ज्योतिष में नौ ग्रहों का संबंध व्यक्ति के जीवन और शरीर से जोड़ा जाता है. मान्यता है कि शरीर में मौजूद पांच तत्व और तीन धातुएं अलग-अलग ग्रहों से प्रभावित होती हैं. जब इनका संतुलन बिगड़ता है तो स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां हो सकती हैं. ये ज्योतिषीय मान्यताएं हैं.
ज्योतिष में सूर्य को ग्रहों का राजा माना जाता है. इसे हड्डियों, आंखों, हृदय और पाचन से जुड़ा माना जाता है. सूर्य को मजबूत करने के लिए सुबह जल्दी उठने, सूर्य को जल देने और तांबे के बर्तन का पानी पीने जैसे उपाय बताए जाते हैं. भोजन में गेहूं की दलिया शामिल करने की भी मान्यता है.
चंद्रमा को मन और सोच से जोड़ा जाता है. ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार कमजोर चंद्रमा से चिंता, बेचैनी और नींद से जुड़ी परेशानी हो सकती है. इसके लिए देर रात तक जागने से बचने, शिव पूजा करने और चांदी धारण करने जैसे उपाय बताए जाते हैं.
मंगल का संबंध रक्त, शरीर की ताकत और रोगों से लड़ने की क्षमता से जोड़ा जाता है. ज्योतिष में मंगल से जुड़ी परेशानियों के लिए मंगलवार का व्रत रखने, गुड़ खाने और मिट्टी के घड़े का पानी पीने जैसे उपाय बताए गए हैं.
बुध को रोगों से बचाव, त्वचा और कान-नाक-गले से जुड़ा माना जाता है. इसके लिए हरी सब्जियां और सलाद खाने, सुबह की हल्की धूप लेने तथा तुलसी का सेवन करने की सलाह ज्योतिषीय मान्यताओं में मिलती है.
बृहस्पति को शरीर के स्वास्थ्य और पेट से जोड़ा जाता है. इसके लिए सूर्य को हल्दी मिला जल चढ़ाने और हल्दी का तिलक लगाने जैसे उपाय बताए जाते हैं. वहीं शुक्र का संबंध हार्मोन, शुगर, मूत्र और आंखों से जोड़ा जाता है. इसके लिए संतुलित भोजन और सुबह टहलने की बात कही जाती है.
शनि को लंबे समय तक चलने वाली परेशानियों और शरीर के दर्द से जोड़ा जाता है. इसके लिए सादा भोजन और साफ-सुथरे वातावरण की बात कही जाती है. राहु और केतु को ज्योतिष में रहस्यमयी स्वास्थ्य समस्याओं से जोड़ा जाता है. इनके लिए सात्विक भोजन, पूजा, स्नान और जरूरतमंदों को भोजन कराने जैसे उपाय बताए जाते हैं.