. सलाह लेकर एक पेरिडॉट भी धारण करना चाहिए. 

यदि बुध त्वचा की समस्या दे रहा हो तो क्या करें 
बुध की त्वचा की समस्या में त्वचा पर झुर्रियां पड़ जाती हैं. कभी-कभी त्वचा रूखी और खराब सी हो जाती है. त्वचा पर दाने आ जाते हैं और छोटे-छोटे धब्बे से आ जाते हैं. बुध की त्वचा की समस्या में छोटी-छोटी झाइयां पड़ जाती हैं. ऐसे में खान पान को हमेशा शुद्ध रखें. सूर्य को नियमित जल अर्पित करें. सौंदर्य प्रसाधन का प्रयोग कम से कम करें. सलाह लेकर एक पन्ना अवश्य धारण करें. 

बुध ब्रेन या न्यूरो से संबंधित समस्या दे रहा हो तो क्या करें 
बुध ब्रेन के न्यूरॉन्स का स्वामी है. यह दिमाग को ठीक से काम करने में मदद करता है. इसके कमजोर होने पर याददाश्त की समस्या हो जाती है. बुध खराब हो तो अल्जाइमर की समस्या हो सकती है. हाथ-पैरों में कंपन की समस्या भी हो सकती है. ऐसी स्थिति में प्राणायाम लाभकारी होता है. हरे रंग का अधिक से अधिक प्रयोग करना चाहिए. सलाह लेकर एक पन्ना या नीलम धारण करना चाहिए. 

गणित या गणितीय विषयों में समस्या होती हो तो क्या करें
बुध के कमजोर होने पर गणित विषय में अक्सर समस्याएं होती हैं. गणित से मिलते-जुलते विषय जैसे एकाउंट्स, इकोनॉमिक्स या सांख्यिकी में भी समस्या होती है. व्यक्ति को बार-बार इन विषयों में असफलता का सामना करना पड़ता है. कभी-कभी तो पढ़ाई के शाखा या विषय को ही बदल देना पड़ता है. ऐसी स्थिति में जबरदस्ती ऐसे विषय का चुनाव न करें. नित्य प्रातः और सायं ॐ बुं बुधाय नमः का जाप करें. अपने पढ़ने के स्थान पर हरे रंग की कोई मूर्ति लगाएं. खाने में थोड़ी सी हरी मिर्च का प्रयोग करें.

 

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