Advertisement

जॉब करने वाले ध्यान दें! सरकार ने बढ़ा दी है EPFO की वेतन सीमा, जानें ₹18000, 20000 और 25000 रुपए सैलरी वालों के खाते से अब कितना कटेगा PF

EPFO New Rule: जॉब करने वालों के लिए काम की खबर है. केंद्र सरकार ने EPFO की अनिवार्य वेतन सीमा ₹15000 से बढ़ाकर 25000 रुपए प्रति माह कर दी है. 17 सितंबर 2026 से इसे लागू भी कर दिया गया है.  आज हम आपको बता रहे हैं कि इस बदलाव के बाद  ₹18000, 20000 और 25000 रुपए सैलरी पाने वाले कर्मचारियों के खाते से अब कितना PF कटेगा?

EPFO New Rule
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 19 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 1:58 PM IST

केंद्र सरकार ने कर्मचारी भविष्य निधि संगठन यानी EPFO के तहत अनिवार्य वेतन सीमा ₹15000 को से बढ़ाकर 25000 रुपए प्रति माह कर दिया है. यह नई सीमा 17 सितंबर 2026 से प्रभावी भी हो गई है. इसका मतलब है कि यदि आपकी बेसिक सैलरी 15 हजार रुपए से लेकर 25 हजार रुपए तक है तो कंपनी को आपका पीएफ जमा करना ही होगा.

पीएफ की यह लिमिट सैलरी और DA पर लागू होती है, पूरी CTC या ग्रॉस सैलरी पर नहीं.  केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि केंद्र सरकार के इस फैसले 51 लाख कर्मचारियों को पीएफ बचत व पेंशन का फायदा मिलेगा.  अभी देश में 7.89 करोड़ लोग पीएफ के दायरे में आते हैं. केंद्र सरकार का कहना है कि EPFO के तहत अनिवार्य वेतन सीमा करने से अधिक कर्मचारियों को प्रोविडेंट फंड, सेविंग, पेंशन और इंश्योरेंस से जुड़ी सामाजिक सुरक्षा मिलेगी.

पहले कितनी थी अनिवार्य वेतन सीमा
आपको मालूम हो कि इससे पहले साल 2014 में पीएफ के लिए बेसिक सैलरी की लिमिट 6500 रुपए प्रति माह से बढ़ाकर 15000 रुपए प्रति माह की गई थी. इस सीमा से अधिक वेतन पर किसी कंपनी या प्रतिष्ठान में नौकरी यानी जॉब शुरू करने वाले कर्मचारी स्वतः अनिवार्य EPF कवरेज में नहीं आते थे.  हालांकि इस पर संबंधित वैधानिक प्रावधान लागू होते थे. अब यह सीमा बढ़ाकर 25000 रुपए प्रति माह कर दी गई है. आपको मालूम हो कि यदि आपकी बेसिक सैलरी और महंगाई भत्ता मिलाकर 30000 रुपए प्रति माह है, तो आप सरकार के 25000 रुपए वाले नियम के दायरे से बाहर हैं. इसका सीधा सा अर्थ यह है कि कंपनी या संस्थान के लिए आपका PF काटना कानूनन जरूरी नहीं है.

कर्मचारी के हिस्से से कितना कटता है पीएफ
आपको मालूम हो कि सामान्य मामलों में किसी जॉब करने वाले कर्मचारी का EPF योगदान उसके PF योग्य वेतन का 12% होता है.  नियोक्ता भी निर्धारित नियमों के अनुसार 12% योगदान करता है.  कर्मचारी का हिस्सा उसके वेतन से काटकर पीएफ खाते में जमा किया जाता है.  आपको मालूम हो कि कुछ विशेष श्रेणी के प्रतिष्ठानों के लिए PF योगदान दर 10 प्रतिशत भी हो सकती है.

18000 रुपए वेतन पर कितना कटेगा पीएफ 
यदि किसी कर्मचारी का पीएफ योग्य मासिक वेतन 18000 रुपए है तो उस पर सामान्य 12% पीएफ योगदान दर लागू होती है. इस तरह से कर्मचारी का मासिक EPF योगदान 18000 रुपए का 12% यानी 2160 रुपए होगा.  इस तरह से कर्मचारी के वेतन से हर माह 2160 रुपए PF के रूप में जा सकता है.

20000 रुपए वेतन पर कितना कटेगा पीएफ
यदि किसी कर्मचारी की पीएफ योग्य वेतन 20000 रुपए प्रतिमाह है तो 12% के हिसाब से 2400 रुपए पीएफ कटेगा. इस तरह कर्मचारी का मासिक पीएफ योगदान 2400 रुपए होगा.

25000 रुपए वेतन पर कितना कटेगा पीएफ
यदि किसी कर्मचारी की पीएफ योग्य वेतन 25000 रुपए प्रतिमाह है तो 12% के हिसाब से 3000 रुपए हर माह पीएफ कटेगा.

PF योग्य मासिक वेतन 12% कर्मचारी योगदान
₹18,000 ₹2,160
₹20,000 ₹2,400
₹25,000 ₹3,000

क्या होता है PF 
PF यानी प्रोविडेंट फंड (भविष्य निधि) एक रिटायरमेंट सेविंग फंड है. सरकार ने इसे नौकरीपेशा लोगों के लिए शुरू किया है. इसमें हर हर महीने कर्मचारी की बेसिक सैलरी और DA का 12% हिस्सा जमा होता है.  इस फंड में कंपनी भी इतना ही यानी 12% योगदान करती है. इसमें जमा पूरे पैसे पर ब्याज भी मिलता है, यह अभी 8.25% सालाना है. पीएफ (Provident Fund) का पैसा कर्मचारी रिटायरमेंट पर या जरूरत के समय निकाल सकते हैं.  पीएफ दो हिस्सों में EPF (कर्मचारी भविष्य निधि) और EPS (कर्मचारी पेंशन योजना) में बंटा होता है. EPF एक सेविंग फंड है. इसमें कर्मचारी और कंपनी दोनों हर महीने योगदान करते हैं. उधर, EPS पेंशन स्कीम है, जिलमें अलग से फंड जमा नहीं होता. इस सिस्टम को जॉब से रिटायरमेंट के बाद हर माह पेंशन देने के लिए बनाया गया है.

 

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Advertisement