भारत में Apple का iPhone इस्तेमाल करने वालों के लिए खुशखबरी है. टेक दिग्गज एप्पल ने भारत में एप्पल पे सर्विस (Apple Pay Service) लॉन्च कर दी है.अब iPhone, iPad और Apple Watch इस्तेमाल करने वाले हजारों यूजर्स अपने एलिजिबल कार्ड को Apple Wallet में जोड़कर स्टोर, ऐप और वेबसाइट पर पेमेंट कर सकेंगे. Apple Pay की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यूजर बिना पिन और ओटीपी के पेमेंट कर सकेंगे. यूजर सिर्फ फेस आईडी (Face ID) या टच आईडी (Touch ID) का उपयोग कर सुरक्षित भुगतान कर सकेंगे.आपको मालूम हो कि अमेरिका में 2014 से एप्पल पे की सर्विस मिलती है, लेकिन भारत में इसे अभी पेश किया गया है.
एक्सिस बैंक के साथ शुरुआत एप्पल पे सर्विस की शुरुआत
आपको मालूम हो कि एप्पल कंपनी ने भारत में एप्पल पे सर्विस की शुरुआत अभी एक्सिस बैंक (Axis Bank) के वीजा (Visa) और मास्टरकार्ड क्रेडिट कार्ड (Mastercard Credit Card) से की है. कंपनी आगे चलकर दूसरे बैंकों के कार्ड को भी इस सुविधा से जोड़ने की योजना बना रही है.
1. पिन और ओटीपी की जरूरत नहीं
आपको मालूम हो कि अभी हमारे देश में डिजिटल पेमेंट के लिए सबसे अधिक UPI का इस्तेमाल किया जा रहा है. इसमें पिन की जरूरत पड़ती है और फोन से QR कोड स्कैन करके पेमेंट किया जाता है. अब एप्पल पे से दुकान पर पेमेंट करना काफी आसान हो जाएगा. एप्पल पे में पिन और ओटीपी डालने की जरूरत नहीं होगी. iPhone पर साइड बटन को दो बार दबाकर Face ID या पासकोड से पहचान पूरी की जा सकती है. इसके बाद फोन को पेमेंट मशीन के पास ले जाते ही पेमेंट हो जाएगा. एप्पल के मुताबिक किसी दुकान या स्टोर पर पेमेंट करते समय अब हर बार कार्ड नंबर, पिन या ओटीपी डालने की जरूरत नहीं होगी. इससे ग्राहकों का खरीदारी में समय बच सकता है.
2. ऑनलाइन शॉपिंग में भी कर सकेंगे इस्तेमाल
यूजर्स एप्पल पे सर्विस को ऐप और और वेबसाइट पर भी पेमेंट के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं. ऐसे में हर बार कार्ड नंबर, एक्सपायरी डेट और दूसरी जानकारी भरने की जरूरत नहीं पड़ेगी. ऐपल के मुताबिक यूजर ऐप और वेबसाइट पर भी एप्पल पे के जरिए पेमेंट कर सकेंगे. Apple ने भारत में इसके लिए कई पेमेंट कंपनियों और पेमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों के साथ काम किया है. इनमें Cashfree, JusPay, Mswipe, Paytm, PayU, Pine Labs, Razorpay और Worldline शामिल हैं. एप्पल पे को कई बड़े व्यापारियों के नेटवर्क पर भी अवेलेबल कराया गया है.
3. कार्ड की जानकारी रहेगी सुरक्षित
एप्पल पे में पेमेंट भुगतान करते समय यूजर का असली कार्ड नंबर दुकानदार के साथ शेयर नहीं होता. इतना ही नहीं फोन में भी कार्ड की पूरी जानकारी सेव नहीं रहती. आपको मालूम हो कि इसकी जगह एक अलग डिजिटल नंबर और सुरक्षा तकनीक का इस्तेमाल किया जाता है. पेमेंट को पूरा करने के लिए Face ID, Touch ID या पासकोड की जरूरत होती है. ऐसे में यदि किसी के हाथ आपका मोबाइल फोन लग भी जाए, तो बिना आपकी मंजूरी के भुगतान करना आसान नहीं होगा.
4. क्रेडिट कार्ड के रिवॉर्ड और ऑफर मिलते रहेंगे
आपको मालम हो कि एप्पल पे का इस्तेमाल करने के दौरान आपके मौजूदा क्रेडिट कार्ड के फायदे मिलते रहेंगे. यदि आपके क्रेडिट कार्ड पर रिवॉर्ड प्लाइंट्स, कैशबैक या दूसरे बेनिफिट मिलते हैं तो एलिजिबल कार्ड के साथ ये सुविधाएं जारी रह सकती हैं. इसका मतलब है कि एप्पल पे में सिर्फ पेमेंट का तरीका बदलेगा, कार्ड से मिलने वाले फायदे बने रहेंगे. आपको मालूम हो कि एप्पल पे का उपयोग करने के लिए एप्पल कंपनी की ओर से अलग से कोई फीस नहीं ली जाती. हालांकि कार्ड से जुड़े सामान्य शुल्क या नियमों के लिए बैंक की शर्तें लागू रहेंगी.
5. iPhone या Apple Watch से सीधे पेमेंट
एप्पल पे के जरिए भुगतान के लिए आपको फिजिकल कार्ड साथ रखने की जरूरत नहीं पड़ेगी. यदि आपके पास सपोर्टेड iPhone या Apple Watch है तो उससे कॉन्टैक्टलेस मशीन पर पेमेंट किया जा सकता है. इसका मतलब है कि वॉलेट यानी पर्स में केड्रिट और डेबिट कार्ड खोजने या कार्ड मशीन में लगाने की जरूरत नहीं रहती. Apple Watch के जरिए भी पेमेंट किया जा सकता है. ऐसे में किसी चीज की खरीदारी करने के बाद पेमेंट करने के लिए मोबाइल निकालने की जरूरत नहीं पड़ेगी.
6. कौन से iPhone में चलेगा और Apple Wallet में कार्ड कैसे जोड़ें
भारत में एप्पल पे का इस्तेमाल करने के लिए iPhone XR या उसके बाद के मॉडल की जरूरत है और डिवाइस में iOS 18 या उसके बाद का सॉफ्टवेयर होना चाहिए. एप्पल वॉच के लिए Series 6 या उसके बाद का मॉडल और watchOS 11 या बाद का सॉफ्टवेयर चाहिए. यदि आपके पास अभी एलिजिबल कार्ड है, तो इसे iPhone के Wallet ऐप से जोड़ा जा सकता है. Wallet खोलकर Add Card पर जाना होगा और फिर कार्ड की जानकारी डालनी होगी. बैंक की तरफ से एक्स्ट्रा वेरिफिकेशन मांगा जा सकता है. कुछ मामलों में बैंक के अपने ऐप से भी कार्ड को Apple Wallet में जोड़ा जा सकता है. Apple के अनुसार कार्ड जोड़ने के बाद बैंक या कार्ड जारी करने वाली कंपनी से सत्यापन पूरा करना पड़ सकता है.