Advertisement

Date Palm Cultivation: बीड के किसान का कमाल! खजूर की खेती से हो रही लाखों की कमाई

महाराष्ट्र के बीड के एक किसान खजूर की खेती से लाखों की कमाई कर रहे हैं. उनकी सालाना कमाई 10 से 12 लाख रुपए की होती है. उन्होंने डेढ़ एकड़ खेत में 80 खजूर के पेड़ लगाए हैं.

Date Palm Cultivation
gnttv.com
  • बीड,
  • 04 अगस्त 2025,
  • अपडेटेड 12:43 PM IST

महाराष्ट्र बीड जिले में एक किसान पारंपरिक खेती छोड़कर खजूर की खेती की. इससे उसकी सालाना आय 10 से 12 लाख रुपए हो रही है. दत्तात्रेय घुले शेतकरी नाम के किसान आष्टी तालुका के केलसांगवी गाँव के रहने वाले हैं. इस किसान ने अपने डेढ़ एकड़ खेत में 80 खजूर के पेड़ लगाए हैं, जिनसे उसे सालाना 10 से 12 लाख रुपये की आय हो रही है. केलसंगवी गाँव का यह प्रयोग अन्य किसानों के लिए एक आदर्श बन गया है.

सालाना 12 लाख की कमाई-
बीड जिले का आष्टी तालुका सूखाग्रस्त क्षेत्र है. इस क्षेत्र में कभी भारी बारिश होती है तो कभी सूखा पड़ता है. इसलिए बोई गई फसलें कभी भारी बारिश तो कभी सूखे के कारण खराब हो जाती हैं. इसलिए केलसंगवी के किसान दत्तात्रेय घुले ने पारंपरिक खेती छोड़कर खजूर के पेड़ लगाए हैं और किसान को सालाना 10 से 12 लाख रुपये का उत्पादन मिल रहा है.

डेढ़ एकड़ में खजूर की खेती-
बीड जिल्हे के केलसांगवी गाँव में डेढ़ एकड़ क्षेत्र में 80 खजूर के पेड़ लगाए गए हैं, दो पेड़ों के बीच की दूरी 25 गुणा 25 रखी गई है. यह एक ऐसा पेड़ है, जिसे कम पानी की आवश्यकता होती है और साथ ही एक एकड़ क्षेत्र में 65 पेड़ लगाए जा सकते हैं. हमें प्रति पेड़ 200 किलो तक फल मिलते हैं. प्रत्येक पेड़ से हमें बीस हज़ार रुपये तक मिलते हैं. मैंने अपने खेत में खजूर की किस्म बारली चुनी है. इस किस्म के फल देखने में आकर्षक और खाने में स्वादिष्ट होते हैं. बीड जिले के किसानों के लिए ऐसे नए प्रयोग करना ज़रूरी है, जो कम क्षेत्र में अधिक उत्पादन दें. इस खजूर के उत्पाद से हम कम पानी और कम जगह में भारी उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं. अगर आप यह पेड़ खरीदना चाहते हैं, तो आपको टिशू कल्चर के पौधे माँगने चाहिए. एक पौधे की कीमत 4,350 रुपये है. यह कीमत ज़्यादा है. आम किसान इसे वहन नहीं कर सकते. गुजरात और राजस्थान के किसानों के लिए सरकार ने पौधे खरीदने के लिए किसानों को सब्सिडी दी है. महाराष्ट्र सरकार को भी यह देना चाहिए. इससे किसानों को सहारा मिलेगा और उम्मीद है कि बीड ज़िले में किसान बड़े पैमाने पर खजूर की खेती की ओर रुख करेंगे.

महिला किसान की भी अच्छी कमाई- 
एक महिला किसान विजया घुले को भी महाराष्ट्र सरकार से जीजामाता कृषि रत्न पुरस्कार मिला है. यहाँ खजूर के पौधे रोपे गए हैं और आज पेड़ों पर खजूर बड़ी मात्रा में दिखाई दे रहे हैं. आष्टी तालुका एक सूखाग्रस्त तालुका है. हमारे तालुका में पानी की सुविधा सीमित है, इसलिए किसानों के लिए नए प्रयोग करना ज़रूरी है. इससे निश्चित रूप से किसानों का उत्पादन बढ़ेगा. अगर हम ड्रैगन फ्रूट जैसी फलों की फसलों के साथ खजूर भी लगाएँ, तो हमारा उत्पादन बढ़ेगा. साथ ही, ये कम पानी वाली फल फसलें हैं, इसलिए किसानों को इन फलों की फसलें लगानी चाहिए.

बीड ज़िले के किसानों को कभी बारिश तो कभी सूखे का सामना करना पड़ता है. इसलिए यह प्रयोग दूसरे किसानों के लिए प्रेरणा बन गया है, क्योंकि इसने दिखाया है कि सूखे की स्थिति में भी आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करके अच्छी-खासी कमाई की जा सकती है.

(रोहिदास हातागले की रिपोर्ट)

ये भी पढ़ें:

 

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Advertisement