ज्योतिष शास्त्र में धातुओं का विशेष महत्व बताया गया है. हर धातु किसी न किसी ग्रह से जुड़ी होती है और हमारे शरीर व ऊर्जा पर प्रभाव डालती है. सही धातु और सही आकृति पहनने से व्यक्ति को लाभ हो सकता है. हर धातु अपने आप में ऊर्जा का एक बड़ा स्रोत है. धातुओं का प्रयोग करके हम स्वास्थ्य, मन और सोच को बदल सकते हैं. धातुओं के सही प्रयोग से तुरंत लाभ होना आरम्भ हो जाता है. इनका प्रयोग कड़ा या छल्ला पहनकर किया जा सकता है.
किस धातु का क्या है महत्व और प्रभाव
1. स्वर्ण: दुनिया की सारी धातुओं में सबसे ऊर्जावान धातु स्वर्ण है. इस धातु का सीधा सम्बन्ध बृहस्पति से होता है. पाचन तंत्र, क्रोध और प्रशासन पर ये सीधा असर डालता है. कन्या, मकर और कुम्भ राशि के लिए ये धातु शुभ प्रभाव नहीं देती.
2. चांदी: यह धातु अत्यंत शीतल और औषधीय प्रभाव युक्त होती है. इसका सीधा सम्बन्ध चन्द्रमा से होता है. यह धातु शरीर में कफ और जल तत्व को नियंत्रित करती है. इसके अलावा यह धातु मन पर भी असर डालती है. मेष, सिंह, धनु और मकर राशि के लिए यह धातु आम तौर पर पर बेहतर नहीं होती.
3. तांबा: इस धातु का गुण जल और अग्नि का मिला जुला होता है. तांबा आम तौर पर औषधीय धातु है और इसका सीधा सम्बन्ध सूर्य और मंगल से होता है. त्वचा, रक्त प्रवाह और पाचन तंत्र पर इसका असर पड़ता है. मिथुन, कन्या और तुला राशि के जातकों के लिए यह धातु अनुकूल नहीं होती.
4. लोहा: सारी धातुओं में सबसे ज्यादा रहस्यमयी धातु लोहा मानी जाती है. यह शनि देव की धातु मानी जाती है. रक्त प्रवाह, हड्डियों और बालों तथा कोशिकाओं पर इस धातु का असर ज्यादा पड़ता है. यह धातु मकर और कुम्भ राशि के लिए सबसे ज्यादा अनुकूल होती है और सिंह राशि के लिए सबसे ज्यादा प्रतिकूल.
5. स्टील: हालांकि इसके गुण लोहे से काफी मिलते जुलते हैं लेकिन यह धातु राहु-केतु की धातु है. इसका सम्बन्ध दुर्घटनाओं, संचार और शक्ति से होता है. जिन-जिन लोगों को दुर्घटनाओं की, संचार की बीमारियों की या बार-बार उतार-चढ़ाव की समस्या हो, ऐसे लोगों के लिए ये धातु अदभुत परिणाम देती है.
6. पीतल: यह धातु शुद्ध रूप से अग्नि तत्व की धातु है और इसमें कुछ अंश जल तत्व का पाया जाता है. इस धातु का सम्बन्ध बृहस्पति और चन्द्रमा से होता है. इस धातु का असर शरीर के पित्त, त्वचा और आंखों पर पड़ता है. मेष, कर्क, सिंह, धनु और मीन राशि के लिए यह धातु शुभ परिणाम देती है.