वैदिक ज्योतिष में जन्म कुंडली को व्यक्ति के जीवन का एक शीशा यानी दर्पण माना जाता है. ज्योतिषी शैलेंद्र पाण्डेय ने बताया कि लग्न जन्म कुंडली का सबसे महत्वपूर्ण बिंदु होता है. यह जातक के शारीरिक गठन, व्यक्तित्व, स्वास्थ्य, चरित्र और जीवन के दृष्टिकोण को निर्धारित करता है. इसके आधार पर ही भविष्यवाणियों की सटीकता तय होती है. लग्न यह तय करता है कि आप जीवनसाथी के साथ कैसा व्यवहार करेंगे और आपकी अपेक्षाएं क्या हैं?
मेष लग्न
इस लग्न में वैवाहिक जीवन में तनाव रहता है. ये लोग काफी उम्र बीत जाने के बावजूद सेटल नहीं हो पाते. इनके साथ दुर्घटनाएं होने की संभावना काफी होती है. इनको नियमित रूप से सूर्य देव की उपासना करनी चाहिए.
वृष लग्न
इनके लिए जल्दी विवाह करना अच्छा नहीं होता. ये बहुत जिद्दी और उग्र स्वभाव के हो जाते हैं. ये विपरीत लिंग के लोगों के द्वारा जल्दी बेवकूफ बन जाते हैं. इनको नियमित रूप से शनि की उपासना करनी चाहिए.
मिथुन लग्न
ये बहुत ज्यादा आलसी होते हैं. अक्सर संतान के मोह में गड़बड़ियां करते हैं. ये पारिवारिक जिम्मेदारियां बिलकुल नहीं उठाना चाहते. इनको नियमित रूप से श्री हरि की उपासना करनी चाहिए.
कर्क लग्न
इनका वैवाहिक जीवन कभी अच्छा नहीं होता. संतान की तरफ से हमेशा कष्ट मिलता है. निर्णय लेने में अक्सर भावनात्मक हो जाते हैं. इनको नियमित रूप से भगवान शिव की आराधना करनी चाहिए.
सिंह लग्न
ये बड़े रूखे और अक्खड़ स्वभाव के होते हैं. जल्दी विवाह करने पर अवश्य दिक्कतें आती हैं. अपने सहयोगियों और परिवारजनों के साथ अच्छा तालमेल नहीं होता. इनको नियमित रूप से सूर्य देव की उपासना करनी चाहिए.
कन्या लग्न
ये सनक की हद तक सफाई और क्लास के शौकीन होते हैं. अक्सर जीवनसाथी बिलकुल विपरीत स्वभाव का मिलता है. बहुत जल्दी एक तरह के काम से बोर हो जाते हैं. इनको नियमित रूप से भगवान कृष्ण की उपासना करनी चाहिए.
तुला लग्न
इनके लिए जल्दी विवाह संघर्ष बढ़ा देता है. कभी-कभी ये अपने आदर्शों के कारण तानाशाह हो जाते हैं. दिखावे के चक्कर में काफी धन का नुकसान करते हैं. इनको नियमित रूप से दान और ध्यान करना चाहिए.
वृश्चिक लग्न
इनको बदला लेने की बुरी आदत होती है. अक्सर अपने गुरु या मार्गदर्शक के साथ मतभेद हो जाता है. जीवनसाथी या तो रहता नहीं या अलगाव हो जाता है. इनको नियमित रूप से शिव जी की उपासना करनी चाहिए.
धनु लग्न
इनको क्रोध और उग्रता की काफी समस्या होती है. जाने अनजाने काफी पैसा व्यर्थ में खर्च होता रहता है. संतान की तरफ से इनको अवश्य कष्ट का सामना करना पड़ता है. भगवान सूर्य की उपासना इनके लिए लाभकारी होती है.
मकर लग्न
बहुत जल्दी उदास और निराश हो जाते हैं. पारिवारिक जीवन से कभी संतुष्ट नहीं होते. अक्सर स्नायु तंत्र या आर्थराइटिस की समस्या हो जाती है. इनको नियमित रूप से शनि की उपासना करनी चाहिए.
कुम्भ लग्न
इनको शुरुआत जीवन में काफी संघर्ष करना पड़ता है. अक्सर जीवनसाथी पूरी तरह से विपरीत स्वभाव का होता है. जीवन में अकेलापन और अवसाद इनको जल्दी घेर लेता है. इनको ध्यान और पूजा उपासना पर विशेष ध्यान देना चाहिए.
मीन लग्न
इनको अपनी बुराई और सुझाव बर्दाश्त नहीं होता. बहुत जल्दी इनको ईर्ष्या का भाव आ जाता है. इनको नशे की आदत बहुत जल्दी लग जाती है. इनको शिव की पूजा विशेष फलदायी होती है.