धनतेरस के मौके पर सोना खरीदना शुभ माना जाता है. इस दिन बड़ी संख्या में लोग सोने के सिक्के, गहने और दूसरी चीजें खरीदते हैं. हर साल त्योहार के समय सोने की खरीदारी बढ़ जाती है. लेकिन इस दौरान ग्राहकों के साथ ठगी होने का खतरा भी रहता है. कई बार दुकानदार असली सोने के नाम पर नकली या कम शुद्धता वाला सोना बेच देते हैं. ऐसे में जरूरी है कि सोना खरीदने से पहले उसकी शुद्धता की जांच कर ली जाए. लेकिन कैसे आप इसे आसानी से जांच सकते हैं, चलिए बताते हैं.
सबसे पहले चेक करें हॉलमार्क
सोने की शुद्धता जानने का सबसे जरूरी तरीका हॉलमार्क देखना है. सोने के गहने खरीदते समय उस पर BIS हॉलमार्क जरूर चेक करें. हॉलमार्क से पता चलता है कि सोना कितने कैरेट का है. इसके अलावा गहने पर HUID नंबर भी देखना चाहिए. यह 6 अंकों का खास पहचान नंबर होता है. इससे सोने की शुद्धता और गहने से जुड़ी जानकारी की जांच की जा सकती है.
HUID नंबर से क्या-क्या पता चलता है?
HUID नंबर की मदद से सोने के गहने की पहचान और उसकी हॉलमार्किंग से जुड़ी जानकारी मिलती है. इससे पता लगाया जा सकता है कि गहना कितने कैरेट का है, जैसे 22 कैरेट या 18 कैरेट. इसके अलावा, इस नंबर से गहने की हॉलमार्किंग करने वाले अधिकृत सेंटर और हॉलमार्किंग के लिए गहना भेजने वाले ज्वेलर की जानकारी भी BIS के रिकॉर्ड में देखी जा सकती है. हर हॉलमार्क वाले गहने को अलग HUID नंबर दिया जाता है, जिससे उसकी पहचान करना आसान हो जाता है.
HUID नंबर की जांच कैसे करें?
सोने के गहने पर दिए गए HUID नंबर की जांच आप BIS Care ऐप के जरिए कर सकते हैं. इसके लिए सबसे पहले अपने मोबाइल में BIS Care ऐप डाउनलोड करें. इसके बाद ऐप में Verify HUID का विकल्प चुनें. अब गहने पर लिखा 6 अंकों का HUID नंबर दर्ज करें. ऐसा करते ही स्क्रीन पर उस गहने की हॉलमार्किंग और शुद्धता से जुड़ी उपलब्ध जानकारी दिखाई देगी. इस तरह आप सोना खरीदने से पहले उसकी जानकारी की जांच कर सकते हैं.
सोना खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान
धनतेरस या किसी दूसरे मौके पर सोना खरीदते समय केवल HUID नंबर देखकर संतुष्ट न हों. गहने पर BIS का हॉलमार्क, कैरेट की शुद्धता का निशान और 6 अंकों का HUID नंबर जरूर चेक करें. साथ ही दुकानदार से पक्का बिल लें. इससे आपको असली सोना खरीदने और ठगी से बचने में मदद मिल सकती है.
नाइट्रिक एसिड टेस्ट से करें सोने की पहचान
असली और नकली सोने की पहचान के लिए नाइट्रिक एसिड टेस्ट का भी इस्तेमाल किया जाता है. इस जांच में सोने की शुद्धता का पता लगाया जाता है. अगर एसिड के संपर्क में आने पर सोने का रंग बदलता है या कोई एक्टिविटी होती है, तो उसमें दूसरी धातु मिली हो सकती है.
वहीं शुद्ध सोना नाइट्रिक एसिड से आसानी से प्रतिक्रिया नहीं करता. लेकिन नाइट्रिक एसिड खतरनाक होता है, इसलिए इस जांच को किसी एक्सपर्ट से करवाना चाहिए.
विनेगर टेस्ट से भी कर सकते हैं जांच
सोने की पहचान के लिए विनेगर टेस्ट यानी सिरके का नाम भी लिया जाता है. आमतौर पर असली सोने के रंग में सिरका डालने से कोई बदलाव नहीं होता. वहीं नकली या कम शुद्धता वाले सोने के रंग में बदलाव आ सकता है. लेकिन यह तरीका पूरी तरह भरोसेमंद नहीं है. इसलिए केवल इस जांच के आधार पर सोने की असलियत का फैसला नहीं करना चाहिए.
सोना खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान
धनतेरस पर सोना खरीदते समय हमेशा भरोसेमंद ज्वेलर से ही खरीदारी करें. गहने का बिल जरूर लें और उसमें सोने की शुद्धता, वजन और कीमत की जानकारी चेक करें. हॉलमार्क और HUID नंबर की जांच करना न भूलें. इससे आप नकली सोना खरीदने और ठगी का शिकार होने से बच सकते हैं.