जॉब करने वाले लोगों के लिए प्रोविडेंट फंड (PF) एक तरह से फाइनेंशियल सुरक्षा का मजबूत आधार माना जाता है. रिटायरमेंट हो, मेडिकल इमरजेंसी या कोई और जरूरत, PF मुश्किल वक्त में बड़ा सहारा बनता है. लेकिन जब PF निकालने का समय आता है, तो कई बार वर्क्स को निराशा हाथ लगती है, क्योंकि उनका क्लेम रिजेक्ट हो जाता है.
अक्सर लोग मान लेते हैं कि क्लेम रिजेक्ट होने के पीछे कोई बड़ी तकनीकी या कानूनी वजह होगी, जबकि सच्चाई यह है कि ज्यादातर मामलों में लोग क्लेम भरते समय छोटी-छोटी गलतियां कर बैठते हैं. जिससे वो रिजेक्ट हो जाता है. EPFO के पास आने वाले क्लेम में डॉक्यूमेंट मिसमैच, अधूरी जानकारी और वेरिफिकेशन से जुड़ी समस्याएं सबसे आम कारण हैं. तो चलिए बताते हैं कुछ ऐसे टिप्स जिनसे नहीं होगा क्लेम रिजेक्ट.
आधार, पैन या बैंक डिटेल वेरीफाई न होना
PF क्लेम रिजेक्शन की सबसे बड़ी वजह KYC से जुड़ी खामियां होती हैं. अगर आधार, पैन या बैंक डिटेल अपडेट तो है लेकिन एम्प्लॉयर से वेरीफाई नहीं की गई, तो क्लेम स्वीकार नहीं किया जाता. कई बार कर्मचारी KYC अपडेट कर देते हैं, लेकिन एम्प्लॉयर अप्रूवल न मिलने से मामला फंस जाता है.
पर्सनल डिटेल में मिसमैच
अगर क्लेम फॉर्म की जानकारी EPFO रिकॉर्ड से मेल नहीं खाती, तो भी क्लेम रिजेक्ट हो सकता है. आधार और PF पोर्टल पर नाम की स्पेलिंग में हल्का फर्क, जन्मतिथि या जेंडर में गलती परेशानी बढ़ा सकती है. ऐसे मामलों में जॉइंट डिक्लेरेशन फॉर्म के जरिए सुधार कराना जरूरी होता है.
बैंक डिटेल में गड़बड़ी
गलत अकाउंट नंबर, IFSC कोड या इनएक्टिव बैंक अकाउंट PF क्लेम रिजेक्शन की आम वजह है. EPFO आमतौर पर जॉइंट अकाउंट स्वीकार नहीं करता. इसके अलावा बैंक मर्जर के बाद बदला हुआ IFSC भी क्लेम अटकाने का कारण बन सकता है.
UAN का आधार से लिंक न होना
UAN को आधार से लिंक और वेरीफाई करना अनिवार्य है. अगर यह प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है, तो PF क्लेम अपने आप रिजेक्ट हो सकता है.
इनएक्टिव या गलत तरीके से लिंक UAN
अगर आपका UAN एक्टिव नहीं है या मौजूदा नौकरी से सही तरह से जुड़ा नहीं है, तो उस पर किया गया क्लेम स्वीकार नहीं किया जाएगा. क्लेम से पहले UAN स्टेटस जांचना बेहद जरूरी है.
PF क्लेम रिजेक्ट हो जाए तो क्या करें?
अगर आपका PF क्लेम रिजेक्ट हो गया है, तो घबराने की जरूरत नहीं है. सबसे पहले अपनी सभी डिटेल दोबारा ध्यान से जांचें. जैसे पर्सनल जानकारी, बैंक डिटेल और KYC स्टेटस सही होना चाहिए. उसके बाद आप दोबारा क्लेम कर सकते हैं.
पेंशन से जुड़े मामलों में Form 19 और Form 10C एक साथ जमा करना बेहतर रहता है. साथ ही EPFO पोर्टल पर क्लेम स्टेटस नियमित रूप से चेक करते रहें. अगर किसी स्टेप में दिक्कत आ रही हो, तो अपने एंप्लॉयर या नजदीकी EPF ऑफिस से संपर्क कर समाधान लिया जा सकता है.