क्या Digital Rupee के आने से बदल जाएगा ऑनलाइन पेमेंट करने का तरीका, जानें UPI, Paytm और Google Pay पर कैसे पड़ेगा असर

एक्सपर्ट का कहना है कि डिजिटल रुपया के आ जाने से मौजूदा पेमेंट मेथड पर कोई असर नहीं पड़ेगा. ये पेमेंट का एक नया और अलग तरीका है, जो पारंपरिक डिजिटल ट्रांजेक्शन की तुलना में ज्यादा अच्छा होगा

डिजिटल रुपया
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 30 नवंबर 2022,
  • अपडेटेड 6:46 PM IST
  • पहले फेज में 4 बैंकों के साथ शुरू किया जाएगा
  • कर सकते हैं पेमेंट

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने 1 दिसंबर, 2022 को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में डिजिटल रुपया (e₹-R) लॉन्च करने की घोषणा की है. इसे सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी या CBDC के रूप में जाना जाता है. यह केंद्रीय बैंक का एक तरह का तरीका है जिससे कैशलेस पेमेंट और करेंसी को डिजिटल बनाया जाए. हालांकि,  इसकी आने की खबर के बाद से अब सवाल उठता है कि क्या पेमेंट के इस नए तरीके से UPI और मोबाइल वॉलेट जैसे पेटीएम और गूगल पे बदल जाएगा? या उनके पेमेंट मेथड पर कोई असर पड़ेगा? 

दरअसल, एक्सपर्ट का कहना है कि डिजिटल रुपया के आ जाने से मौजूदा पेमेंट मेथड पर कोई असर नहीं पड़ेगा. ये पेमेंट का एक नया और अलग तरीका है, जो पारंपरिक डिजिटल ट्रांजेक्शन की तुलना में ज्यादा अच्छा होगा. इसमें आपके बैंक से एक बार डिजिटल रुपये खरीदना और उसके बाद वॉलेट से वॉलेट में ट्रांजेक्शन करना शामिल है.

यूपीआई से किस तरह अलग है?

पेमेंट काउंसिल ऑफ इंडिया के डायरेक्टर विश्वास पटेल कहते हैं, "डिजिटल रुपया एक ब्लॉकचेन पर टोकन फॉर्म में है. ये आपको रिटेल सीबीडीसी के साथ,बिना किसी बैंक को शामिल किए ट्रांजेक्शन करने का मौका देगा. इसमें नकदी की तरह समान मूल्यवर्ग (Denominations) होंगे. यह यूपीआई से काफी अलग है. इसमें बैंक अकाउंट से असली पैसे डेबिट होंगे.”

पहले फेज में 4 बैंकों के साथ शुरू किया जाएगा

इस रिटेल डिजिटल करेंसी को टू-टियर मॉडल के माध्यम से वितरित करने का प्रस्ताव है. इसका मतलब है कि आरबीआई कमर्शियल बैंकों को डिजिटल रुपये का वितरण करेगा. इसमें पहला चरण चार बैंकों के साथ शुरू होगा, जिसमें भारतीय स्टेट बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, यस बैंक और आईडीएफसी फर्स्ट बैंक शामिल हैं. ये बैंक उपभोक्ताओं के हाथों में इस करेंसी को देंगे. 

ऐसे कर सकते हैं पेमेंट

आरबीआई के मुताबिक, ट्रांजेक्शन पर्सन टू पर्सन (पी2पी) और पर्सन टू मर्चेंट (पी2एम) दोनों हो सकती हैं. व्यापारियों को पेमेंट व्यापारी के स्थानों पर जो क्यूआर कोड होता है उसका इस्तेमाल करके किया जा सकता है. कुछ समय बाद  चार और बैंक - बैंक ऑफ बड़ौदा, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, एचडीएफसी बैंक और कोटक महिंद्रा बैंक को इस पायलट में शामिल किया जाएगा.  शुरू में चार शहरों - मुंबई, नई दिल्ली, बेंगलुरु और भुवनेश्वर को कवर किया जाएगा. इसके बाद अहमदाबाद, गंगटोक, गुवाहाटी, हैदराबाद, इंदौर, कोच्चि, लखनऊ, पटना और शिमला तक इसे आगे बढ़ाया जाएगा. 

जबकि पेटीएम और Google पे में हम फिजिकल करेंसी के माध्यम से पेमेंट करते हैं. डिजिटल रुपया करेंसी का एक इलेक्ट्रॉनिक रूप होगा. आगे चलकर यह संभव है कि मोबाइल भुगतान कंपनियां अपने ऐप का एक हिस्सा डिजिटल रुपये को समर्पित कर सकती हैं.

व्यवसायों के संचालन के तरीके पर पड़ेगा प्रभाव

मनीहॉप के संस्थापक और सीईओ मयंक गोयल कहते हैं, “भारत सरकार की डिजिटल रुपये की घोषणा के साथ, इस बारे में अटकलें लगाई जा रही हैं कि यह लोकप्रिय डिजिटल वॉलेट के कारोबार को प्रभावित करेगा. जबकि डिजिटल रुपया अभी भी अपने शुरुआती सफर में है. भारत में व्यवसायों के संचालन के तरीके पर इसका बड़ा प्रभाव पड़ने की उम्मीद है. यह ऑनलाइन लेनदेन करना आसान बना देगा. ऐसा इसलिए है क्योंकि डिजिटल रुपया ब्लॉकचेन तकनीक पर आधारित होगा, जो तेज और सुरक्षित लेनदेन की अनुमति देगा."


 

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