ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक बच्चे की आदतों, स्वभाव और व्यवहार का सीधा संबंध मुख्य रूप से बुध, चंद्रमा, राहु-केतु और शुक्र की ग्रहों से होता है. बच्चे के ऊपर सामान्यतः 8 वर्ष तक चंद्रमा का प्रभाव होता है. कभी-कभी यह प्रभाव 12 वर्ष तक भी रहता है. इसके बाद बच्चे पर बुध का प्रभाव आना आरम्भ होता है. कुल मिलाकर शुरुआत में चंद्रमा और बाद में बुध बच्चे की आदतों पर असर डालते हैं. बचपन में राहु-केतु या शुक्र की दशा भी बच्चों पर गहरा असर डालती है.
यदि बच्चा झूठ बोलता हो
दूसरे भाव के दूषित होने पर बच्चा झूठ बोलने लगता है. इस भाव से शनि और राहु का संबंध हो तो बच्चे को झूठ बोलने की आदत हो जाती है. बुध दूषित हो तो बच्चा झूठ बोलकर दूसरों को बेवकूफ बनाता है.
उपाय: बच्चे को प्रातः तुलसी दल ग्रहण करवाएं. बच्चे को गायत्री मंत्र बोलने का अभ्यास करवाएं. बच्चे को गले में चांदी का स्वस्तिक धारण करवाएं. बच्चे को तीखी चीजें न खिलाएं.
यदि बच्चा चोरी करता हो
राहु का ज्यादा प्रभाव बच्चे के अंदर चोरी की आदत पैदा कर देता है. लग्नेश या चन्द्रमा का दूषित होना भी चोरी करवाता है. कुंडली में पृथ्वी तत्व गड़बड़ हो तो भी ये आदत पैदा होती है.
उपाय: बच्चे को फास्ट फूड खाने से बचाएं. बच्चे को गाढ़े रंग कम से कम पहनाएं. बच्चे से सुबह सूर्य को जल अर्पित करवाएं. बच्चे को चन्दन का टुकड़ा नीले धागे में गले में पहनाएं. बच्चे को सप्ताह में एक बार किसी धर्म स्थान पर जरूर ले जाएं.
बच्चा गलत आकर्षण में पड़ गया हो
चन्द्रमा की खराब स्थिति के कारण गलत आकर्षण की संभावना बन जाती है. शुक्र दूषित हो तो भी बच्चा गलत आकर्षण में पड़ जाता है. गुरु चांडाल योग में भी बच्चे के गलत आकर्षण में पड़ने के योग होते हैं.
उपाय: बच्चे को सुगंध और आभूषणों के प्रयोग से बचाएं. हीरा बिलकुल धारण न करवाएं. बच्चे को प्रातः और सायं हनुमान चालीसा का पाठ करवाएं. बच्चे के स्नान के जल में जरा सी हल्दी मिलाएं. बच्चे के हाथ से शुक्रवार को सफेद फूल भगवान को अर्पित करवाएं.
कैसे आती हैं गलत खान-पान की आदतें
बच्चों में गलत खान-पान की आदतें कैसे आती है. गुरु और बुध को मुख्य रूप से दूसरे भाव का कारक माना जाता है. गुरु और बुध नीच राशि मे होने से या पीड़ित होने से खान पान की समस्या हो जाती है. कुंडली के दूसरे घर में राहु केतु या शनि मंगल के होने से खान में अक्सर बच्चे गड़बड़ी कर देते है कुंडली के दूसरे भाव मे गुरु राहु की युति भी दूसरे भाव को खराब करती है.
उपाय: जहां तक हो सके जंक फूड से बच्चों को परहेज करवाएं. बच्चों के खाने में हरी पत्तेदार सब्जियां जरूर शामिल करें. दोपहर के समय बच्चों को फल जरूर खिलाएं. बच्चों को खटाई और आर्टिफिशियल रंग और स्वाद वाली चीजों से दूर रखने का प्रयास करें. बच्चों को घर का सादा भोजन कराने की आदत डालें.