रेडी टू मूव इन हाउस खरीदने या फिर अंडर कंस्ट्रक्शन प्रॉपर्टी को बुक करने के अलावा लोग प्लॉट पर घर बनवाने के लिए भी होम लोन लेते हैं. ऐसे लोन्स को कंस्ट्रक्शन लोन्स भी कहा जाता है और भारत के सभी नामी लोनदाता ये लोन देते हैं. रेग्युलर हाउसिंग लोन्स के मुकाबले कंस्ट्रक्शन लोन की मंजूरी और वितरण की प्रक्रिया थोड़ी अलग होती है.यह भी ध्यान रखें कि होम कंस्ट्रक्शन लोन होम लोन या प्लॉट लोन की तरह नहीं होते हैं. अलग-अलग कीमतों के अलावा इन तीन तरह के लोन के नियम और शर्तें भी अलग-अलग होती हैं. चुकौती अवधि में भी अंतर है.
होम कंस्ट्रक्शन लोन: क्या है योग्यता
घर बनाने के लिए अगर लोन लेना है तो आवेदक को इन योग्यताओं पर खरा उतरना होगा:
उम्र: 18 उम्र से 65 वर्ष
रिहायश की स्थिति: भारतीय या प्रवासी भारतीय (NRI) होना चाहिए.
रोजगार: खुद का रोजगार हो या फिर नौकरीपेशा
क्रेडिट स्कोर: 750 से ज्यादा
आय: 25000 रुपये प्रति माह से ज्यादा
किन दस्तावेजों की जरूरत पड़ती है?
नो योर कस्टमर (केवाईसी) और आय के दस्तावेजों के अलावा आपके स्वामित्व वाली जमीन पर घर बनवाने के लिए आपको ऋणदाता को वो दस्तावेज दिखाने होंगे, जो भूमि पर आपका मालिकाना हक साबित करें. भूमि का यह टुकड़ा फ्रीहोल्ड प्लॉट भी हो सकता है या फिर डीडीए, सीआईडीसीओ जैसे विकास प्राधिकरण द्वारा आवंटित किया गया प्लॉट. आप लीजहोल्ड भूमि पर भी लोन हासिल कर सकते हैं. लेकिन लीज लंबी अवधि के लिए होनी चाहिए. आपको प्रॉपर्टी को लेकर नो एन्कम्ब्रन्स सर्टिफिकेट भी जमा कराना होगा.
प्लॉट के दस्तावेजों के अलावा, प्रस्तावित घर का प्लान और लेआउट सब्मिट करना होगा, जिसे ग्राम पंचायत या फिर स्थानीय निकाय संस्थाओं ने मंजूरी दी हो. आपको निर्माण में आने वाली लागत का अनुमान भी बताना होगा, जिसे किसी आर्किटेक्ट या सिविल इंजीनियर ने सर्टिफाई किया हो. इन दस्तावेजों के आधार पर, अगर कर्जदाता आपकी योग्यता और सब्मिट की गई लागत से संतुष्ट हो जाता है तो वह नियम व शर्तों के आधार पर आपका होम लोन अप्रूव कर देगा.
मार्जिन मनी
किसी भी दूसरे होम लोन की तरह, कर्ज लेने वाले को घर के निर्माण के लिए मार्जिन मनी देनी होगी, जो मांगी गई होम लोन की राशि पर निर्भर करता है. अगर हाल ही में प्लॉट लिया है तो आपके योगदान की कैलकुलेशन करते हुए प्लॉट की कीमत पर विचार किया जाता है.
आपके योगदान की कैलकुलेशन करते वक्त प्लॉट की वैल्यू/ लागत को ध्यान में नहीं रखा जाता है, अगर वह आपको विरासत या गिफ्ट के तौर पर मिला है या इसे बहुत पहले खरीदा गया है.
कंस्ट्रक्शन लोन सेगमेंट में एसबीआई, एचडीएफसी लिमिटेड, आईसीआईसीआई बैंक इत्यादि काफी एक्टिव हैं. हालांकि, सभी कर्जदाता जो होम लोन नहीं देते हैं, वे भी कंस्ट्रक्शन लोन मुहैया कराते हैं. कुछ कर्जदाता खुद की बनाई हुई संपत्तियों के लिए लोन देने में सहज नहीं होते.
कंस्ट्रक्शन के लिए एसबीआई होम लोन के नियम
सार्वजनिक क्षेत्र का बैंक एसबीआई घर बनाने के लिए ‘रियल्टी होम लोन’ देता है. आप एसबीआई रियल्टी के तहत प्लॉट पर घर बनाने के लिए लोन भी ले सकते हैं. जो लोग लोन ले रहे हैं, उन्हें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि लोन के मंजूर होने की तारीख से 5 साल के भीतर घर की कंस्ट्रक्शन पूरी हो जाए. एक ग्राहक को लोन की अधिकतम राशि 15 करोड़ रुपये तक मिल सकती है और चुकौती की अवधि 10 साल होगी.
एचडीएफसी होम लोन कंस्ट्रक्शन लोन
प्राइवेट सेक्टर का एचडीएफसी बैंक भी फ्रीहोल्ड, किसी डेवेलपमेंट अथॉरिटी द्वारा आवंटित प्लॉट और लीजहोल्ड प्लॉट पर घर बनाने के लिए लोन देता है. फिलहाल, एचडीएफसी 6.95 प्रतिशत की दर से कंस्ट्रक्शन लोन दे रहा है. हालांकि कंस्ट्रक्शन लोन पर सर्वश्रेष्ठ ब्याज दर पाने के लिए ग्राहक को कई शर्तों को पूरा करना पड़ेगा.
ध्यान दें कि होम कंस्ट्रक्शन लोन और प्लॉट लोन एक नहीं हैं. एचडीएफसी में प्लॉट लोन्स एक अलग उत्पाद है. प्लॉट लोन्स पर दरें होम कंस्ट्रक्शन लोन्स से अलग होती हैं. दोनों की लोन एप्लिकेशन्स में पेपर वर्क भी अलग होता है.
इन बातों का रखें ध्यान
जो ग्राहक कंस्ट्रक्शन लोन लेने की योजना बना रहे हैं, उन्हें यह मालूम होना चाहिए कि सारे कर्जदाता इस श्रेणी में लोन नहीं देते. इसलिए पास की ब्रांच में जाने से पहले बैंक की वेबसाइट चेक कर लें कि वो कंस्ट्रक्शन लोन देते हैं या नहीं. यह भी बात ग्राहकों को ध्यान रखनी चाहिए कि बैंक लोन की पूरी राशि एक साथ नहीं देते. यह निर्माण की प्रगति पर निर्भर करता है.
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
क्या है होम कंस्ट्रक्शन लोन?
लोग अपना घर किसी प्लॉट पर खुद या फिर किसी कॉन्ट्रैक्टर के जरिए बनवाने के लिए होम लोन ले सकते हैं. ऐसे लोन्स को कंस्ट्रक्शन लोन्स कहा जाता है. कंस्ट्रक्शन लोन सेगमेंट में एसबीआई, एचडीएफसी लिमिटेड, आईसीआईसीआई बैंक इत्यादि काफी एक्टिव हैं. हालांकि, सभी कर्जदाता जो होम लोन नहीं देते हैं, वे भी कंस्ट्रक्शन लोन मुहैया कराते हैं.
होम कंस्ट्रक्शन लोन के लिए कैसे अप्लाई करें?
नो योर कस्टमर (केवाईसी) और आय के दस्तावेजों के अलावा आपके स्वामित्व वाली जमीन पर घर बनवाने के लिए आपको ऋणदाता को वो दस्तावेज दिखाने होंगे, जो भूमि पर आपका मालिकाना हक साबित करें.
चरणों में कंस्ट्रक्शन लोन कैसे वितरित किए जाते हैं?
कंस्ट्रक्शन लोन में पैसों का वितरण हिस्सों में किया जाता है और कंस्ट्रक्शन के चरणों के आधार पर पैसा जारी किया जाता है, यह प्रक्रिया तब भी फॉलो की जाती है, जब आप डेवेलपर के पास अंडर कंस्ट्रक्शन फ्लैट बुक कराते हैं.
घर बनाने के लिए मुझे कितना लोन मिल सकता है?
कोई व्यक्ति संपत्ति के कुल मूल्य का 90% तक होम लोन के रूप में हासिल कर सकता है.
क्या कोई प्रॉपर्टी तय किए बिना होम कंस्ट्रक्शन लोन के लिए अप्लाई कर सकता है?
अगर संपत्ति के बारे में अभी तक कोई फैसला नहीं हुआ है और फिर भी कोई शख्स होम कंस्ट्रक्शन लोन के लिए आवेदन करना चाहता है, तो उसे प्री-अप्रूव्ड होम लोन के लिए आवेदन करना चाहिए जो किसी की आय, क्रेडिट स्कोर और अन्य फैक्टर्स के आधार पर दिया जाता है.