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India-UK FTA Deal: क्या है भारत और इंग्लैंड के बीच एफटीए डील, शराब से लेकर गाड़ियां तक हो जाएंगी सस्ती, नौकरियां भी मिलेंगी

India-England Free Trade Agreement: भारत और इंग्लैंड के बीच एक बार फिर से फ्री ट्रेड डील शुरू हुई है. इस फ्री ट्रेड एग्रीमेंट से दोनों देशों को काफी लाभ हो सकता है. इस समझौते से न केवल व्यापार को बढ़ावा मिलेगा बल्कि दोनों देशों के आर्थिक और सामाजिक संबंध और मजबूत होंगे.

PM Modi and Keir Starmer (File Photo)
मिथिलेश कुमार सिंह
  • नई दिल्ली,
  • 25 फरवरी 2025,
  • अपडेटेड 7:47 PM IST
  • भारत-ब्रिटेन के बीच एफटीए वार्ता 13 जनवरी 2022 को हुई थी शुरू 
  • इंग्लैंड में भारतीय मूल के रहते हैं लगभग 15 लाख लोग 

भारत (India) और इंग्लैंड (England) के बीच एक बार फिर से फ्री ट्रेड डील (FTA) शुरू हुई है. यदि डील पक्की हो गई तो जहां शराब से लेकर गाड़ियां तक भारत में सस्ती हो जाएंगी, वहीं कई लोगों को नई नौकरियां भी मिलेंगी.

इस ट्रेड डील से (Trade Deal) से दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंध और मजबूत होंगे. वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और व्यापार एवं वाणिज्य मंत्री जोनाथन रेनॉल्ड्स ने बताया कि दोनों देशों को बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (Free Trade Agreement) यानी मुक्त व्यापार संधि को लेकर बातचीत जारी है. फ्री ट्रेड एग्रीमेंट होने के बाद दोनों देशों को काफी लाभ मिलेगा. 

कॉमर्स और इंडस्ट्री मिनिस्टर पीयूष गोयल ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट में कहा कि दोनों देशों ने व्यापार और निवेश संबंधों को मजबूत करने के लिए अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की. उन्होंने बताया कि जोनाथन रेनॉल्ड्स के साथ बैठक के दौरान हमारी चर्चा भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौते की वार्ता को आगे बढ़ाने और यह सुनिश्चित करने पर केंद्रित रही कि समझौता संतुलित, महत्वाकांक्षी और पारस्परिक रूप से लाभकारी हो. 

क्या है फ्री ट्रेड एग्रीमेंट
फ्री ट्रेड एग्रीमेंट दो या इससे अधिक देशों के बीच व्यापार को और सरल बनाने के लिए किया जाता है. मुक्त व्यापार संधि के तहत दो देशों के बीच आयात-निर्यात होने वाले उत्पादों और सेवाओं पर सीमा शुल्क, नियामक कानून, सब्सिडी और कोटा को या तो बहुत घटा दिया जाता है या पूरी तरह से खत्म कर दिया जाता है. एफटीए का बड़ा लाभ दोनों देशों के व्यापारियों और व्यवसायों को मिलता है.

दो देशों के बीच एफटीए होने के बाद उनकी उत्पादन लागत बाकी देशों के मुकाबले सस्ती हो जाती है. इससे व्यापार को बढ़ाने में मदद मिलती है और अर्थव्यवस्था को गति मिलती है. एफटीए के कारण देश में व्यवासायी वह उत्पाद बनाना शुरू करते हैं, जिन पर वह अपने संसाधनों का सबसे बेहतर इस्तेमाल कर सकते हैं. जब दो देश एफटीए को लेकर समझौता करते हैं तो दोनों देशों के खरीदारों को शुल्क मुक्त आयात का फायदा मिलता है. इससे उत्पादकों की लागत में कमी आती है और प्रतिस्पर्धा में सुधार होता है. उपभोक्ताओं को कम कीमतों का सीधा लाभ मिलता है.

भारत-इंग्लैंड के बीच अब तक 13 दौर की हो चुकी है बातचीत 
भारत और ब्रिटेन के बीच द्विपक्षीय व्यापार 2022-23 में 20.36 अरब डॉलर से बढ़कर 2023-24 में 21.34 अरब डॉलर हो गया. फ्री ट्रेड एग्रीमेंट होने के बाद दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार को और बढ़ावा मिलेगा. आपको मालूम हो कि भारत-ब्रिटेन के बीच एफटीए वार्ता 13 जनवरी 2022 को शुरू हुई थी. दिसंबर 2023 तक 13 दौर की बातचीत हो चुकी है.

साल 2024 में ब्रिटेन में आम चुनाव की वजह से बातचीत रुक गई थी लेकिन अब एक बार फिर से वार्ता शुरू हुई है. यह वार्ता दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों को मजबूत बनाने के लिए किया जा रहा है. इसके जरिए व्यापार को बढ़ावा देने, टैरिफ और निर्यात-निवेश को सरल बनाने का लक्ष्य है. आपको मालूम हो कि इंग्लैंड में भारतीय मूल के लगभग 1.5 मिलियन यानी 15 लाख लोग रहते हैं. यह संख्या इंग्लैंड की कुल जनसंख्या का लगभग 2.5 प्रतिशत के करीब है. भारतीय समुदाय (Indian Community) के लोग ब्रिटेन में व्यापार, राजनीति, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य क्षेत्रों में काफी योगदान दे रहे हैं.

फ्री ट्रेड एग्रीमेंट होने से क्या-क्या होगा फायदा
1. फ्री ट्रेड एग्रीमेंट होने के बाद इंडिया कारों, व्हिस्की और वाइन पर टैरिफ में कटौती करेगा. इससे ये चीजें इंडिया में सस्ती मिलेंगी.
2. इंडिया फैशन, फर्नीचर, होमवेयर, इलेक्ट्रिकल और सामान्य औद्योगिक मशीनरी के लिए कम टैरिफ की मांग कर रहा है.
3. फ्री ट्रेड एग्रीमेंट होने के बाद इंडिया और ब्रिटेन को डबल टैक्सेशन से राहत मिलेगी. इससे दोनों देशों के कारोबारियों को फायदा मिलेगा.
4. एफटीए होने के बाद जब भारत अपना व्यापार ब्रिटेन से बढ़ाएगा, तो इससे भारतीय उद्योगों में नई नौकरियों के अवसर पैदा होंगे. 
5.  इंग्लैंड के साथ व्यापारिक बाधाएं हटाने से भारतीय उत्पादों का ब्रिटेन में निर्यात बढ़ेगा. 
6. भारतीय कृषि उत्पाद जैसे फल, सब्जियां, मसाले और खास वस्त्रों को ब्रिटेन के बाजार में आसानी से प्रवेश मिलेगा.
7. इंडिया के आईटी और सेवा क्षेत्र को ब्रिटेन के बाजार में और बेहतर अवसर मिलेंगे.
8. फ्री ट्रेड एग्रीमेंट होने पर भारत के जीड़ीपी (GDP) में वृद्धि होने की उम्मीद है.


 

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