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Surya and Shani Dev: सूर्य और शनि ग्रह का संबंध इतना क्यों है महत्वपूर्ण, जानिए यह कैसे हमारे जीवन पर डालता है असर

सूर्य को सात्विकता और शुभता फैलाने वाला ग्रह माना जाता है. यह व्यक्ति के जीवन में प्रकाश फैलाता है. शनि को तामसिक और कठोर ग्रह माना जाता है. यह व्यक्ति के जीवन में संघर्ष और अंधकार पैदा करता है.

Surya Dev and Shani Dev
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 13 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 3:04 AM IST

सूर्य को सात्विकता और शुभता फैलाने वाला ग्रह माना जाता है. यह व्यक्ति के जीवन में प्रकाश फैलाता है. शनि को तामसिक और कठोर ग्रह माना जाता है. यह व्यक्ति के जीवन में संघर्ष और अंधकार पैदा करता है. प्रकाश और अंधकार का मिलन होने के परिणाम बड़े विचित्र होते हैं. इससे सूर्य भी दूषित होता है और शनि भी. सूर्य और शनि का संबंध दो रिश्तों पर विशेष अशुभ असर डालता है. यह पिता-पुत्र और पति-पत्नी के संबंधों पर नकारात्मक प्रभाव पैदा करता है. यह कभी-कभी स्वास्थ्य की विशेष समस्याएं भी पैदा करता है. यदि नौकरी में कोई समस्या आ गई हो तो शनिवार को लोहे के पात्र में तेल का दान कर दें. 

सूर्य-शनि का संबंध पिता-पुत्र के संबंधों में कैसे डालता है असर 
पिता और पुत्र का आपसी व्यवहार कदापि अच्छा नहीं होता. पिता-पुत्र कभी-कभी एक दूसरे से दूर हो जाते हैं. कभी-कभी पिता-पुत्र में से एक ही उन्नति कर पाता है. कभी-कभी लाख प्रयास करने पर पिता या पुत्र का सुख नहीं मिलता.  

उपाय: नित्य प्रातः सूर्य को जल अर्पित करें. इसके बाद वहीं पर खड़े होकर हनुमान चालीसा पढ़ें. एक ताम्बे का छल्ला अनामिका अंगुली में धारण करें. भोजन में चीनी के बजाय गुड का प्रयोग करें. शनिवार को मीठी चीज का दान करें.  

सूर्य-शनि का संबंध किस प्रकार वैवाहिक जीवन पर डालता है असर 
पति-पत्नी एक दूसरे के साथ प्रेम नहीं रख पाते. एक दूसरे को झेलने जैसी स्थिति आ जाती है. कभी-कभी हिंसा और मुकदमेबाजी भी होती है. अगर शनि मजबूत हुआ तो तलाक भी हो जाता है. 

उपाय: नित्य प्रातः काला तिल मिलाकर सूर्य देव को जल अर्पित करें. रोज शाम को तुलसी के नीचे घी का दीपक जलाएं. नमः शिवाय मंत्र का नियमित जप करें. गले में लाल चन्दन की माला धारण करें. 

सूर्य-शनि का संबंध किस प्रकार स्वास्थ्य पर डालता है असर 
इसके कारण हड्डियों की समस्या हो सकती है. कभी-कभी नसों और स्नायु तंत्र की समस्या भी हो जाती है. यह संबंध नेत्र ज्योति के लिए भी अच्छा नहीं माना जाता. 

उपाय: नित्य प्रातः पीपल के वृक्ष में और सूर्य देव को जल अर्पित करें. प्रातःकाल सूर्य मंत्र का जप करें. साथ ही संध्याकाल शनि मंत्र का भी जप करें. शनिवार को खाने की वस्तुओं का दान भी करें.


 

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