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CDP-SURAKSHA: बागवानी कर रहे किसानों के लिए अब आसान हुआ सब्सिडी लेना, जानें कैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म सीडीपी-सुरक्षा से ले सकेंगे फायदा 

बागवानी किसानों को सब्सिडी देने में क्रांति लाने और भारत के बागवानी क्षेत्र के विकास को बढ़ावा देने के लिए इस प्लेटफॉर्म को लॉन्च किया गया है. इस प्लेटफॉर्म की मदद से सब्सिडी वितरण को सुव्यवस्थित किया जा सकेगा.

Farmers (Photo: Unsplash)
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 11 अप्रैल 2024,
  • अपडेटेड 12:14 PM IST
  • बीज और पौधे जैसी सामग्री लेने में मदद मिलेगी 
  • किसानों को मिलेगा बैंक सहयोग

बागवानी कर रहे किसानों के लिए अच्छी खबर है. अब उनके लिए सब्सिडी लेना आसान हो गया है. सरकार बागवानी किसानों को सब्सिडी देने के लिए एक नया मंच लेकर आई है. बागवानी फसलों को बढ़ावा देने के लिए केंद्र ने एक प्लेटफॉर्म लॉन्च किया है. इस प्लेटफॉर्म को सीडीपी-सुरक्षा के नाम से जाना जाता है.

इसकी मदद से बागवानी क्षेत्र के विकास को बढ़ावा देना है. बता दें. कृषि में बागवानी का लगभग एक तिहाई योगदान है. इसका भारतीय अर्थव्यवस्था में बड़ा योगदान है. हाल के कुछ सालों में बागवानी फसलों का कुल उत्पादन भी बढ़ा है. जहां 2010-11 में यह 240.53 मिलियन टन था, वहीं 2020-21 में यह संख्या बढ़कर 334.60 मिलियन टन हो गई.

CDP-SURAKSHA क्या है?

CDP-SURAKSHA एक डिजिटल प्लेटफॉर्म है. सुरक्षा का मतलब "सिस्टम फॉर यूनिफाइड रिसोर्स एलोकेशन, नॉलेज एंड सेक्योर हॉर्टिकल्चर असिस्टेंस” है. इस प्लेटफॉर्म की मदद से नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) से ई-आरयूपीआई वाउचर का उपयोग करके किसानों को उनके बैंक खाते में तुरंत सब्सिडी दी जा सकती है. 

सीडीपी-सुरक्षा में कई सारे अलग-अलग फीचर्स हैं. जैसे पीएम-किसान के साथ डेटाबेस इंटीग्रेशन, NIC से क्लाउड-आधारित सर्वर स्पेस, UIDAI वेलिडेशन, eRUPI इंटीग्रेशन, स्थानीय सरकार निर्देशिका (LGD), कंटेंट मैनेजमेंट सिस्टम, जियोटैगिंग और जियो-फेंसिंग शामिल हैं.

बीज और पौधे जैसी सामग्री लेने में मदद मिलेगी 

बागवानी किसानों को सब्सिडी देने में क्रांति लाने और भारत के बागवानी क्षेत्र के विकास को बढ़ावा देने के लिए इस प्लेटफॉर्म को लॉन्च किया गया है. इस प्लेटफॉर्म की मदद से सब्सिडी वितरण को सुव्यवस्थित किया जा सकेगा. साथ ही पारदर्शिता बढ़ाई जा सकेगी और जरूरी रोपण सामग्री की खरीद के लिए वित्तीय सहायता दी जा सकेगी.

किसान मंच के माध्यम से बीज और पौध जैसी रोपण सामग्री के लिए आसानी से ऑर्डर दे सकते हैं. इससे सब्सिडी वितरण प्रक्रिया शुरू हो सकती है. ऑर्डर देने पर, किसानों को लागत में अपना हिस्सा देने के लिए कहा जाता है, जिसके बाद सरकारी सब्सिडी राशि ऑटोमैटिक रूप से दिख जाती है. अब पेमेंट पर एक e-RUPI वाउचर मिलेगा, जिसे बाद में किसान रोपण सामग्री की डिलीवरी पर विक्रेताओं को दे सकेंगे.

e-RUPI क्या है?

सीडीपी-सुरक्षा प्लेटफॉर्म के केंद्र में e-RUPI वाउचर है, इसे  एनपीसीआई ने शुरू किया है. इस वन टाइम पेमेंट से किसान इस वाउचर को आसानी से बिना बैंक जाए रिडीम कर सकेंगे. 

बता दें, इससे पहले किसानों को खरीद के बाद सब्सिडी मिलती थी. इसमें कई सारी समस्याओं का सामना करना पड़ता था. जैसे उन्हें  नौकरशाही से जुड़ी समस्याओं से गुजरना पड़ता था. लेकिन अब इस नए प्लेटफॉर्म से खरीद के समय ही किसानों को सहायता मिल जाएगी.

किसान आउटरीच और बैंक सहयोग

हालांकि सीडीपी-सुरक्षा को पूरी तरह से लॉन्च करना अभी बाकी है.  लेकिन शुरुआती संकेत आशाजनक हैं. लगभग 8,400 किसान इस मंच पर शामिल हैं. विशेष रूप से, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) और बैंक ऑफ बड़ौदा जैसे प्रमुख बैंकों ने e-RUPI वाउचर निर्माण की सुविधा के लिए सहयोग किया है. इससे सब्सिडी देने में तेजी आएगी.
 

 

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