8th Pay Commission News: केंद्रीय कर्मचारी और पेंशनर्स 8वें वेतन आयोग के लागू होने का इंतजार कर रहे हैं. 8वें पे कमीशन को लागू होते ही कर्मचारियों की सैलरी में भारी बढ़ोतरी की उम्मीद है. अभी 8वें वेतन आयोग की मीटिंग पर मीटिंग हो रही है. इसमें केंद्रीय कर्मचारियों, अधिकारियों और पेंशनर्स व कर्मचारियों के संगठनों से फिटमेंट फैक्टर, एचआरए, डीए आदि को लेकर बातचीत हो रही है. अब पे कमीशन की मीटिंग चंडीगढ़ में 16 सितंबर से हो रही है, जो 18 सितंबर 2026 तक चलेगी. अभी तक के बैठकों में कर्मचारियों के संगठनों ने 8वें पे कमीशन से क्या-क्या मांग की है, आप यहां जान सकते हैं.
फिटमेंट फैक्टर अधिक से अधिक रखने की मांग
आपको मालूम हो कि फिटमेंट फैक्टर एक मल्टीप्लायर नंबर होता है. इसके आधार पर केंद्रीय कर्मचारियों की मौजूदा बेसिक सैलरी, पेंशन और भत्तों को संशोधित किया जाता है. फिटमेंट फैक्टर में मौजूदा बेसिक सैलरी से गुणा करके नई बेसिक सैलरी निकाली जाती है. फिटमेंट फैक्टर जितना अधिक रहेगा कर्मचारियों की सैलरी उतनी ही अधिक बढ़ेगी. कर्मचारी और उनके संगठनों ने फिटमेंट फैक्टर अधिक से अधिक रखने की मांग की है. वर्तमान में बेसिक पे 18000 रुपए है. फिटमेंट फैक्टर 3.88 होने पर बेसिक पे बढ़कर 69840 रुपए हो जाएगा. इस तरह से बेसिक सैलरी में 51840 रुपए की बढ़ोतरी होगी.
यदि 4 फिटमेंट फैक्टर रखा गया तो उस स्थिति में लेवल एक कर्मचारियों का बेसिक पे 18000 रुपए से बढ़कर 72000 रुपए हो सकता है. यदि फिटमेंट फैक्टर 2.1 हुआ तो बेसिक सैलरी 37800 रुपए हो जाएगी. यदि फिटमेंट फैक्टर 2.5 होता है तो बेसिक सैलरी 45000 रुपए, यदि फिटमेंट फैक्टर 3.0 हुआ तो बेसिक सैलरी बढ़कर 54000 रुपए हो जाएगी. केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों का प्रतिनिधित्व करने वाली नेशनल काउंसिल-जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) ने सरकार से 3.83 फिटमेंट फैक्टर लागू करने की मांग की है. यदि सरकार इस मांग को मान लेती है तो न्यूनतम बेसिक सैलरी 18000 रुपए से बढ़कर करीब 69000 रुपए तक पहुंच सकती है. आपको मालूम हो कि आयोग ने अभी तक फिटमेंट फैक्टर को लेकर कोई भी आधिकारिक ऐलान नहीं किया है.
DA एक साल में 4 बार बढ़ाने की मांग
कई कर्मचारी संगठनों ने 8वें पे कमीशन से महंगाई भत्ता (Dearness Allowance) यानी डीए (DA) 1 साल में 4 बार बढ़ाने की मांग की है. आपको मालूम हो अभी केंद्रीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में साल में 2 बार इजाफा होता है. एक बार जनवरी और दूसरी बार जुलाई में DA में बढ़ोतरी की जाती है.
25 प्रतिशत डीए पर बेसिक पे में मर्जर की मांग
द आल इंडिया डिफेंस एप्लॉयीज फेडरेशन, नेशनल काउंसिल-ज्वाइंट कंसल्टेटिव मशीनरी और आल इंडिया न्यूज पेंशन स्कीम एप्लॉयी फेडरेशन ने महंगाई भत्ता को लेकर 8वें पे कमीशन से एक अलग मांग की है. इन संगठनों ने 25 प्रतिशत DA होने पर उसे बेसिक पे से मिला देने की डिमांड की है. आपको मालूम हो कि मौजूदा समय में महंगाई भत्ता का मर्जर बेसिक पे के साथ किसी भी स्टेज पर नहीं होता है. अभी केंद्रीय कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 62% है.
एनुअल इंक्रीमेंट 6 से 7 प्रतिशत बढ़ाने की मांग
8वें पे कमीशन से नेशनल काउंसिल-ज्वाइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (एनसी-जेसीएम) और नेशनल फेडरेशन ऑफ पोस्टल एम्पलॉयी ने सालाना 6% इंक्रीमेंट बढ़ाने की मांग की है. उधर, आल इंडिया न्यू पेंशन स्कीम एम्पलॉयी फेडरेशन ने 7 प्रतिशत की सालाना बढ़ोतरी की डिमांड की है.
पांच साल में चयन वेतन मान की मांग
8वें पे कमीशन की बैठक में कर्मचारियों की ओर से Modified Assured Career Progression यानी चयन वेतन की मांग की गई है. अभी कर्मचारियों को हर 10 साल की नौकरी के बाद इसका लाभ मिलता है. पे कमीशन की मीटिंग में इसे पांच साल पर करने की मांग की गई है. यदि ऐसा होता है तो कर्मचारियों को बहुत लाभ मिलेगा.
फैमिली यूनिट 3 की जगह 5 करने की मांग
कर्मचारियों के संगठनों ने 8वें पे कमीशन की बैठक में फैमिली यूनिट बढ़ाने की मांग की है. 7वें पे कमीशन के दौरान से फैमिली यूनिट को तीन रखा गया है. इससे पांच करने की मांग की गई है. कर्मचारी संगठनों ने इसमें माता-पिता को भी जोड़ने की मांग की है. यदि ऐसा हुआ तो कर्मचारियों का बेसिक पे पहले की तुलना में काफी बढ़ जाएगा.
HRA बढ़ाने की मांग
8वें पे कमीशन की बैठक में कर्मचारियों के संगठनों ने मकान का भत्ता (House Rent Allowance) यानी HRA को भी बढ़ाने की मांग की है. कर्मचारियों का कहना है कि मौजूदा समय में एचआरए पर्याप्त नहीं है. दिल्ली-मुंबई जैसे शहरों के लिए तो इस एचआरए में व्यवस्था करना काफी मुश्किल हो जाता है. ऐसे में इसे भी पहले की तुलना में अधिक करने की मांग हो रही है.