शनि देव व्यक्ति के कर्म और उसके फल के स्वामी हैं. जीवन में हर कर्म के शुभ या अशुभ फल शनि देव ही प्रदान करते हैं. ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक शनि की चाल धीमी होने के कारण किसी राशि में इसका गोचर लंबे समय तक प्रभाव डालता है. आपको मालूम हो कि साल 2026 में तो शनि देव राशि परिवर्तन नहीं करेंगे, लेकिन अगले साल यानी 2027 में शनि देव का गोचर होने वाला है. साल 2027 में शनि देव मेष राशि में प्रवेश करेंगे. यहां आप जान सकते हैं किन-किन राशिओं पर शनि के गोचर का प्रभाव पड़ेगा और क्या सावधानी बरतनी चाहिए?
शनि और मंगल ग्रह के संबंध को नहीं माना जाता अनुकूल
ज्योतिष गणना के मुताबिक 3 जून 2027 को शनि देव पहली बार मेष राशि में प्रवेश करेंगे. इसके बाद वक्री अवस्था में शनि देव वापस मीन राशि में लौटेंगे. फिर शनि देव 23 फरवरी 2028 को मेष राशि में स्थायी रूप से गोचर करेंगे. आपको मालूम हो कि मेष राशि मंगल की राशि है. ज्योतिष में शनि और मंगल ग्रह के संबंध को अनुकूल नहीं माना जाता. ऐसे में शनि ग्रह के इस गोचर को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
शनि देव के गोचर का इन राशियों पर पड़ेगा प्रभाव
1. वृषभ राशि: शनि देव के साल 2027 में मेष राशि में प्रवेश करते ही वृषभ राशि वालों के लिए साढ़ेसाती का पहला चरण शुरू होगा. इस दौरान वृषभ राशि वालों को आर्थिक मामलों में विशेष सावधानी बरतने की जरूरत पड़ सकती है. वृषभ राशि वालों के खर्च बढ़ने, कर्ज का बोझ बढ़ने या साझेदारी से जुड़े मामलों में परेशानी आ सकती है. परिवार-रिश्तेदार और करीबी लोगों के साथ मतभेद भी हो सकते हैं. इस दौरान किसी भी बड़े आर्थिक फैसले में जल्दबाजी से बचना बेहतर रहेगा.
2. मीन राशि: शनि देव के साल 2027 में मेष राशि में प्रवेश मीन राशि वालों के लिए भी अच्छा नहीं माना जा रहा है. शनि देव के इस गोचर से मीन राशि के जातकों का इनकम और खर्च के बीच संतुलन बिगड़ सकता है. अचानक खर्च बढ़ने की स्थिति बन सकती है. इतना ही नहीं, मीन राशि के वैसे जातक जो कारोबार करते हैं उनको व्यापार में उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ सकता है. परिवार में आपसी तालमेल बनाए रखने की जरूरत होगी. मेहनत के बावजूद अपेक्षित परिणाम न मिलने पर मानसिक तनाव बढ़ सकता है.
3. मेष राशि: शनि देव के साल 2027 में मेष राशि में प्रवेश करने से मेष राशि वालों की जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं. चूंकि शनि देव का गोचर मेष राशि में ही होने वाला है, ऐसे में इस राशि के जातकों पर इसका प्रभाव व्यापक रूप से पड़ेगा. आर्थिक मामलों में दबाव बढ़ने और खर्च अधिक होने की स्थिति बन सकती है. कारोबार में सफलता पाने के लिए बहुत अधिक मेहनत करनी पड़ सकती है. इतना ही नहीं, परिवार में मतभेद और विवाद की स्थिति से बचने के लिए गुस्से पर नियंत्रण रखना जरूरी होगा. इस दौरान मेष राशि वालों को धैर्य और संयम के साथ फैसले लेना होगा.
शनि देव के प्रभाव को कम करने के लिए क्या करें
1. शनि देव की कृपा पाने के लिए शनिवार को शनि मंदिर में दर्शन करें.
2. पीपल के पेड़ के सामने सरसों के तेल का दीपक जलाएं.
3. हनुमान चालीसा का पाठ करें.
4. भगवान शिव की आराधना भी शनि से जुड़े कष्टों में राहत के लिए की जाती है.