5 लाख के लोन ने बदल दी जिंदगी, कानपुर में 3500 से ज्यादा युवाओं ने शुरू किया कारोबार, अब हजारों लोगों को दे रहे रोजगार

तुलसी वर्मा बताती हैं कि उनके पति पहले भी यही काम करते थे, लेकिन पर्याप्त पूंजी नहीं होने से कारोबार आगे नहीं बढ़ पा रहा था. इसी दौरान उन्हें मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना की जानकारी मिली. विभाग के अधिकारियों से संपर्क करने के बाद उन्हें लोन मिला और उन्होंने नई मशीन खरीद ली.

Self Employment Scheme
रंजय सिंह
  • कानपुर,
  • 16 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 11:14 AM IST
  • मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना से छोटे कारोबार को मिली नई उड़ान
  • कानपुर में बदल गई 3500 युवाओ की जिंदगी

कई बार सरकारी योजनाएं सिर्फ कागजों तक सीमित रह जाती हैं, लेकिन कुछ योजनाएं ऐसी भी होती हैं जो लोगों की जिंदगी बदल देती हैं. उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना ऐसी ही एक पहल बनकर सामने आई है. कानपुर में पिछले तीन वर्षों के दौरान इस योजना के जरिए 3500 से ज्यादा युवाओं ने अपना कारोबार शुरू किया है. इनमें से कई युवा आज खुद रोजगार पाने वाले नहीं, बल्कि दूसरों को रोजगार देने वाले बन चुके हैं. छोटे कारोबार से शुरुआत करने वाले ये युवा अब अपने व्यवसाय का विस्तार भी कर रहे हैं.

प्रिंटिंग मशीन लगाई, अब 12 लोगों को दे रही हैं नौकरी
कानपुर के फजलगंज इलाके की रहने वाली तुलसी वर्मा इसकी मिसाल हैं. उन्होंने दो साल पहले मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के तहत लघु उद्योग विभाग से लोन लेकर आधुनिक प्रिंटिंग मशीन लगाई. शुरुआत में कारोबार छोटा था, लेकिन धीरे-धीरे उन्हें कई कंपनियों से स्टिकर प्रिंटिंग और पैकेजिंग के ऑर्डर मिलने लगे. आज उनके यहां कानपुर ही नहीं, दूसरे शहरों की कंपनियों के लिए भी प्रिंटिंग का काम होता है. कारोबार बढ़ने के साथ उनके पति सुमित श्रीवास्तव भी इस काम में जुड़ गए हैं. फिलहाल उनकी यूनिट में करीब एक दर्जन लोग काम कर रहे हैं.

'पूंजी नहीं थी, योजना ने कारोबार खड़ा कर दिया'
तुलसी वर्मा बताती हैं कि उनके पति पहले भी यही काम करते थे, लेकिन पर्याप्त पूंजी नहीं होने से कारोबार आगे नहीं बढ़ पा रहा था. इसी दौरान उन्हें मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना की जानकारी मिली. विभाग के अधिकारियों से संपर्क करने के बाद उन्हें लोन मिला और उन्होंने नई मशीन खरीद ली. अब उनका कारोबार लगातार बढ़ रहा है. वह कहती हैं कि अगर किसी के पास हुनर और मेहनत करने का जज्बा है तो इस योजना का लाभ जरूर लेना चाहिए. इससे न सिर्फ खुद का रोजगार शुरू किया जा सकता है, बल्कि दूसरे लोगों को भी काम दिया जा सकता है.

इंटरनेट कैफे से बदली अर्पित की जिंदगी
कानपुर के कल्याणपुर निवासी अर्पित कुमार ने भी इसी योजना का लाभ उठाकर अपना इंटरनेट कैफे शुरू किया. उन्होंने योजना के तहत आवेदन किया, प्रशिक्षण लिया और बैंक से करीब 5 लाख रुपए का लोन मिला. इस रकम से उन्होंने अपना सेंटर शुरू किया, जहां नौकरी से जुड़े दस्तावेज तैयार करने, आधार अपडेट, ऑनलाइन आवेदन, नगर निगम और अन्य सरकारी सेवाओं से जुड़े काम किए जाते हैं. आज उनके यहां कई कर्मचारी काम कर रहे हैं और लोगों को डिजिटल सेवाएं मिल रही हैं.

अब दूसरों को भी सिखा रहे कारोबार का रास्ता
अर्पित का कहना है कि एक साथ इतनी बड़ी पूंजी जुटाना उनके लिए संभव नहीं था. योजना से मिले लोन ने उनका सपना पूरा कर दिया. अब उनके यहां काम करने वाले कई युवा भी इंटरनेट कैफे का काम सीख रहे हैं. भविष्य में वे भी मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के तहत लोन लेकर अपना सेंटर खोलना चाहते हैं. अर्पित का मानना है कि यह योजना युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ रोजगार पैदा करने का भी माध्यम बन रही है.

3500 से ज्यादा युवा बने उद्यमी, हजारों को मिला रोजगार
कानपुर के लघु उद्योग विभाग के उपायुक्त अंजनीश प्रताप सिंह के मुताबिक, विभाग मुख्यमंत्री की विभिन्न स्वरोजगार योजनाओं के तहत युवाओं को लोन उपलब्ध करा रहा है. पिछले तीन वर्षों में 3500 से अधिक युवाओं ने इन योजनाओं का लाभ लेकर अपना कारोबार शुरू किया है. इनमें प्रिंटिंग, सर्विस सेक्टर, मैन्युफैक्चरिंग, डिजिटल सेवाएं और कई अन्य छोटे उद्योग शामिल हैं. इन कारोबारों के जरिए अब हजारों लोगों को भी रोजगार मिल रहा है.

 

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