Advertisement

Income Tax Return Filing 2026: टैक्सपेयर्स आपने भर दिया है इनकम टैक्स रिटर्न... अभी तक नहीं आया है बैंक खाते में रिफंड का पैसा... जानें ITR भरने के कितने दिनों बाद मिलता है Refund और कई बार क्यों मिलने में होती है देरी? 

Income Tax Refund: इनकम टैक्स रिटर्न यानी आईटीआर जमा करने की आखिरी तारीख 31 जुलाई 2026 बीत चुकी है. यदि आपने ITR भर दिया है और अब रिफंड का इंतजार कर रहे हैं तो हम आपको बता रहे हैं कि कब तक आपके बैंक खाते में रिफंड का पैसा आ सकता है? हम आपको यह भी बताएंगे कि कई बार आईटीआर दाखिल करने के बाद भी रिफंड मिलने में देरी क्यों होती है और ऐसी स्थिति में क्या करना चाहिए? 

Income Tax Refund
मिथिलेश कुमार सिंह
  • नई दिल्ली,
  • 01 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 9:40 AM IST

ITR Refund: एसेसमेंट ईयर 2026-27 का इनकम टैक्स रिटर्न (Income Tax Return) यानी आईटीआर (ITR) जमा करने की आखिरी तारीख 31 जुलाई 2026 बीत चुकी है. हालांकि इसके बाद भी टैक्सपेयर (Taxpayers) 31 दिसंबर 2026 तक बिलेटेड रिटर्न (Belated return) दाखिल कर सकते हैं लेकिन इसके लिए लेट फीस देनी होगी. यदि आपने ITR भर दिया है और अब रिफंड का इंतजार कर रहे हैं तो हम आपको बता रहे हैं कि कब तक आपके बैंक खाते में रिफंड का पैसा आ सकता है? हम आपको यह भी बताएंगे कि कई बार आईटीआर दाखिल करने के बाद भी रिफंड मिलने में देरी क्यों होती है और ऐसी स्थिति में क्या करना चाहिए? 

ITR Refund सिस्टम कैसे करता है काम 
ITR रिफंड कब तक मिलेगा, इसको जानने से पहले हम आपको बता रहे हैं कि आईटीआर रिफंड का पूरा सिस्टम आखिर काम कैसे करता है. आपको मालूम हो कि किसी करदाता को उस समय ही इनकम टैक्स रिफंड दिया जाता है, जब वह अपने ऊपर बन रही टैक्स देनदारी से ज्यादा इनकम टैक्स जमा कर देता है या फिर उसका टीडीएस कटता है. ऐसे करदाता आईटीआर जमा करने के साथ ही रिफंड को क्लेम कर सकते हैं. इसके बाद इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की ओर से रिफंड को टैक्सपेयर के खाते में जमा करा दिया जाता है.

कितने दिनों में मिलता है रिफंड  
इनकम टैक्स रिफंड कितने दिनों में मिलेगा यह काफी हद तक आपके आईटीआर जमा करने के तरीके पर निर्भर करता है. ऑनलाइन आईटीआर दाखिल करने वालों को रिफंड जल्दी मिलता है. ऑफलाइन इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करने पर रिफंड मिलने में अधिक समय लगता है. आपको मालूम हो कि पहले रिफंड आने में 90 दिन से ज्यादा लगते थे. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में बताया था कि 2013-14 में रिफंड में औसतन 93 दिन लगते थे लेकिन अब आयकर विभाग तेजी से रिटर्न को प्रोसेस करता है. अब इनकम टैक्स डिपार्टमेंट आईटीआर जमा करने के 10 से 45 दिनों के भीतर ही रिफंड टैक्सपेयर के खाते में डाल देता है. नियम के अनुसार असेसमेंट ईयर के समाप्‍त होने के अधिकतम 9 महीने के भीतर तक रिफंड जारी किया जा सकता है. आपको मालूम हो कि आईटीआर दाखिल करने के 30 दिनों के अंदर उसका ई-वेरिफिकेशन कराना जरूरी होता है. 

आईटीआर को वेरिफाई करने के बाद ही आयकर विभाग उसे प्रोसेस करता है. आईटीआर वेरिफिकेशन ऑनलाइन आधार ओटीपी के जरिए ई-साइन करने पर रिटर्न जल्दी बैंक खाते में आ जाता है. इसके अलावा डेडलाइन से पहले आईटीआर दाखिल करने वालों को जल्दी रिफंड मिलता है. आपको मालूम हो कि आयकर विभाग की ओर से रिफंड जारी होने पर एक मेल भेजा जाता है और टैक्सपेयर को जानकारी दी जाती है. आप रिफंड के स्टेटस को इनकम टैक्स की वेबसाइट पर चेक भी कर सकते हैं. आपको मालूम हो कि अब आईटीआर रिफंड जल्दी मिलने की वजह इनकम टैक्स डिपार्टमेंट का पूरी तरह डिजिटल सिस्टम है. अब पुराने एक्सेल सिस्टम की जगह जेएसओएन फॉर्मेट का इस्तेमाल होता है. इससे डेटा जल्दी प्रोसेस होता है. रिटर्न की ई-वेरिफिकेशन के बाद रिफंड प्रोसेसिंग तुरंत शुरू हो जाती है. इसके साथ बैंक खाते का पहले से वेरिफिकेशन और पैन-आधार लिंकिंग से रिफंड सही खाते में सीधे पहुंचता है.

ITR रिफंड में क्यों होती देरी 

  • आईटीआर के रिफंड में देरी होने की मुख्य वजह इसका वेरिफिकेशन नहीं करना है. 
  • बैंक अकाउंट नंबर या आईएफएससी कोड जैसी महत्वपूर्ण जानकारियों के गलत होना. 
  • इनकम टैक्स डिपार्टमेंट में अपने बैंक अकाउंट की जानकारी अपडेट नहीं की है तो आपका रिफंड अटक सकता है. 
  • जिस बैंक खाते में इनकम टैक्स रिफंड आना है, उस खाते को प्री-वैलिडेट कराना जरूरी होता है. 
  • कई बार ऐसा होता है कि आयकर विभाग रिटर्न दाखिल करने के बाद आयकरदाता से कुछ जानकारियां मांग लेता है. इसे समय पर न देने पर भी रिफंड अटक सकता है. 
  • पिछले फाइनेंशियल ईयर का कुछ बकाया है तो आपके इनकम टैक्स रिफंड में देरी हो सकती है. 
  • यदि आपके रिटर्न में TDS डिटेल और फॉर्म 26AS में मिसमैच है तो इसकी वजह से भी रिफंड मिलने में देरी हो सकती है. 
  • कई बार सर्वर प्रॉब्लम या बैकलॉग जैसी तकनीकी समस्याओं की वजह से भी रिफंड में देरी हो सकती है. 

रिफंड मिलने में देरी होने पर यहां कर सकते हैं संपर्क

  • आयकर विभाग के हेल्पलाइन नंबर 1800-103-4455 पर कर सकते हैं संपर्क.
  • ask@incometax.gov.in पर कर सकते हैं ई-मेल.
  • स्थानीय आयकर विभाग के ऑफिस में जाकर कर सकते हैं पूछताछ.
  • ई-फाइलिंग पोर्टल और NSDL की वेबसाइट पर स्टेटस कर सकते हैं चेक.
  • ई-फाइलिंग पोर्टल पर जाकर शिकायत कर सकते हैं दर्ज.
  • बेंगलुरु में सेंट्रलाइज्ड प्रोसेसिंग सेंटर (CPC) से भी सीधे संपर्क कर सकते हैं.

रिफंड री-इश्यू करने का कर सकते हैं अनुरोध 
हम आपको बता रहे हैं कि रिफंड में देरी होने पर क्या करें? सबसे पहले अपना ई-मेल चेक करें. इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने किसी तरह की कोई एडिशनल जानकारी के लिए मेल तो नहीं भेजा है. यदि आईटीआर स्टेटस से पता चलता है कि रिफंड एक्सपायर हो गया है तो टैक्सपेयर रिफंड री-इश्यू करने का अनुरोध कर सकते हैं. यदि स्टेटस में रिटर्न दिखा रहा है तो ई- फाइलिंग पोर्टल/आकलन अधिकारी के पास रिफंड रि-इश्यू रेज कर सकते हैं.

 

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Advertisement