बर्थडे सेलिब्रेशन के लिए एक कस्टमर ने Zomato से खाने के 5 ऑर्डर किए. इनमें से 3 ऑर्डर तो सफलतापूर्वक डिलीवर हो गए, लेकिन करीब 250 के दो ऑर्डर कैंसिल हो गए. कंपनी ने इसकी वजह कस्टमर का फोन नॉट रीचेबल होना बताया. कस्टमर ने जब पैसे वापस मांगे तो मामला सुलझने के बजाय कंज्यूमर कमीशन तक पहुंच गया. अब दिल्ली कंज्यूमर कमीशन ने Zomato को ग्राहक को 8250.61 देने का आदेश दिया है. इसमें ऑर्डर की रकम, ब्याज, मानसिक परेशानी का मुआवजा और मुकदमे का खर्च शामिल है.
भांजी के बर्थडे पर किए थे 5 ऑर्डर
मामला अगस्त 2024 का है. मनोज कुमार Zomato Gold के ग्राहक हैं. उन्होंने अपनी भांजी के बर्थडे सेलिब्रेशन के लिए एक ही पते से Zomato पर 5 अलग-अलग फूड ऑर्डर किए थे. इनमें से 3 ऑर्डर सफलतापूर्वक उनके पते पर पहुंच गए. लेकिन दो ऑर्डर, जिनकी कीमत 146.73 और 103.88 थी, डिलीवर नहीं हुए. दोनों ऑर्डर की कुल कीमत 250.61 थी.
कुमार के मुताबिक, Zomato ने इन दोनों ऑर्डर को कैंसिल कर दिया. कंपनी की तरफ से बताया गया कि डिलीवरी के दौरान उनके फोन पर कई बार कॉल की गई, लेकिन नंबर नॉट रीचेबल था. कुमार का आरोप था कि ऑर्डर कैंसिल होने के बाद भी उन्हें रकम वापस नहीं मिली और कंपनी ने रिफंड देने के बजाय कैंसिलेशन चार्ज लगा दिया.
एक ही पते पर 3 ऑर्डर पहुंच गए, फिर फोन कैसे नहीं लगा?
मामले में कंज्यूमर कमीशन के सामने सबसे अहम सवाल यही बना. अगर ग्राहक का फोन उस समय पहुंच से बाहर था, तो उसी दौरान उसी पते पर किए गए बाकी 3 ऑर्डर कैसे डिलीवर हो गए? कमीशन ने Zomato की दलील को स्वीकार नहीं किया. उसने माना कि कंपनी की तरफ से ऑर्डर डिलीवर न करना और ग्राहक से कैंसिलेशन चार्ज लेना सेवा में कमी के दायरे में आता है. कमीशन ने यह भी माना कि ग्राहक Zomato Gold का सदस्य था, इसलिए उससे बेहतर सेवा की उम्मीद की जाती थी.
नोटिस के बाद भी Zomato ने जवाब नहीं दिया
मामले की सुनवाई के दौरान Zomato की ओर से एक और चूक सामने आई. कंपनी को शिकायत का नोटिस भेजा गया था, लेकिन वह न तो सुनवाई में पेश हुई और न ही तय समय के भीतर अपना लिखित जवाब दाखिल किया. इसके बाद 10 जून 2025 को कमीशन ने Zomato के खिलाफ एकतरफा कार्यवाही शुरू की. दूसरी ओर, मनोज कुमार ने अपने दावे के समर्थन में शपथपत्र, ऑर्डर की जानकारी, कस्टमर सपोर्ट चैट और कंपनी को भेजे गए लीगल नोटिस की कॉपी जैसे दस्तावेज पेश किए. Zomato की तरफ से इन दावों का विरोध नहीं किया गया. ऐसे में कमीशन ने ग्राहक की ओर से पेश सबूतों को बिना चुनौती वाला माना.
250 का विवाद अब हजारों में पड़ा
दिल्ली कंज्यूमर कमीशन ने Zomato को 250.61 की ऑर्डर रकम वापस करने का आदेश दिया है. इस रकम पर ऑर्डर की तारीख से भुगतान होने तक 6% सालाना ब्याज भी देना होगा. इसके अलावा ग्राहक को मानसिक परेशानी, उत्पीड़न और हुई असुविधा के लिए 5,000 मुआवजा और मुकदमे के खर्च के तौर पर 3,000 देने का आदेश दिया गया है. इस तरह कुल रकम 8250.61 होती है. ब्याज जोड़ने पर भुगतान इससे भी अधिक होगा. यह आदेश 11 मई 2026 को दिल्ली कंज्यूमर डिस्प्यूट्स रिड्रेसल कमीशन की बेंच ने दिया. कमीशन ने Zomato को आदेश मिलने के 45 दिनों के भीतर भुगतान करने का निर्देश दिया है.
ये भी पढ़ें: