फाइनेंशियल एमरजेंसी कभी भी बिना बताए किसी के सामने आ सकती है. ऐसे समय में फौरन पैसों की जरूरत पड़ना आम बात है. कोई भी व्यक्ति ऐसे हालात के लिए पहले से तैयार नहीं रहता. इसलिए कई लोग मजबूरी में अपने पास मौजूद सोना या चांदी गिरवी रखने या बेचने का फैसला करते हैं. पर यह कदम कोई शौक से नहीं उठाता, लेकिन जब हालात मजबूर कर दें तो लोग इस कदम को उठा लेते हैं. लेकिन सोना-चांदी गिरवी रखते समय कुछ बातों के बारे में जानकारी पहले से होना जरूरी होता है. ताकि आगे चलकर परेशानी का सामना न करना पड़े. ऐसे में आपको इन बातों के बारे में पहले से पता होना चाहिए.
कितना लोन मिलता है चांदी गिरवी रखने पर?
अगर आप चांदी गिरवी रखकर लोन लेने का सोच रहे हैं, तो पहले ही यह जान लें कि आपको चांदी की पूरी रकम का लोन नहीं मिलता. यानि अगर आपकी चांदी की कीमत 1 लाख है, तो आपको 1 लाख नहीं मिलेगा. आमतौर पर बैंक या फाइनेंशियल संस्थाएं चांदी की वैल्यू का लगभग 75% से 85% तक ही लोन देती हैं. इसका कारण है कि लोन देने वाली संस्था अपने रिस्क को कम करने के लिए कुछ हिस्सा सिक्योरिटी के तौर पर रखती है.
किस तरह की चांदी गिरवी रखना है आसान?
चांदी के गहने और सिक्के गिरवी रखने के लिए सबसे बेहतर माने जाते हैं, क्योंकि उनकी प्योरिटी आसानी से जांची जा सकती है और उनकी बाजार में अच्छी कीमत भी मिलती है. वहीं, चांदी के बर्तन या सजावटी सामान कई बार बैंक नहीं लेता या फिर उनकी वैल्यू बहुत कम लगाई जाती है. ऐसे में अगर आप ऐसे सामान को गिरवी रखने की सोच रहे हैं तो पहले बैंक की शर्तों को जान लें.
मेकिंग चार्ज-डिजाइन बैंक के लिए जीरो
एक जरूरी बात है जिसे लोग नजरअंदाज कर देते हैं, वह यह है कि चांदी के गहनों पर किए गए डिजाइन या कारीगरी की कोई कीमत नहीं जोड़ी जाती. बैंक केवल चांदी की प्योरिटी और वजन के आधार पर ही उसकी वैल्यू तय करता है. इसलिए, जितनी ज्यादा प्योर चांदी होगी, उतना बेहतर लोन अमाउंट मिलेगा.