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Effects of Planets on Children: बच्चों के स्वभाव पर किन ग्रहों का होता है ज्यादा प्रभाव, जानें बुरी आदतें दूर करने के उपाय

बच्चों के स्वास्थ्य, जीवन और स्वभाव पर सबसे ज्यादा असर चंद्रमा का होता है. इसके बाद किशोरावस्था में बुध का प्रभाव होता है. आम तौर पर शनि का प्रभाव 16 वर्ष तक नहीं होता. यदि शुभ ग्रहों का प्रभाव हो तो बचपन से शुभ संस्कार आते हैं लेकिन यदि पाप ग्रहों का प्रभाव हो तो बच्चे के बिगड़ने की सम्भावना ज्यादा होती है. 

Effects of Planets on Children
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 28 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 3:02 AM IST

बच्चों के स्वास्थ्य, जीवन और स्वभाव पर सबसे ज्यादा असर चंद्रमा का होता है. इसके बाद किशोरावस्था में बुध का प्रभाव होता है. आम तौर पर शनि का प्रभाव 16 वर्ष तक नहीं होता. यदि शुभ ग्रहों का प्रभाव हो तो बचपन से शुभ संस्कार आते हैं लेकिन यदि पाप ग्रहों का प्रभाव हो तो बच्चे के बिगड़ने की सम्भावना ज्यादा होती है. 

कौन से ग्रह बच्चे को ले जाते हैं गलत रास्ते पर 
अगर कुंडली में शनि का प्रभाव ज्यादा हो, खास तौर से लग्न के इलाकों में तो बच्चा झूठ बोलने में माहिर होता है. राहु का असर चंद्रमा पर हो तो बच्चा चोरी और फरेब सीख जाता है. राहु का असर शनि के साथ हो तो बच्चा नशा करना सीख जाता है. संगति बिगड़ जाती है. अगर बच्चे का मंगल बहुत ज्यादा तेज हो तो बच्चा बहुत उपद्रवी होता है. चीखता-चिल्लाता है और अत्यंत क्रोधी होता है. शुक्र का प्रभाव ज्यादा हो तो बच्चा कल्पना में ही रहता है.  

क्या करें उपाय कि बच्चे की झूठ बोलने की आदत छूट जाए 
1. बच्चे को रोज सुबह ब्रश करने के बाद तुलसी के दो पत्ते खिलाएं.
2. चांदी के चौकोर टुकड़े पर ऐं लिखवाकर बच्चे के गले में पहनाएं.
3. बच्चे को फास्ट फूड कम से कम खिलाएं. 

बच्चे की चोरी और फरेब की आदत कैसे छुड़ाएं 
1.
बच्चे को रोज प्रातः हनुमान चालीसा पढ़वाएं या सुनाएं.
2. हर मंगलवार को बच्चे को हनुमान जी के मंदिर ले जाएं. 
3. वहां से उसे तिलक जरूर लगवाएं. 

बच्चे की कुसंगति और नशे की आदत कैसे छुड़ाएं 
1.
बच्चे को नित्य प्रातः पंचामृत ग्रहण करवाएं.
2. रोज प्रातः गायत्री मंत्र का कम से कम तीन बार पाठ करवाएं.
3. बच्चे को फास्ट फूड और बासी खाना बिलकुल न खिलाएं. 

बच्चे की मोबाइल और टीवी की आदत कैसे छुड़ाएं 
1.
बच्चे के आहार पर विशेष ध्यान दें.
2. बच्चे को दोनों समय पूजा या प्रार्थना करना सिखाएं. 
3. बच्चे को नियमित रूप से पंचामृत का सेवन करवाएं. 
4. बच्चे के लिए प्रातः और सायं ऊं रां राहवे नमः का जप करें. 

क्या बच्चों को सौंदर्य प्रसाधन का प्रयोग नहीं करवाना चाहिए 
सौंदर्य प्रसाधन शुक्र और कुछ मात्रा में राहु से सम्बन्ध रखते हैं. बच्चों को सौंदर्य प्रसाधन का प्रयोग करवाने से बच्चों के भटकने की सम्भावना ज्यादा होती है. बच्चों को चन्दन का तिलक और चन्दन की सुगंध तक ही सीमित रखें. बच्चों के कमरे का रंग सफेद या हल्का नीला रखें. इससे बच्चों की एकाग्रता और शिक्षा में सुधार होगा. 

 

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