हिंदू धर्म में शनि देव को कर्मफल दाता और न्याय के देवता माना जाता है. पंडित शैलेंद्र पांडेय ने बताया कि शनि देव की कृपा पाने के लिए काले तिल का उपयोग कैसे करना चाहिए? काला तिल शनि के नकारात्मक प्रभावों को कम करता है
आपको मालूम हो कि तिल एक पौधे से प्राप्त होने वाला बीज है. इसके अंदर तैलीय गुण पाए जाते हैं. तिल के बीज दो तरह के सफेद और काले होते हैं. गुणों में दोनों ही लगभग एक समान होते हैं लेकिन शनि के लिए काले तिल का प्रयोग होता है. तिल स्वभाव से भारी, रोगनाशक, वातनाशक तथा केशवर्धक होता है. तिल के दाने संतानोत्पत्ति की क्षमता को और कैल्शियम के तत्व को मजबूत करते हैं. सामान्यतः पूजा के दीपक में और पितृ कार्य में तिल के तेल का प्रयोग ज्यादा होता है. शनि की समस्याओं के निवारण के लिए काले तिल का दानों का प्रयोग किया जाता है
यदि शनि के कारण आयु या रोगों की समस्या हो रही हो तो क्या उपाय करें
शनिवार को शाम में पीपल के वृक्ष के नीचे दीपक जलाएं. शनि मंत्र या शनि चालीसा का पाठ करें. तिल के लड्डुओं का या काले तिल का दान करें. इससे आयु रक्षा होगी और स्वास्थ्य में सुधार होगा.
शनि के कारण दुर्घटना, मुकदमा या अपयश की स्थिति हो तो क्या करें
शनिवार को जल में काला तिल डालकर स्नान करें. इसके बाद सूर्य देव को काले तिल मिले हुए जल से अर्घ्य दें. संध्या काल में तिल से बनी हुई खाद्य सामग्री का दान करें. शनिदेव के मंत्र ॐ शं क्रूराय नमः का जाप करें. ये प्रयोग तीन शनिवार करें.
शनि के कारण रोजगार की समस्या हो तो क्या करें
शनिवार को शाम के समय एक विशेष प्रयोग करें. नीम की या शमी की लकड़ी ले लें. उसे तिल के तेल की सहायता से प्रज्ज्वलित करें. अब तिल के दानों से 108 बार आहुति दें. हर आहुति पर ॐ शं शनैश्चराय स्वाहा कहें. ये प्रयोग तब तक करें, जब तक रोजगार की समस्या दूर न हो.
शनि के कारण विष योग या कोई बुरा योग बना हुआ हो तो क्या करें
नित्य प्रातः सूर्य देव को जल अर्पित करें. जल में काला तिल डालें. हर शनिवार की शाम को बहते हुए जल में काला तिल डालें. इससे कुंडली के बुरे योग समाप्त हो जाएंगे.
शनि की साढ़ेसाती या ढैया चल रही हो तो क्या करें
रोज सुबह स्नान के जल में काले तिल के दाने डालें. अब इसी जल से स्नान करें. घर से निकलते समय कुछ तिल के दाने चबाकर निकलें. हर शनिवार को शाम को घर के मुख्य द्वार पर तिल के तेल का दीपक जलाएं.