Amazon पर हो रही थी गांजे की होम डिलीवरी, पुलिस ने डायरेक्टर्स के खिलाफ की FIR

भिंड के पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार सिंह ने बताया कि अमेजन इंडिया के कार्यकारी निदेशकों के खिलाफ नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (NDPS) एक्ट की धारा 38 के तहत मामला दर्ज किया गया है. 

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gnttv.com
  • नई दिल्ली ,
  • 21 नवंबर 2021,
  • अपडेटेड 11:30 AM IST
  • अमेजन इंडिया के खिलाफ NDPS एक्ट की धारा 38 के तहत मामला दर्ज.
  • अमेजन पर ऑनलाइन मिल रहा था गांजा.

मध्यप्रदेश के भिंड में पुलिस ने ऑनलाइन शॉपिंग साइट अमेजन (Amazon) के डायरेक्टर्स के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है. दरअसल, कुछ दिन पहले भिंड पुलिस ने अमेजन के जरिए गांजे (cannabis) की होम डिलीवरी होने का खुलासा किया था. 

भिंड के एसपी मनोज कुमार सिंह के मुताबिक 13 नवंबर को गोहद चौराहा पुलिस ने अमेजन के जरिए गांजे की होम डिलीवरी किए जाने का खुलासा किया था. जिसके बाद 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था जिनमें से एक खरीददार था. इसके साथ ही पुलिस ने करीब 21 किलो 734 ग्राम गांजा भी आरोपियों के पास से जब्त किया था. मध्य प्रदेश पुलिस ने भ‍िंड में एक ड्रग पैडलर रैकेट का पर्दाफाश किया है. इस रैकेट ने अमेजन के प्लेटफॉर्म से स्टीविया के पत्तों के बहाने गांजे की बिक्री की थी. आरोप है कि अमेजन के माध्यम से कुछ लोगों ने 390 पैकेट में करीब 1,000 किलो गांजा एक राज्य से दूसरे राज्य में बेचा है. पुलिस इस मामले की जांच कर रही थी.

ऑनलाइन गांजा मंगाकर ग्राहकों को डिलीवर कर रहे थे

पूछताछ के दौरान सामने आया कि आरोपी सूरज और मुकुल जायसवाल ने BABU TEX कंपनी बनाकर उसे अमेजन पर सेलर के रूप में रजिस्टर करवाया. वो दोनों आंध्रप्रदेश के विशाखापत्तनम से ऑनलाइन गांजा मंगवाकर उसे ग्राहकों को डिलीवर कर देते थे. इसके आधार पर पुलिस ने अमेजन कंपनी से जवाब मांगा था लेकिन अमेजन के जवाब और जांच में पुलिस को मिले सबूतों में फर्क होने पर कंपनी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया. पुलिस ने अमेजन कंपनी के कार्यकारी निदेशकों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट 1985 की धारा 38 के तहत मामला दर्ज किया है. 

NDPS एक्ट की धारा 38 के तहत मामला दर्ज

भिंड के पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार सिंह ने बताया कि अमेजन इंडिया के कार्यकारी निदेशकों के खिलाफ नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (NDPS) एक्ट की धारा 38 के तहत मामला दर्ज किया गया है. उन्होंने कहा कि FIR में किसी व्यक्ति विशेष का नाम नहीं है. धारा 38 मादक पदार्थों से संबंधित अपराध में कंपनियों और उनके प्रबंधन की भूमिका से संबंधित है.  

अमेजन ने इससे पहले एक बयान में कहा था कि वह अपने प्लेटफॉर्म के जरिए अवैध उत्पादों की बिक्री की इजाजत नहीं देता है और वह इस मामले में जांच में सहयोग कर रहा है. इस सप्ताह की शुरुआत में, अमेजन के एक प्रवक्ता ने कहा था कि कंपनी थर्ड पार्टी सेलर्स को सीधे ग्राहकों को उत्पादों को सीधे डिस्प्ले, लिस्ट और सेल करने की सुविधा देता है. प्रवक्ता ने कहा कि कंपनी भारत में कानून के तहत प्रतिबंधित उत्पादों की लिस्टिंग और बिक्री की अनुमति नहीं देती है. अमेजन के प्रवक्ता ने कहा, "इस मुद्दे पर हमें सूचित किया गया था और हम अपनी तरफ से जांच कर रहे हैं कि क्या विक्रेता की ओर से किसी नियम को तोड़ा गया है.  हम जांच अधिकारियों को इस मामले में पूरा सहयोग और समर्थन देंगे."

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