अगर आपने होम लोन लिया है और उसकी EMI चुका रहे हैं, लेकिन इसी दौरान आपको किसी बैंक के बारे में पता लगता है जो कम ब्याज पर लोन देने का ऑफर दे रहा है. ऐसे में आपके मन में ख्याल आ सकता है कि काश यहां से लोन लिया होता. तो बता दें कि आप लोन ट्रांसफर करवा सकते हैं.
ऐसा करने से आप ज्यादा ब्याज दर से बच सकते हैं. अगर आप ऐसा करते हैं तो मौजूदा होम लोन को दूसरे बैंक या हाउसिंग फाइनेंस कंपनी में शिफ्ट किया जाता है. इससे ब्याज का खर्च कम हो सकता है. लेकिन ऐसा करने से पहले कई बाते हैं जिनका ख्याल रखना चाहिए.
मान लीजिए आपका होम लोन 10.25% की दर से चल रहा है और दूसरा बैंक 9.25% पर लोन दे रहा है. तो 1% का अंतर बेशक छोटा लग सकता है, लेकिन बड़ी बकाया रकम और लंबे टेन्योर में इससे ब्याज में अच्छी खासी बचत हो सकती है.
आप चाहें तो कम ब्याज का फायदा EMI कम करके ले सकते हैं. या फिर EMI लगभग उतनी ही रखें और लोन जल्दी पूरा कर सकते हैं. इससे आप जल्दी कर्ज फ्री हो सकते हैं.
लेकिन ऐसा करने पर सिर्फ ब्याज की बचत को नहीं देखना चाहिए. दरअसल ऐसा करने पर कई दूसरे खर्च भी शामिल होते हैं. जैसे प्रोसेसिंग फीस, लीगल फीस, प्रॉपर्टी चेक और वैल्यूएशन आदि. इसलिए पहले यह देखें कि ट्रांसफर पर कुल कितना खर्च आएगा और ब्याज में कितनी बचत होगी. अगर खर्च बचत का बड़ा हिस्सा खा रहा है, तो ट्रांसफर करना कोई फायदे का सौदा नहीं होगा.
लोन के शुरुआती वर्षों में ट्रांसफर का फायदा ज्यादा मिल सकता है. इस समय EMI का बड़ा हिस्सा ब्याज में जाता है. वहीं, अगर लोन खत्म होने में कुछ ही साल बचे हैं, तो ट्रांसफर से मिलने वाली बचत कम हो सकती है.
नया बैंक आपके क्रेडिट स्कोर, कमाई, EMI पेमेंट और दूसरे कर्ज को देखेगा. अच्छा क्रेडिट स्कोर होने पर आपको बेहतर ब्याज दर मिल सकती है. इसलिए ट्रांसफर से पहले अपना क्रेडिट स्कोर भी जरूर चेक करें.