नॉमिनी नहीं जोड़ा है और PF मेंबर की मौत हो जाती है तो पैसा किसको मिलेगा? समझिये

अगर EPFO सदस्य ने किसी को नॉमिनी नहीं बनाया है और उसकी मौत हो जाती है तो उस पैसों का क्या होता है? क्या वो पैसा फैमिली को मिलता है. अगर मिलता है तो किसको मिलता है? चलिए जानते हैं.

EPFO Rules (Photo/ChatGPT AI)
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 14 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 1:19 PM IST

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन समय-समय पर खाताधारकों को पीएफ अकाउंट में नॉमिनी जोड़ने की सलाह देता रहता है. लेकिन अभी भी बहुत सारे ऐसे लोग हैं, जिन्होंने पीएफ अकाउंट में नॉमिनी को नहीं जोड़ा है. EPFO इसलिए ये सलाह देता है, ताकि किसी अनहोनी की स्थिति में फैमिली को इसका लाभ आसानी से मिल सके. हालांकि अगर पीएफ मेंबर की मौत हो जाती है और अकाउंट में किसी नॉमिनी का नाम नहीं है तो क्या होगा? चलिए जानते हैं.

नॉमिनी नहीं होने पर PF का डूब जाएगा?
कई लोगों के मन में ये सवाल उठता है कि अगर पीएफ अकाउंट में कोई नॉमिनी नहीं है और पीएफ मेंबर की मौत हो जाती है तो क्या पीएफ का पैसा डूब डाता है? लेकिन ऐसा नहीं है. पीएफ का पैसा डूबता नहीं है. वो रकम अकाउंट में सेफ रहता है.

बिना नॉमिनी के PF अकाउंट के पैसा का क्या होता है?
अगर ईपीएफओ सदस्य की मौत हो जाती है और उसने अपने खाते में नॉमिनी नहीं जोड़ा है तो उसका पैसा बर्बाद नहीं होता है. वो पैसा अकाउंट में सेफ रहता है. लेकिन सवाल ये उठता है कि उन पैसों का क्या होता है? ते आपको बताते हैं कि उन पैसों को पीएफ मेंबर की फैमिली को मिलता है.

किसको मिलता है पीएफ का पैसा?
बिना नॉमिनी के पीएफ मेंबर की मौत के बाद उसका पैसा अकाउंट में सेफ रहता है. उन पैसों को पात्र परिवार के सदस्यों या कानूनी वारिसों को दिया जाता है. हालांकि अगर नॉमिनी नहीं जोड़ा गया है तो क्लेम का प्रोसेस काफी कठिन होता है. ये पैसा आसानी से फैमली को नहीं मिलता है. इन पैसों को पाने के लिए परिवार के कई दस्तावेज जमा करने होते हैं. इसमें समय भी ज्यादा लगता है. इसलिए पीएफ मेंबर को अकाउंट में नॉमिनी जरूर जोड़ना चाहिए.

बिना नॉमिनी वाले पीएफ अकाउंट का पैसा मृतक परिवार के पात्र सदस्यों में बांटा जाता है. सभी जरूरी दस्तावेज मिलने के बाद उस पैसे को सभी सदस्यों में बराबर बांटा जाता है.

अगर ईपीएफओ खाते में जमा राशि पर लंबे समय तक कोई दावा नहीं किया जाता और खाता 3 साल तक बिना इस्तेमाल के रहता है तो उसे इनऑपरेटिव कैटेगरी में डाल दिया जाता है. इसलिए फैमिली को समय पर क्लेम दाखिल करने की सलाह दी जाती है.

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