उत्तर प्रदेश के अमेठी की एक साधारण सी महिला ने अपनी मेहनत की बदौलत ऐसी कहानी लिखी, जो अब दूसरे लोगों के लिए मिसाल बन रही है. अमेठी के चाणक्यपुरी मोहल्ले की रहने वाली स्वाति सिंह ने कभी नौकरी करने के बजाय खुद का काम शुरू करने का सपना देखा था. शुरुआत आसान नहीं थी, पैसे नहीं थे, बिजनेस का अनुभव भी नहीं था और समाजका डर अलग से लेकिन यहीं पर उनके लिए उम्मीद बनी मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना.
मामूली ब्याज पर लोन मिला
इस योजना के तहत उन्हें मामूली ब्याज पर लोन मिला और उन्होंने एक छोटा सा प्रिंटिंग प्रेस शुरू किया. शुरुआत में सीमित संसाधनों के साथ काम शुरू हुआ, लेकिन धीरे-धीरे मेहनत रंग लाने लगी. आज उनके प्रेस में पोस्टर, बैनर, डायरी और कॉपी जैसे कई प्रोडक्ट तैयार होते हैं. सबसे खास बात यह है कि स्वाति सिर्फ खुद आगे नहीं बढ़ीं, बल्कि अपने साथ 10 लोगों को भी रोजगार दे दिया. अब उनका छोटा सा बिजनेस कई परिवारों के लिए कमाई का जरिया बन चुका है.
स्वाति बताती हैं कि शुरुआत में मुश्किलें बहुत थीं, लेकिन योजना का सहारा मिलने के बाद रास्ता आसान होता चला गया. आज उनकी पहचान एक सफल उद्यमी के रूप में हो रही है.
वह कहती हैं, “अगर सही योजना और मेहनत साथ हो, तो कोई भी अपने सपनों को पूरा कर सकता है.” उन्होंने खासतौर पर महिलाओं और युवाओं से अपील की कि वे इस तरह की सरकारी योजनाओं का लाभ उठाएं और आत्मनिर्भर बनें.
क्या है ग्रामोद्योग रोजगार योजना
मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना (MMGRY) उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में युवाओं को बिजनेस के लिए 10 लाख तक का लोन उपलब्ध कराती है. इस योजना का उद्देश्य बेरोजगार महिला और पुरुषों को अपने ही गांव में उद्योग स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित करना है, जिससे उन्हें स्वरोजगार का अवसर मिल सके. सामान्य वर्ग के लिए 4% से अधिक ब्याज की राशि पर सब्सिडी मिलती है जबकि आरक्षित वर्गों के लिए विशेष राहत है.
-अभिषेक कुमार त्रिपाठी की रिपोर्ट
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