केंद्र सरकार के नए श्रम कानून से लाखों कर्मचारियों को बोनस का फायदा मिल सकता है. दरअसल, श्रम और रोजगार मंत्रालय की ओर से जारी नोटिफिकेशन में बोनस को लेकर पात्रता और भुगतान से जुड़े नियम स्पष्ट किए गए हैं. इसके तहत 21 हजार रुपये प्रति माह तक वेतन पाने वाले कर्मचारियों को कुछ शर्तों के साथ बोनस मिलना अनिवार्य होगा. वहीं, 21 हजार रुपये से अधिक वेतन पाने वाले कर्मचारियों के लिए बोनस देना कंपनी की बाध्यता नहीं होगी.
21 हजार रुपये तक सैलरी वालों को मिलेगा बोनस
नए नियम के अनुसार, 21 हजार रुपये प्रति माह से कम वेतन पाने वाला कर्मचारी बोनस का पात्र हो सकता है. इसके लिए जरूरी है कि कर्मचारी ने संबंधित अकाउंटिंग वर्ष में कम से कम 30 दिन काम किया हो. यानी केवल वेतन सीमा पूरी करने से ही बोनस नहीं मिलेगा, बल्कि 30 दिन काम करने की शर्त भी पूरी करनी होगी.
कितना मिलेगा बोनस
पात्र कर्मचारियों को सालाना न्यूनतम 8.33 फीसदी और अधिकतम 20 फीसदी बोनस मिल सकता है. बोनस की गणना 7,000 रुपये प्रति माह या कर्मचारी के लिए लागू न्यूनतम मजदूरी, इनमें से जो राशि ज्यादा होगी, उसके आधार पर की जाएगी.
उदाहरण के तौर पर अगर किसी कर्मचारी की न्यूनतम मजदूरी 12,000 रुपये है, तो बोनस की गणना 12,000 रुपये के आधार पर होगी. वहीं, अगर न्यूनतम मजदूरी 6,000 रुपये है, तो 7,000 रुपये के आधार पर बोनस की गणना की जाएगी.
12 हजार रुपये की सैलरी पर इतना बोनस
मान लीजिए किसी कर्मचारी के लिए बोनस की गणना 12,000 रुपये के आधार पर होती है. ऐसे में न्यूनतम 8.33 फीसदी बोनस का हिसाब इस तरह होगा. 12,000 × 8.33% × 12 = करीब 11,995 रुपये
यानी पात्र कर्मचारी को न्यूनतम करीब 11,995 रुपये सालाना बोनस मिल सकता है. वास्तविक राशि कंपनी और लागू नियमों के अनुसार अधिक भी हो सकती है, क्योंकि अधिकतम बोनस 20 फीसदी तक दिया जा सकता है.
कब तक देना होगा बोनस
नियमों के मुताबिक बोनस की राशि अकाउंटिंग वर्ष खत्म होने के आठ महीने के भीतर कर्मचारी के बैंक खाते में जमा करनी होगी. हालांकि, पर्याप्त कारण होने पर नियोक्ता अवधि बढ़ाने के लिए आवेदन कर सकता है. ऐसी स्थिति में भुगतान की अवधि दो साल तक बढ़ाई जा सकती है.
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