Advertisement

दिल्ली में शराब का संकट खत्म करने के लिए पुरानी शराब नीति पर लौटा एक्साइज विभाग, जानिए दोनों पॉलिसी के बारे में

Delhi Liquor Policy: दिल्ली में 31 जुलाई 2022 को नई शराब नीति की मियाद खत्म हो रही है. अब इसी को लेकर केजरीवाल सरकार ने फैसला लिया है. दिल्ली में शराब का संकट खत्म करने के लिए अभी नई पॉलिसी को लागू नहीं किया जाएगा. एक्साइज विभाग पुरानी शराब नीति पर 6 महीने के लिए लौट गया है.

दिल्ली शराब नीति
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 30 जुलाई 2022,
  • अपडेटेड 8:36 AM IST
  • प्राइवेट वेंडर्स एसोसिएशन ने सरकार से एक मौके की मांग की है
  • 17 नवंबर 2021 को लागू हुई थी नई शराब नीति

दिल्ली में शराब का संकट खत्म करने के लिए कदम उठाया गया है. अभी राजधानी में नई पॉलिसी लागू नहीं होगी. नई शराब नीति को लेकर असमंजस में फंसे लाइसेंसधारियों के अधर के बीच एक्साइज विभाग पुरानी शराब नीति पर 6 महीने के लिए लौट गया है. यह तब तक के लिए है जब तक कि कोई नई नीति नहीं आ जाती. बता दें, दिल्ली के कई पॉश इलाकों में शराब की किल्लत के बीच नई शराब नीति की मियाद 31 जुलाई 2022 तक खत्म हो रही है.

एक्साइज विभाग ने दिल्ली स्टेट इंडस्ट्रियल एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (DSIIDC), दिल्ली टूरिज्म एंड ट्रांसपोर्टेशन डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (DTTDC), दिल्ली कंज्यूमर कोऑपरेटिव होलसेल स्टोर (DCCWS) और दिल्ली स्टेट सिविल सप्लाईज़ कॉर्पोरेशन (DSCSC) का रूख किया था. क्योंकि ये वही सरकारी विभाग हैं जो पुरानी शराब पॉलिसी के तहत शराब बेच रहे थे. मौजूद वक्त में लिकर वेंड की जगह खाली है या भरी हुई है ये सारी जानकारी इन सभी सरकारी विभागों को देने के लिए कहा गया है.  

हालांकि 17 नवंबर 2021 को नई शराब नीति लागू होने के बाद से जिन प्राइवेट वेंडर्स की दुकानों पर ताला लग गया था वो अब भी सरकार से एक मौके की मांग कर रहे हैं. दावा है कि दिल्ली में शराब का संकट नही पैदा होने दिया जाएगा. दिल्ली लिकर ट्रेडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष नरेश गोयल ने कहा, "सरकार हमें 6 महीने के लिए मौका देगी तो दो दिन के अंदर आधी से ज्यादा दुकाने खोल देगें. जिससे दिल्ली के लोगों को भरपूर दारू मिल सकेगी."

ऐसी है पुरानी शराब पॉलिसी

पुरानी शराब पॉलिसी में L1 और L10 लाइसेंस रिटेल वेंडर को दिया जाता था. जिसमें L1 दुकाने डीडीए के अप्रूव्ड मार्केट, लोकल शापिंग सेंटर, कन्वीनिएंट शॉपिंग सेंटर, डिस्ट्रिक्ट सेंटर और कम्युनिटी सेंटर में चला करती थी. दोनों तरह के लाइसेंस 2003 से चल रहे थे. L10  वाइन शॉप के लाइसेंस शॉपिंग मॉल के लिए थे. पुरानी पॉलिसी के तहत 260 प्राइवेट रिटेल शॉप, 480 गवर्नमेंट शॉप कुल मिलाकर शराब की कुल 740 शॉप थी. हर साल वेंडर लाइसेंस रिन्यू के लिए फी भरता था, हालांकि होलसेल की प्राइस फिक्स थी और बिलिंग अमाउंट पर वैट लगता था.

दिल्ली की नई शराब नीति (2021-2022) के तहत पूरी दिल्ली को 32 लिकर ज़ोन में बांटा गया है. 9 ज़ोन ने पहले ही लाइसेंस सरेंडर कर दिया है. इसके तहत 849 दुकानें खुली हैं, 31 जोन में 27 दुकान मिली हैं. एयरपोर्ट ज़ोन को 10 दुकानें मिली.  639 दुकान 9 मई को और 464 दुकान 2 जून को खोली गई हैं. जबकि यह शराब पॉलिसी 17 नवंबर 2021 को लागू होने से पहले दिल्ली में शराब की कुल 864 दुकानें थीं. 475 दुकानें सरकार चला रही थी जबकि 389 दुकान प्राइवेट थीं. 

नई शराब नीति का खास मकसद  

शराब पीने की उम्र 25 से घटकर 21 हो गई है, ड्राइ डे भी घट गए हैं. नई शराब नीति के तहत शराब माफिया को खत्म करने और शराब के समान वितरण का सरकार का लक्ष्य रखा गया है.  बता दें, दिल्ली ऐसी पहली सरकार बनी है जिसने शराब व्यवसाय से खुद को अलग कर लिया है. इसके लिए कई अलग नियम भी बनाए गए हैं जैसे पब्लिक प्लेस में स्टोर के आगे कोई शराब पीता है तो पुलिस नही बल्कि स्टोर वाला जिम्मेदार होगा. इसके मुताबिक,लोगों को स्टैंडर्ड लेवल की शराब पीने को मिलेगी. 

(राम किनकर सिंह की रिपोर्ट)

 

 

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Advertisement