भारतीय कर्मचारी भविष्य निधि संगठन यानी EPFO की ओर से पीएफ निकासी (PF Withdrawal) के संबंध में बड़ा अपडेट सामने आया है. अब ईपीएफओ मेंबर्स UPI के जरिए खाते का पैसा निकाल सकेंगे. इस नई व्यवस्था को EPFO 3.0 नाम दिया गया है. जिससे लंबी प्रक्रिया और इंतजार से राहत मिलेगी.
पूरी तरह बदलेगा EPFO का डिजिटल फेस
EPFO अपने मौजूदा पोर्टल को पूरी तरह अपग्रेड करने जा रहा है. नई वेबसाइट में अपडेटेड सॉफ्टवेयर और अच्छा बैकएंड सिस्टम होगा, जिससे तकनीकी दिक्कतें कम होंगी. इसके साथ ही वेबसाइट में Bhashini AI लैंग्वेज ट्रांसलेशन टूल जोड़ा जाएगा. इससे यूजर्स को हिंदी समेत अन्य भारतीय भाषाओं में जानकारी मिल सकेगी.
अब किसी भी शहर से मिलेगा PF से जुड़ा समाधान
EPFO अब कोर बैंकिंग सिस्टम की तरह एक सेंट्रलाइज्ड ऑपरेशन मॉडल अपनाएगा. इसका मतलब यह है कि अगर कोई कर्मचारी नौकरी के चलते शहर बदलता है, तो वह देश के किसी भी EPFO ऑफिस में जाकर अपना काम करवा सकेगा. अभी तक यह सुविधा सीमित थी, जिससे प्रवासी कर्मचारियों को परेशानी होती थी.
UPI से PF का पैसा निकाल सकेंगे
EPFO के करीब 8 करोड़ एक्टिव मेंबर्स हैं और इसका कुल फंड करीब 28 लाख करोड़ रुपए है. रिपोर्ट के मुताबिक, अप्रैल से EPFO सब्सक्राइबर्स BHIM ऐप और UPI के जरिए PF निकाल सकेंगे. हालांकि पूरी रकम नहीं निकाली जा सकेगी. कुछ हिस्सा फ्रोजन रहेगा, जबकि एक बड़ा हिस्सा UPI के जरिए सीधे बैंक खाते में आएगा. यूजर्स को यह भी दिखेगा कि कितनी रकम निकासी के लिए उपलब्ध है और कितनी न्यूनतम बैलेंस के तौर पर रखी गई है.
25 हजार तक की सीमा
शुरुआत में EPFO 25,000 प्रति ट्रांजैक्शन की सीमा तय कर सकता है. बीमारी, पढ़ाई, शादी और घर बनाने जैसे मामलों में तीन दिन के अंदर PF का पैसा मिल सकेगा. इससे हर साल निपटाए जाने वाले 5 करोड़ से ज्यादा क्लेम्स का बोझ भी कम होगा.
बढ़ेगा EPFO का दायरा
नए सोशल सिक्योरिटी कोड के लागू होने के बाद EPFO का दायरा बढ़ेगा. अब 20 या उससे ज्यादा कर्मचारियों वाले सभी संस्थानों के लिए EPFO कवरेज अनिवार्य होगा.इसके अलावा, EPFO को श्रमिकों के फंड का प्रबंधन भी सौंपा जा सकता है, जो गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स के सोशल सिक्योरिटी फंड से अलग होगा.