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बिना इंश्योरेंस के चलने वाले वाहनों का होगा 'ऑन द स्पॉट' बीमा, जानिए कैसे काम करेगा नया नियम?

थर्ड पार्टी बीमा के लिए प्रीमियम वाहनों के आकार पर निर्भर करता है. 1000cc-यात्री वाहनों के लिए ₹2,072 से लेकर 1000-1500cc वाहनों के लिए ₹3,221 और 1,500cc इंजन वाले वाहनों के लिए ₹7,890 रुपये तक का बीमा उपलब्ध है.

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gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 01 मार्च 2023,
  • अपडेटेड 6:19 PM IST

बिना बीमा के सड़कों पर चलने वाली गाड़ियों का अब 'ऑन द स्पॉट' बीमा किया जाएगा. सरकार मोटर इंश्योरेंस के नियमों में जल्द ही बदलाव करने जा रही है. जिन वाहनों के पास मोटर बीमा पॉलिसी नहीं है, उन्हें ट्रैफिक चेकिंग में पकड़े जाने पर तुरंत मोटर इंश्योरेंस खरीदना होगा. इसके लोगों से मौके पर ही पैसा भी वसूला जाएगा. इसके पैसे फास्टैग से कटेंगे. एक बार नए नियम लागू होते ही वाहन चालकों के लिए बिना बीमा सड़क पर वाहन चलाना लगभग नामुमकिन होगा. यह कदम सड़क दुर्घटना पीड़ितों के लिए तत्काल फंड मुहैया कराएगा. इस तरह सड़कों पर होने वाली मौतों को कम करने में भी मदद मिलेगी.

कार बाइक के इंश्योरेंस के बदलेंगे नियम!

वाहन चलाने के लिए वाहन बीमा का होना बेहद जरूरी है. अगर सड़क पर कोई वाहन बगैर मोटर इंश्योरेंस पॉलिसी के चल रहा है तो नियमों के मुताबिक उसका चालान कट सकता है. अभी तक जारी इस नियम में आने वाले दिनों में संशोधन के बाद मुमकिन है कि जुर्माने के साथ-साथ 'ऑन द स्पॉट' मोटर वाहन बीमा भी खरीदना पड़ेगा जिसके लिए बीमा की रकम फास्टैग से काटी जाएगी. 
  
बिना इंश्योरेंस के चल रहे हैं 50% वाहन

परिवहन मंत्रालय बिना बीमा वाले वाहनों पर नकेल कसने के लिए बड़े बदलाव की तैयारी कर रहा है. इसकी वजह है कि मोटर इंश्योरेंस को लेकर भारतीय बेहद लापरवाह हैं. आंकड़ों के मुताबिक, भारत में करीब 50 फीसदी वाहन बिना वाहन बीमा के ही सड़कों पर चल रहे हैं. इन वाहनों के साथ समस्या है कि अगर ये किसी वाहन दुर्घटना का शिकार होते हैं तो बीमा ना होने की वजह से हादसे में पीड़ित व्यक्ति को इलाज तक के लिए क्लेम नहीं मिल पाता है. यही कारण है कि सभी वाहनों का कम से कम थर्ड पार्टी बीमा होना अनिवार्य होता है. 

कैसे काम करेगा नया नियम?

अब सरकार ऐसा सिस्टम बनाने जा रही है जिसमें पुलिस और ट्रांसपोर्ट विभाग के अफसर एक उपकरण की सहायता से बिना बीमा के सड़क पर चलते वाहन को तुरंत थर्ड पार्टी बीमा दिला देंगे. इसके लिए सड़क एवं राजमार्ग मंत्रालय के वाहन ऐप की मदद ली जाएगी. इस एप की मदद से पकड़े गए वाहन की सारी जानकारी मिल जाएगी. अगर इसमें पाया गया कि वाहन बीमा रहित है तो तुरंत वाहन मालिक को मोटर इंश्योरेंस पॉलिसी खरीदने का विकल्प दिया जाएगा. इसमें बीमा की रकम फास्टैग से चुकाने का प्रावधान भी रहेगा. 

बीमा कंपनियों को फास्टैग प्लेटफॉर्म पर लाया जाएगा!

इस नए नियम को प्रभावी बनाने के लिए मोटर इंश्योरेंस कंपनियों को फास्टैग प्लेटफॉर्म पर लाया जा सकता है. इसके तहत फास्टैग में मौजूद रकम से प्रीमियम काटा जाएगा. जनरल इंश्योरेंस काउंसिल के एक अफसर के मुताबिक, बैठक में नए नियम के कार्यान्वयन के लिए सिफारिशें तैयार की जा रही हैं और 17 मार्च की बैठक में इस पर चर्चा होगी. इसके साथ ही राज्य सरकारों से भी मिलकर इस नियम को लागू करने के तरीकों पर विचार किया जाएगा जिससे सभी एजेंसियां बिना रोक टोक के इसे लागू कर सकें. थर्ड पार्टी बीमा के लिए प्रीमियम वाहनों के आकार पर निर्भर करता है. 1000cc-यात्री वाहनों के लिए ₹2,072 से लेकर 1000-1500cc वाहनों के लिए ₹3,221 और 1,500cc इंजन वाले वाहनों के लिए ₹7,890 रुपये तक का बीमा उपलब्ध है.

पकड़े गए वाहनों को मिलता है शॉर्ट टर्म बीमा

IRDAI ने पहले ही बिना बीमा के पकड़े गए वाहनों के लिए अस्थाई या शॉर्ट टर्म बीमा जारी करने की अनुमति बीमा कंपनियों को दी हुई है. लेकिन नया नियम आने के बाद इसको थर्ड पार्टी इंश्योरेंस मुहैया कराने की स्कीम से बदल दिया जाएगा. फिलहाल इसके लिए कानूनी बाधाओं को दूर करने पर चर्चा हो रही है. अगर ज़रुरत पड़ी तो मोटर व्हीकल्स एक्ट और बीमा नियमों में संशोधन करके इसे लागू कर दिया जाएगा.

-आदित्य राणा की रिपोर्ट

 

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