क्रेडिट कार्ड से खरीदारी करना लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन चुका है. ऑनलाइन शॉपिंग से लेकर रेस्टोरेंट में बिल चुकाने और बड़ी खरीदारी करने तक, इसका इस्तेमाल लगातार बढ़ रहा है. लेकिन सितंबर 2026 में क्रेडिट कार्ड से होने वाले कुल खर्च में गिरावट दर्ज की गई है. खास बात है कि देश में क्रेडिट कार्ड की संख्या बढ़ने के बावजूद इनसे होने वाला कुल खर्च कम हो गया. RBI के आंकड़ों और केयरएज रेटिंग्स के एनालिसिस के मुताबिक, सितंबर में क्रेडिट कार्ड से खर्च सालाना आधार पर 5.9% घटकर 2.04 लाख करोड़ रुपये रह गया. फरवरी 2021 के बाद ये पहली बार है, जब क्रेडिट कार्ड खर्च में सालाना आधार पर गिरावट दर्ज हुई है. हालांकि, इस गिरावट के पीछे सितंबर 2025 का ऊंचा आधार और इस साल त्योहारी खरीदारी का अक्टूबर में शिफ्ट होना भी बड़ी वजह है.
कार्ड बढ़े, लेकिन हर कार्ड पर खर्च घटा
देश में क्रेडिट कार्ड की संख्या लगातार बढ़ रही है. सितंबर 2026 में क्रेडिट कार्ड की कुल संख्या सालाना आधार पर करीब 10.4% बढ़कर 12.53 करोड़ पहुंच गई. इसके बावजूद प्रति कार्ड औसत खर्च में 14.8% की गिरावट दर्ज की गई. सितंबर में ये घटकर 16,305 रुपये रह गया. इसका मतलब है कि बाजार में क्रेडिट कार्ड की संख्या बढ़ रही है, लेकिन हर कार्ड पर होने वाला औसत खर्च कम हुआ है. सितंबर में क्रेडिट कार्ड से होने वाले ट्रांजैक्शन की संख्या सालाना आधार पर 23.2% बढ़कर करीब 61 करोड़ पहुंच गई. लेकिन औसत ट्रांजैक्शन वैल्यू 23.6% घटकर 3,343 रुपये रह गई यानी लोग कार्ड का इस्तेमाल ज्यादा बार कर रहे हैं, लेकिन हर बार पहले के मुकाबले कम रकम खर्च कर रहे हैं. छोटे भुगतान के लिए क्रेडिट कार्ड से जुड़े UPI का बढ़ता इस्तेमाल भी इसकी एक वजह है.
पिछले साल GST कटौती-त्योहारी सेल का असर
सितंबर 2025 में क्रेडिट कार्ड से खर्च में तेज उछाल आया था. उस समय GST दरों में कटौती लागू हुई थी और महीने के आखिरी हफ्ते में त्योहारी ऑनलाइन सेल भी शुरू हो गई थी. इसका असर खरीदारी पर दिखा और सितंबर 2025 में क्रेडिट कार्ड से कुल खर्च करीब 2.17 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया था. पिछले साल के इसी ऊंचे आंकड़े से तुलना होने की वजह से सितंबर 2026 में सालाना आधार पर गिरावट दर्ज हुई है. पिछले साल सितंबर में क्रेडिट कार्ड खर्च अगस्त के मुकाबले 13.3% बढ़ा था. इस साल प्रमुख त्योहारी सेल अक्टूबर में शुरू हुईं. ऐसे में केयरएज रेटिंग्स को अक्टूबर में क्रेडिट कार्ड खर्च बढ़कर 2.28 लाख करोड़ से 2.38 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने की उम्मीद है.
ऑनलाइन खरीदारी में सुस्ती, दुकानों पर बढ़ा खर्च
सितंबर के आंकड़ों में ऑनलाइन और दुकानों पर खरीदारी के बीच बड़ा अंतर देखने को मिला. ऑनलाइन खरीदारी पर क्रेडिट कार्ड से होने वाला खर्च सालाना आधार पर 12.5% घटकर 1.26 लाख करोड़ रुपये रह गया. सितंबर 2025 में ये करीब 1.44 लाख करोड़ रुपये था. इसके उलट, दुकानों पर कार्ड से भुगतान यानी पॉइंट ऑफ सेल (POS) खर्च 7.18% बढ़कर 77,751 करोड़ रुपये पहुंच गया. इससे साफ है कि ऑनलाइन खर्च में गिरावट के बीच दुकानों पर कार्ड से भुगतान में बढ़ोतरी दर्ज हुई. कुल क्रेडिट कार्ड खर्च में ऑनलाइन भुगतान की हिस्सेदारी भी घटकर करीब 61.7% रह गई. ऑनलाइन खर्च में गिरावट की एक वजह पिछले साल की त्योहारी सेल का ऊंचा आधार है. इसके अलावा हवाई यात्रा से जुड़े खर्च में कमजोरी और त्योहारी खरीदारी का अक्टूबर में शिफ्ट होना भी असर डाल रहा है.
HDFC बैंक में बढ़ा खर्च, ICICI में गिरावट
बैंकवार आंकड़ों में भी अलग-अलग रुझान देखने को मिले. देश के सबसे बड़े क्रेडिट कार्ड जारीकर्ता HDFC बैंक का खर्च सालाना आधार पर 7.52% बढ़कर 65,139.72 करोड़ रुपये रहा. मासिक आधार पर इसमें 6.22% की बढ़ोतरी हुई. वहीं SBI कार्ड्स का खर्च सालाना 14.09% घटकर 34,895 करोड़ रुपये रह गया. ICICI बैंक में सबसे ज्यादा 26.26% की सालाना गिरावट दर्ज की गई और खर्च 30,911.48 करोड़ रुपये रहा. Axis बैंक का खर्च सालाना 11% घटकर 23,148.67 करोड़ रुपये रहा, हालांकि मासिक आधार पर इसमें 1.95% का सुधार हुआ.
अक्टूबर में खर्च बढ़ने की उम्मीद
कुल मिलाकर सितंबर में क्रेडिट कार्ड की संख्या बढ़ने के बावजूद खर्च में गिरावट आई है. लेकिन ट्रांजैक्शन की संख्या बढ़ना और दुकानों पर कार्ड से भुगतान में तेजी यह भी दिखाती है कि क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल जारी है. इस बार त्योहारी खरीदारी सितंबर के बजाय अक्टूबर में होने से खर्च के आंकड़ों पर असर पड़ा है. अब अक्टूबर के आंकड़ों पर नजर रहेगी. केयरएज रेटिंग्स के मुताबिक, त्योहारी सेल और दिवाली की खरीदारी से अक्टूबर और नवंबर में क्रेडिट कार्ड खर्च को रफ्तार मिल सकती है.
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