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Malabar Gold: इन विज्ञापनों को देख लोगों ने खोया आपा, बिंदी न लगाकर करीना कपूर आईं निशाने पर

विज्ञापनों को लेकर विवाद होना कोई नई बात नहीं है. अपने एक एड में बिंदी न लगाने की वजह से करीना कपूर खान ट्रोल हो रही हैं. उन्होंने अक्षय तृतीया के लिए मालाबार गोल्ड का विज्ञापन किया है.

विज्ञापन पर बवाल
अपूर्वा राय
  • नई दिल्ली,
  • 22 अप्रैल 2022,
  • अपडेटेड 4:26 PM IST
  • करीना कपूर खान अपने एक विज्ञापन को लेकर ट्रोल हो रही हैं
  • लोग मालाबार गोल्ड को बायकॉट करने की मांग कर रहे हैं

सोशल मीडिया पर #Boycott_MalabarGold टॉप ट्रेंड कर रहा है. इसके पीछे की वजह है करीना कपूर का एक विज्ञापन. दरअसल करीना ने हाल में अक्षय तृतीया के लिए 'मालाबार गोल्ड' का विज्ञापन किया है, जिसमें करीना कपूर दुल्हन के लिबाज में नजर आ रही हैं लेकिन उनके माथे पर से बिंदी गायब है. लोगों की नजर जैसी ही करीना के इस अवतार पर पड़ी तो लोगों ने कंपनी के साथ एक्ट्रेस को भी ट्रोल करना शुरू कर दिया है. खैर विज्ञापन को वजह से विवाद होना कोई पहली बार नहीं है. इससे पहले भी कई विज्ञापन अपने कंटेंट की वजह से आलोचना झेल चुके हैं.

कन्यादान पर उठाए सवाल

आलिया भट्ट ने हाल ही में मोहे (मान्यवर) के लिए एक विज्ञापन किया था. इस विज्ञापन में कन्यादान की परंपरा पर सवाल उठाया गया था. हिंदू धर्म में कन्यादान सबसे बड़ा दान माना जाता है. ऐसे में लोगों ने आलिया को जमकर ट्रोल किया था. 

मंगलसूत्र का बोल्ड विज्ञापन
फैशन डिजाइनर सब्यसाची मुखर्जी ने पिछले दिनों ‘द रॉयल बंगाल मंगलसूत्र’ का विज्ञापन किया था. इसमें दो लोगों को बेहद बोल्ड अवतार में दिखाया गया था. लोगों का कहना था कि यह मंगलसूत्र का विज्ञापन कम और कामसूत्र का ज्यादा लग रहा है. बाद में गिरफ्तारी के डर से सब्यसाची ने यह विज्ञापन हटाते हुए माफी मांगी थी.

करवाचौथ पर विवादित विज्ञापन
डाबर पिछले साल क्रीम के विज्ञापन को लेकर विवादों में था. इस एड में दो महिलाओं को अपने पहले करवा चौथ की तैयारी करते हुए दिखाया गया था, उसमें से एक दूसरे के चेहरे पर ब्लीच लगा रही हैं. सोशल मीडिया पर लोनों ने इसे समलैंगिकता को बढ़ावा देने वाला विज्ञापन बताया था.

'जश्‍न ए रिवाज' पर विवाद
फैब इंडिया ने दीवाली को 'जश्‍न ए रिवाज' कह कर अपने कपड़ों को प्रचारिज किया था. सोशल मीडिया पर यूजर्स का कहना था कि दिवाली जश्न-ए-रिवाज नहीं है. इसे उर्दू नाम देकर हिंदू त्योहार का अपमान किया जा रहा है. इसके बाद कंपनी ने अपना यह विज्ञापन हटा  लिया था.


 

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