Advertisement

Planets Responsible for Diseases: छोटी-छोटी बीमारियों के लिए कौन से ग्रह होते हैं जिम्मेदार, इन रोगों से छुटकारा पाने के लिए ज्योतिष में बताए गए हैं उपाय, यहां जान लीजिए आप 

छोटी-छोटी बीमारियों का ग्रहों से संबंध होता है. शरीर के स्वास्थ्य का मुख्य ग्रह सूर्य होता है. शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता और सुरक्षा का स्वामी मंगल है. चंद्रमा और मंगल दोनों मिलकर छोटी-छोटी बीमारियां देते हैं. यदि घर का ज्यादा धन बीमारियों में खर्च होता हो तो दवाइयां, जिस स्थान पर रखें, वहां एक बड़ा सा स्वस्तिक बना दें. 

Planets Responsible for Diseases
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 26 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 11:00 PM IST

शरीर के स्वास्थ्य का मुख्य ग्रह सूर्य होता है. शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता और सुरक्षा का स्वामी मंगल है. चन्द्रमा और मंगल दोनों मिलकर छोटी-छोटी बीमारियां देते हैं. कभी-कभी इसमें बुध और शुक्र की भूमिका भी होती है. यदि कुंडली में सूर्य या मंगल में से एक भी ग्रह बेहतर हो तो आदमी को छोटी-छोटी बीमारियां भी परेशान नहीं करती. घर का ज्यादा धन बीमारियों में खर्च होता हो तो दवाइयां, जिस स्थान पर रखें, वहां एक बड़ा सा स्वस्तिक बना दें. 

सर्दी-जुकाम और खांसी 
आमतौर पर ये तुरंत होने वाली समस्याएं चंद्रमा और कभी कभी मंगल से संबंध रखती हैं. जिन भी लोगों को ये समस्याएं नियमित रूप से रहती हों ऐसे लोगों को देर रात्रि तक जागने से और देर तक सोने से बचना चाहिए. चांदी के गिलास से पानी पीयें या पीने के पानी के पात्र में एक चांदी का सिक्का डाल कर रखें. 

त्वचा की समस्या 
मुख्य रूप से ये समस्या बुध और आंशिक रूप से मंगल और सूर्य की है. बुध से त्वचा की समस्याएं लम्बे समय तक बनी रहती हैं. ऐसी समस्या वाले लोगों को नियमित रूप से उगते हुए सूर्य को जल अर्पित करना चाहिए. कांसे का एक छल्ला बुधवार को सायं कनिष्ठिका अंगुली में धारण करें. 

आंखों की समस्या 
आंखों की समस्या मुख्य रूप से सूर्य से सम्बन्ध रखती है. कभी-कभी इसका सम्बन्ध शुक्र से भी होता है. आंखों की रौशनी की समस्या हो तो प्रातः काल नंगे पैर घास पर चलना चाहिए तथा नाखून नहीं चबाने चाहिए. आंखों से पानी गिरने की समस्या हो तो सूर्योदय के समय सूर्य के सामने कुछ देर बैठने का अभ्यास करना चाहिए. 

हड्डियों का दर्द और सर दर्द 
यह समस्या सूर्य और शनि से सम्बन्ध रखती है. हालांकि अन्य जगहों के लिए इसमें विभिन्न ग्रहों का योगदान भी है. अगर हड्डियों में दर्द की समस्या हो तो पैरों के अंगूठे में चांदी का छल्ला धारण करें. अन्य दर्द के लिए कनिष्ठिका अंगुली के नीचे के हिस्से को पांच मिनट तक दबाने से दर्द से राहत मिलती है. 

बुखार 
शरीर में कहीं भी ज्यादा गड़बड़ी हो तो बुखार के रूप में सामने आता है. वास्तव में बुखार कोई बीमारी नहीं है. अगर बुखार नियमित रूप से रहता हो तो शरीर को विष मुक्त करने की प्रक्रिया अपनानी चाहिए. हर रविवार को बिना अन्न का उपवास रखें, साथ ही नित्य प्रातः खाली पेट तुलसी के पत्ते खाएं. 

पेट की समस्याएं (गैस, एसिडिटी, कब्ज) 
बृहस्पति और चन्द्रमा से पाचन तंत्र और पेट की समस्याएं पैदा होती हैं. ताम्बे के बर्तन का पानी पीयें या ताम्बे के गिलास से पानी पीयें. इसके साथ ही नियमित रूप से हरे रंग के वस्त्रों का प्रयोग करें. 


 

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Advertisement