दिल्ली के लाखों युवाओं, छोटे कारोबारियों और स्टार्टअप फाउंडर्स के लिए राहत भरी खबर है. अब बिजनेस शुरू करने या विस्तार करने में सबसे बड़ी रुकावट माने जाने वाले पैसे और बैंक गारंटी की शर्त आसान होने जा रही है. दिल्ली सरकार ने 'विकसित दिल्ली क्रेडिट लोन स्कीम' शुरू की है, जिसके तहत 10 करोड़ रुपए तक का सिक्योरिटी-फ्री लोन मिलेगा.
दिल्ली में टैलेंट और आइडिया की कोई कमी नहीं
इस योजना को लेकर दिल्ली सरकार और बैंकिंग संस्थानों के बीच MOU साइन किया गया है. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इसे दिल्ली की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाई देने वाला फैसला बताया. उन्होंने कहा कि दिल्ली में टैलेंट और आइडिया की कोई कमी नहीं है, लेकिन अब तक सबसे बड़ी समस्या कोलेट्रल की थी. जिन युवाओं और कारोबारियों के पास प्रॉपर्टी या बड़ी संपत्ति नहीं थी, वे चाहकर भी अपने सपनों को उड़ान नहीं दे पा रहे थे.
सरकार खुद गारंटर बनेगी और बैंक लोन देंगे
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली जैसे शहर में स्टार्टअप्स, MSMEs, छोटे उद्योग और महिला उद्यमियों की संख्या काफी ज्यादा है, लेकिन बैंक लोन के लिए फ्रीहोल्ड प्रॉपर्टी, मशीनरी गिरवी रखना और भारी डॉक्यूमेंटेशन जैसी शर्तें उनकी राह में बाधा बनती थीं. अब इस योजना में सरकार खुद गारंटर बनेगी और बैंक लोन देंगे.
लोन पर 95% तक सरकारी गारंटी
योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि लोन पर 95% तक सरकारी गारंटी मिलेगी. इसमें 75% गारंटी केंद्र सरकार और 20% गारंटी दिल्ली सरकार देगी. दिल्ली सरकार इस स्कीम के तहत 50 करोड़ रुपए का गारंटी फंड लगाएगी, जिससे करीब 2500 करोड़ रुपए तक का लोन दिया जा सकेगा. अगर मांग बढ़ी तो फंड और क्रेडिट लिमिट दोनों बढ़ाए जाएंगे. इस साल कम से कम 1 लाख लोगों को इस योजना से सीधा फायदा पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है.
95% तक गारंटी-फ्री लोन से राहत
यह योजना सिर्फ स्टार्टअप्स तक सीमित नहीं है. मैन्युफैक्चरिंग, रिटेल, ट्रेड, सर्विस सेक्टर, MSMEs, टेक आधारित स्टार्टअप्स और महिला-केंद्रित उद्यमों को इसका लाभ मिलेगा. उद्योग मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने इसे दिल्ली के उद्योग जगत के लिए गेम-चेंजर बताया. उन्होंने कहा कि 95% तक गारंटी-फ्री लोन MSMEs के लिए बड़ी राहत साबित होगा.
-सुशांत मेहरा की रिपोर्ट