हल्दी एक विशेष प्रकार की औषधि है, जिसमे दैवीय गुण भी होते हैं. हिंदू धर्म में हल्दी को शुभ और मंगल लाने वाला माना जाता है. यह न केवल खाने के स्वाद को बढ़ाती है बल्कि जीवन में संपन्नता भी लाती है. मुख्य रूप से हल्दी विषरोधक होती है और नकारात्मक ऊर्जा को नष्ट करती है, इसीलिए हल्दी का प्रयोग हवन और औषधियों में भी किया जाता है.
ज्योतिष में हल्दी का महत्व
हल्दी कई रंगों की होती है और इन्हीं रंगों के आधार पर इसका ग्रहों से संबंध होता है. हल्दी पीले, नारंगी और काले रंग की होती है. पीली हल्दी बृहस्पति से संबंध रखती है. नारंगी हल्दी मंगल से और काली हल्दी शनि से संबंध रखती है. ज्योतिष में बृहस्पति को मजबूत करने के लिए और बृहस्पति संबंधी समस्याओं के निवारण के लिए पीली हल्दी का प्रयोग किया जाता है.
हल्दी के चमत्कारी प्रयोग
1. यदि विवाह संबंधी समस्या हो तो नित्य प्रातः जल में हल्दी मिलाकर सूर्यदेव को जल अर्पित करें.
2. यदि वाणी की शक्ति बढ़ानी हो तो नित्य प्रातः स्नान के बाद हल्दी का तिलक माथे और कंठ पर लगाएं.
3. यदि धन की बचत करनी हो तो धन स्थान पर हल्दी की दो गांठें रखें.
4. यदि बृहस्पति से लाभ लेना हो तो पीले धागे में हल्दी गले में धारण करें.
5. नकारात्मक ऊर्जा को नष्ट करने के लिए शरीर पर हल्दी लगाकर स्नान करें.
6. गुरुवार के दिन हल्दी का दान करने या उससे जुड़े उपाय करने से गुरु ग्रह मजबूत होते हैं.
7. गुरुवार के दिन एक मुट्ठी चावल लें और उसे हल्दी से पीला कर दें. अब इन चावलों को लाल कपड़े में बांधकर पर्स या तिजोरी में रख दें. अटका धन वापस मिल जाएगा.
8. गुरुवार के दिन भगवान विष्णु या बृहस्पति देव को हल्दी की माला चढ़ाने से शुभ फल प्राप्त होते हैं.
9. मां लक्ष्मी की मूर्ति या तस्वीर पर हल्दी का तिलक लगाने से घर में धन की वृद्धि होती है.