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Purchase of gold: महंगा सोना फिर भी जमकर खरीदारी जारी... फेस्टिव सीजन से पहले ज्वेलर्स ने बढ़ाए स्टॉक

सोने की कीमतों में तेजी के बीच ज्वैलरी डिमांड में रिकवरी देखी जा रही है. फेस्टिव सीजन से पहले रुकी हुई खरीदारी लौटती हुई दिखाई दे रही है, जिसको देखकर मैन्युफैक्चरर्स और ज्वेलर्स ने इन्वेंट्री बढ़ाना शुरू किया है.

Gold Jewelry
आदित्य के. राणा
  • नई दिल्ली,
  • 20 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 10:10 AM IST

फेस्टिव सीजन करीब आते ही भारतीय बाजार में सोने की ज्वेलरी की खरीदारी बढ़ने लगी है. खास बात है कि सोने की कीमतें ऊंचे स्तर पर होने के बावजूद ग्राहक खरीदारी से पीछे नहीं हट रहे हैं. World Gold Council यानी WGC की ताजा India Gold Market Update के मुताबिक सोने की कीमतों में हालिया रिकवरी के साथ भारत में फिजिकल गोल्ड डिमांड में भी सुधार के संकेत मिले हैं. ज्वेलरी की मांग मजबूत हुई है और ग्राहकों ने हाल की कीमतों में उतार-चढ़ाव को खरीदारी के मौके के तौर पर देखा है. इसके अलावा पहले टाली गई खरीदारी भी बाजार में वापस लौटी है. फेस्टिव सीजन से पहले मैन्युफैक्चरर्स को ज्यादा ऑर्डर मिल रहे हैं, जबकि ज्वेलर्स ने इन्वेंट्री बढ़ानी शुरू कर दी है.

14 अगस्त तक 7% महंगा हुआ सोना
ज्वेलरी खरीदारी के बीच सोने की कीमतों में भी तेजी देखने को मिली है. WGC के मुताबिक अगस्त के शुरुआती दो हफ्तों में इंटरनेशनल मार्केट में सोने की कीमत 9 फीसदी बढ़कर 4,391 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई. वहीं घरेलू बाजार में 14 अगस्त तक 10 ग्राम सोने की कीमत करीब 7 फीसदी बढ़कर 1,51,744 रुपए हो गई. डॉलर की कमजोरी, मॉनेटरी पॉलिसी को लेकर बदली उम्मीदें और गोल्ड ETF में नए निवेश ने कीमतों की रिकवरी को सपोर्ट किया.

त्योहारों से पहले ज्वेलर्स ने बढ़ाया स्टॉक
सोने की कीमतों में तेजी के बावजूद ज्वेलर्स की तरफ से स्टॉक बढ़ाने की तैयारी बताती है कि फेस्टिव सीजन को लेकर बाजार में उम्मीद मजबूत है. WGC के मुताबिक मैन्युफैक्चरर्स को ज्यादा ऑर्डर मिल रहे हैं और ज्वेलर्स फेस्टिव सीजन की मांग को देखते हुए अपनी इन्वेंट्री बढ़ा रहे हैं. यानी बाजार में केवल निवेश के लिए सोने की मांग नहीं बढ़ रही, ज्वेलरी की खरीदारी भी धीरे-धीरे रफ्तार पकड़ रही है.

जुलाई में दोगुने से ज्यादा सोना इम्पोर्ट
ज्वेलरी और फिजिकल गोल्ड की बढ़ती मांग का असर सोने के आयात में भी दिखाई दिया है. जुलाई में भारत का गोल्ड इम्पोर्ट वैल्यू के हिसाब से बढ़कर 4.16 अरब डॉलर हो गया, जो जून के 1.97 अरब डॉलर के मुकाबले दोगुने से ज्यादा है. WGC के अनुमान के मुताबिक जुलाई में करीब 40 से 45 टन सोने का आयात हुआ, जबकि जून में ये मात्रा करीब 20 टन थी. WGC ने आयात में इस तेजी की वजह फिजिकल डिमांड में सुधार और फेस्टिव सीजन से पहले मैन्युफैक्चरर्स और रिटेलर्स की तरफ से इन्वेंट्री बढ़ाने को बताया है.

गोल्ड ETF में भी निवेश जारी
फिजिकल गोल्ड और ज्वेलरी के साथ निवेश की मांग भी बाजार को सपोर्ट कर रही है. जुलाई में भारत के गोल्ड ETF में 1,560 करोड़ रुपए का नेट इनफ्लो आया. ETF की कुल होल्डिंग बढ़कर 120 टन हो गई, जबकि अगस्त के पहले दो हफ्तों में करीब 1,179 करोड़ रुपए का अतिरिक्त निवेश आने का अनुमान है. हालांकि, आम ग्राहकों के लिए इस पूरी तस्वीर का सबसे बड़ा संकेत ज्वैलरी बाजार से मिल रहा है, जहां फेस्टिव सीजन से पहले पेंडिंग खरीदारी लौटने और ज्वेलर्स की इन्वेंट्री बढ़ने से डिमांड में सुधार दिख रहा है.

महंगे सोने के बीच त्योहारों पर नजर
सोने की कीमतें रिकॉर्ड ऊंचे स्तरों के करीब हैं, लेकिन ज्वेलरी की खरीदारी में फिर से मजबूती दिख रही है. फेस्टिव और इसके बाद आने वाले वेडिंग सीजन में ज्वेलर्स की बिक्री कैसी रहती है, ये गोल्ड डिमांड की आगे की दिशा तय करने में अहम होगा. WGC का भी मानना है कि भारत की गोल्ड डिमांड में ये रिकवरी आने वाले फेस्टिव सीजन में और मजबूत हो सकती है.

 

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