कभी-कभार पति-पत्नी में नाराजगी आम बात है. यदि आए दिन पति और पत्नी में कलह हो तो यह अच्छी बात नहीं है. पंडित शैलेंद्र पांडेय ने बताया कि पति और पत्नी में झगड़े के पीछे आम तौर पर मंगल और सूर्य होते हैं. यदि बात केवल वाद-विवाद की हो तो हर शनिवार को पीपल वृक्ष की परिक्रमा करें और सरसों तेल का दीपक जलाएं. अगर बात मारपीट और शारीरिक बल प्रयोग तक पहुंच गई हो तो किसी भी तीन शनिवार को अपने वजन के दसवें हिस्से के बराबर काले तिल या काली उरद का दान करें. कभी भी खराब या टूटी हुई चूड़ियां न तो पहनें, न ही घर में रखें. इससे वैवाहिक जीवन में समस्या आनी शुरू हो जाती है.
जब विवाह के बाद पति-पत्नी के विचारों में तालमेल न बैठ पाए
जब पति-पत्नी की राशियों में मित्रता न हो तो ऐसी समस्या हो जाती है. पति के विचार और पत्नी के विचार मेल नहीं खाते . अगर ग्रहों में शत्रुता हो तो रोज वाद विवाद होता रहता है.
उपाय: ऐसी दशा में पति-पत्नी को नियमित रूप से शिव जी की उपासना करनी चाहिए. हर सोमवार को सफेद वस्तुओं का दान करना चाहिए या तो बैडरूम में सफेद फूल लगाएं या सफेद फूलों के चित्र.
जब विवाह के बाद पति-पत्नी को दूर-दूर रहना पड़े
जब विवाह के तुरंत बाद शनि या राहु की दशा आ जाय तो पति-पत्नी को दूर-दूर रहना पड़ता है. यहां करियर या नौकरी के कारण दूर रहना पड़ता है और काफी प्रयासों के बावजूद भी पति-पत्नी एक साथ नहीं रह पाते.
उपाय: पति-पत्नी को नियमित रूप से मधुराष्टक का पाठ करना चाहिए. हर शनिवार को पीपल के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाना चाहिए. अपने शयन कक्ष में उत्तर की दीवार पर पति-पत्नी का संयुक्त चित्र लगाना चाहिए.
जब विवाह के बाद पति-पत्नी का स्वास्थ्य समस्याएं दे रहा हो
पति-पत्नी में से कोई एक मंगली हो या दोनों की राशियों के तत्व अलग-अलग हों तो इस तरह की समस्या पैदा होती है. पत्नी का बृहस्पति ज्यादा खराब हो तो भी यह समस्या हो जाती है.
उपाय: घर में हर मंगलवार और शनिवार को सुंदरकांड का पाठ करें. पूजा के स्थान पर भगवान शिव और माता पार्वती की स्थापना करें. पत्नी नियमित रूप से तुलसी के पौधे की पूजा करे.
जब विवाह के बाद पति-पत्नी के जीवन में परिवार वालों का हस्तक्षेप हो
आम तौर पर चन्द्रमा के खराब होने पर ऐसी समस्या होती है. जिसका चंद्रमा खराब होता है, उसीके परिवार वालों का हस्तक्षेप ज्यादा होता है. मंगल के कारण कभी-कभी इसमें अलगाव और मुकदमेबाजी की नौबत आ जाती है.
उपाय: घर में ढेर सारे फूलों के पौधे लगाएं. अपने शयनकक्ष और किचन को साफ-सुथरा रखें. घर में सूर्य के प्रकाश की पर्याप्त व्यवस्था करें. घर के मुख्य द्वार पर आम के पत्तों का वंदनवार लगाएं.