Negative Energy in Home: वास्तुशास्त्र सिर्फ घर की दिशाएं बताने का तरीका नहीं है, बल्कि यह जीवन में शांति, सकारात्मकता, खुशहाली और स्थिरता लाने का एक सरल और पुराना तरीका माना जाता है. भारत में लोग कई वर्षों से वास्तु के नियमों को मानते आए हैं. यदि घर में घुसते ही आपका मन अशांत हो जाता हो या आपको उदासी महसूस होती हो, घर का माहौल भारी-भारी सा लगता हो तो समझना चाहिए कि घर में काफी नकारात्मक ऊर्जा है. आपका बृहस्पति कमजोर है और घर में शुभ अंश घट रहा है. ज्योतिषी शैलेंद्र पाण्डेय ने बताया कि ऐसी दशा में रोज शाम को घर में पूजा स्थान पर दीपक जलाएं. पूरे घर में गुग्गल कि धूप या अगरबत्ती जलाएं.
यदि घर में इलेक्ट्रॉनिक्स के सामान बार-बार हो जाते हैं खराब
यदि घर में इलेक्ट्रिकल-इलेक्ट्रानिक्स के सामान लगातार खराब हो जाते हों या बल्ब और ट्यूब लाइट बार-बार फ्यूज हो जाती हो तो समझना चाहिए कि राहु खराब हो रहा है. इसके बाद दुर्घटना की संभावनाएं बढ़ जाती हैं. ऐसी दशा में घर में मुख्य स्थानों पर लाल स्वस्तिक लगा दें और घर में गंदगी इकट्ठा न होने दें.
यदि घर में बार-बार बिना किसी कारण हो जाता हो झगड़ा
यदि घर में बार-बार बिना किसी कारण झगड़ा हो जाता हो, वाद-विवाद इतना बढ़ जाता हो कि रिश्ते टूटने की नौबत आ जाती हो, सदस्यों में मनमुटाव बढ़ रहा हो तो समझना चाहिए कि आपके परिवार के लिए मंगल की स्थिति बेहतर नहीं है. इसके लिए घर में पर्याप्त सूर्य के प्रकाश की व्यवस्था करें. शनिवार की शाम को घर के सभी लोग मिलकर सुंदरकांड का पाठ करें.
घर में कोई न कोई बीमार ही रहता हो
यदि घर में कोई न कोई बीमार रहता हो, घर की आय दवाइयों में जा रही हो, बिना किसी कारण के लोग बीमार ही रहते हों तो समझना चाहिए कि घर में सूर्य का प्रभाव कमजोर है. ऐसी दशा में नित्य प्रातः घर में गायत्री मंत्र का बोल बोलकर 108 बार जाप करें. दोनों समय भोजन बन जाने के बाद पहले भगवान को समर्पित करें, फिर ग्रहण करें.
घर के बड़ों में बहस ज्यादा होती हो
घर के बड़ों में बहस ज्यादा होती हो तो घर के मुख्य द्वार को साफ-सुथरा रखें. मुख्य द्वार पर एक तांबे का सूर्य लगाएं. नेम प्लेट काले रंग की बिलकुल न रखें.