हर व्यक्ति की ख्वाहिश होती है कि उसका अपना एक घर हो, जहां वह अपने परिवार के साथ सुकूनभरी जिंदगी बिता सके. लेकिन लगातार बढ़ती महंगाई और प्रॉपर्टी की आसमान छूती कीमतों ने यह सपना कई लोगों के लिए मुश्किल बना दिया है. ऐसे में ज्यादातर लोग घर खरीदने के लिए होम लोन का सहारा लेते हैं. ऐसे में लोन लेने से पहले सही बैंक और कम ब्याज दर का चुनाव करना बेहद जरूरी होता है, क्योंकि इसका सीधा असर आपकी ईएमआई पर पड़ता है.
होम लोन लेने का प्लान कर रहे लोगों के लिए राहत की बात यह है कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया है और इसे 5.25 फीसदी पर ही बरकरार रखा है. रेपो रेट वह दर होती है जिस पर केंद्रीय बैंक अन्य बैंकों को कर्ज उपलब्ध कराता है. आमतौर पर जब रेपो रेट बढ़ती है तो बैंकों द्वारा दिए जाने वाले लोन भी महंगे हो जाते हैं.
आरबीआई गवर्नर MPC की बैठक के बाद बताया कि वैश्विक आर्थिक चुनौतियों और महंगाई के जोखिमों को देखते हुए फिलहाल नीति में कोई बदलाव नहीं किया गया है. इसका सीधा फायदा उन लोगों को मिलेगा जो नया होम लोन लेने की सोच रहे हैं या पहले से लोन चुका रहे हैं. फिलहाल उनकी ईएमआई पर एक्स्ट्रा बोझ नहीं पड़ेगा.
अगर आप कम ब्याज दर पर होम लोन की तलाश में हैं तो कई सरकारी बैंक बेहतर ऑप्शन बन सकते हैं. बैंक ऑफ बड़ौदा 7.20 फीसदी से शुरू होने वाली दरों पर होम लोन उपलब्ध करा रहा है. वहीं सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया और बैंक ऑफ इंडिया की शुरुआती ब्याज दर 7.10 फीसदी है. यूनियन बैंक ऑफ इंडिया 7.15 फीसदी से और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया 7.25 फीसदी से होम लोन ऑफर कर रहा है. इसके अलावा इंडियन ओवरसीज बैंक ग्राहकों को 7.10 फीसदी की शुरुआती दर पर लोन दे रहा है.
प्राइवेट सेक्टर के बैंकों की बात करें तो ICICI बैंक 7.50 फीसदी की शुरुआती ब्याज दर पर होम लोन दे रहा है. कोटक महिंद्रा बैंक में यह दर 7.60 फीसदी से शुरू होती है, जबकि HDFC बैंक 7.75 फीसदी से होम लोन दे रहा है. वहीं एक्सिस बैंक की ब्याज दरें ग्राहक की प्रोफाइल के आधार पर 8 फीसदी से लेकर 11.90 फीसदी तक जा सकती हैं.
केवल कम ब्याज दर देखकर ही बैंक को चूज़ नहीं करना चाहिए. इसके अलावा प्रोसेसिंग फीस, लोन टेनयोर, प्रीपेमेंट चार्ज, ग्राहक सेवा और अन्य शर्तों को भी ध्यान से समझना जरूरी है. सही तुलना करने के बाद लिया गया फैसला लंबे समय में आपके लिए फायदे का सौदा साबित होता है.