जनवरी में शादी का मुहूर्त नहीं, फरवरी में विवाह के लिए कई तारीखें

खरमास समाप्त हो गया है. अब शुभ काम हो सकते हैं. लेकिन क्या अब जनवरी महीने में विवाह हो सकते हैं? ज्योतिषाचार्यों के अनुसार जनवरी में विवाह की तिथियां नहीं बन रही हैं. लेकिन फरवरी में विवाह के लिए एक के बाद एक तिथियां बन रही हैं.

Auspicious time for marriage
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 14 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 8:44 PM IST

मकर संक्रांति के साथ खरमास समाप्त हो गया है, लेकिन जनवरी में विवाह के शुभ मुहूर्त नहीं हैं. ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, शुक्र ग्रह के अस्त होने के कारण जनवरी में विवाह की तिथियां नहीं बन रही हैं. फरवरी से विवाह के शुभ मुहूर्त शुरू होंगे.

खरमास खात्म-
मकर संक्रांति का पर्व देशभर में धूमधाम से मनाया जा रहा है. गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी है. खरमास समाप्त होने के बावजूद जनवरी में विवाह के मुहूर्त नहीं हैं. ज्योतिषाचार्य अरविंद शुक्ला ने बताया कि शुक्र और बृहस्पति ग्रहों की स्थिति विवाह के लिए महत्वपूर्ण होती है.

विवाह के शुभ मुहूर्त-
जनवरी में विवाह के लिए कोई शुभ तिथि नहीं है. फरवरी में 3, 5, 6, 8, 10, 12, 14, 19, 20 और 21 तारीखें शुभ मानी जा रही हैं. डॉक्टर सुमित्रा अग्रवाल ने बताया कि शुक्र ग्रह 1 फरवरी तक अस्त रहेंगे, जिसके कारण जनवरी में विवाह संभव नहीं है.

राशियों के मुताबिक दान की सलाह-
मकर संक्रांति पर दान का विशेष महत्व है. ज्योतिषाचार्यों ने बताया कि दान करते समय अपनी राशि और ग्रहों की स्थिति का ध्यान रखना चाहिए. मेष राशि वाले लाल कपड़ा और तांबा दान कर सकते हैं, जबकि वृष राशि वाले सफेद कपड़ा और चावल दान करें.

खर्च पर कंट्रोल की सलाह-
ज्योतिषाचार्य आचार्य गौरव ने बताया कि मकर राशि में पांच ग्रहों का योग बन रहा है, जो आर्थिक स्थिति पर प्रभाव डाल सकता है. उन्होंने सलाह दी कि लोग अपने खर्चों पर नियंत्रण रखें और फाइनेंशियल सुरक्षा का ध्यान रखें.

शुभ कार्य और ग्रहों का प्रभाव-
जनवरी में शुभ कार्यों के लिए कुछ विशेष तिथियां हैं. गुप्त नवरात्रि 19 जनवरी से शुरू हो रही है, जो शुभ कार्यों के लिए उपयुक्त है. आचार्य अरविंद शुक्ला ने बताया कि सर्वार्थ सिद्धि योग और अमृत योग जैसे विशेष योगों में शुभ कार्य किए जा सकते हैं.

ज्योतिषाचार्य वान्या रज्जी ने बताया कि विवाह के लिए कुंडली मिलान में नाड़ी दोष, भकुट दोष और ग्रह मैत्री का विशेष ध्यान रखना चाहिए. उन्होंने कहा कि गुणों का अत्यधिक मेल भी विवाह में समस्याएं पैदा कर सकता है.

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