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Success Story: बचपन में पिता को खोया, 10वीं में हुए फेल, कभी दूध का पैकेट खरीदने के नहीं थे पैसे... आज 800 करोड़ के मालिक हैं स्टॉक ब्रोकर Vijay Kedia

Vijay Kedia Story: एक वक्त ऐसा भी था, जब विजय केडिया के परिवार की आर्थिक हालत बहुत ही खराब थी. उनकी आर्थिक हालत का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि बच्चे के लिए दूध खरीदने के पैसे तक नहीं थे. लेकिन हालात बदले और किस्मत ने साथ दिया. आज विजय केडिया 800 करोड़ के मालिक हैं. 10वीं पढ़ाई के दौरान ही केडिया के पिता का निधन हो गया था. विजय ने अपने जीवन में कई बार मुश्किलों का सामना किया. लेकिन कभी हार नहीं मानी.

स्टॉक ब्रोकर विजय केडिया 800 करोड़ के मालिक हैं (Photo/Twitter)
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 30 मार्च 2023,
  • अपडेटेड 2:00 PM IST

ये कहानी उस शख्स की है, जिसके पास एक समय में दूध का पैकेट खरीदने के पैसे नहीं थे. उसने अपने बच्चे को भूख से तड़पते देखा है. उसने बचपन में पिता को खो दिया. 10वीं में फेल हो गया. लेकिन उसने कभी हार नहीं मानी. हर मुश्किल के पास खुद को खड़ा करने की कोशिश करता रहा. इस वक्त वो शख्स अपनी मेहनत और लगन की बदौलत 800 करोड़ का मालिक बन गया है. वो शख्स कोई और नहीं, बल्कि स्टॉक ब्रोकर विजय केडिया हैं. चलिए आपको विजय केडिया की बचपन की मुश्किलों से लेकर करोड़ों का साम्राज्य खड़ा करने की कहानी बताते हैं.

बचपन में पिता को खोया, सदमें में परीक्षा छोड़ दी-
विजय केडिया एक मध्य वर्गीय परिवार से आते हैं. उनका जन्म कोलकाता के स्टॉक ब्रोकर के घर हुआ था. बचपन में ही उनके सिर से पिता का साया उठ गया. उस वक्त विजय 10वीं क्लास की पढ़ाई कर रहे थे, जब उनके पिता का निधन हो गया. विजय को पिता के जाने का गहरा सदमा लगा. उनको कुछ समझ नहीं आ रहा था कि क्या किया जाए? इस सदमे में केडिया ने 10वीं की परीक्षा में छोड़ दी. लेकिन जैसे-जैसे समय बीतता गया, केडिया को दुनियादारी समझ आने लगी. उन्होंने फिर से पढ़ाई शुरू की और ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल की. इसके बाद घर का खर्च चलाने के लिए उन्होंने काम-धंधा शुरू करने के बारे में सोचा.

विजय ने शेयर बाजार में ट्रेडिंग शुरू की-
ग्रेजुएशन करने के बाद विजय केडिया ने कई कोशिशें की. लेकिन कहीं सफलता नहीं मिली. इसके बाद हार के विजय ने पिता का धंधा अपनाया. विजय के पिता स्टॉक ब्रोकर थे. विजय ने भी शेयर मार्केट में ट्रेडिंग शुरू की. लेकिन इसमें भी केडिया को कुछ फायदा नहीं हो पा रहा था. लेकिन इतना जरूर कमा लेते थे कि घर का खर्च चल सके.

मां के गहने बेचने पड़े-
इस बीच विजय केडिया ने शादी कर ली. कुछ ही वक्त में वो एक बच्चे के पिता बन गए. लेकिन की माली हालत का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि एक ही कमरे में 6 लोगों का परिवार रहता था. शादी के बाद घर का खर्च चलाना और मुश्किल हो गया. इस बीच ट्रेडिंग में भी नुकसान होने लगा. विजय को समझ नहीं आ रहा था कि क्या किया जाए. इस मुफलिसी के दौर मां के गहने काम आए. विजय ने मां के गहने बेच दिए. इससे कुछ समय के लिए घर का खर्च चला. इस बीच शेयर मार्केट से कुछ पैसा भी कमाने लगे. लेकिन शेयर मार्केट अनिश्चितताओं का खेल है. विजय केडिया को बार-बार नुकसान होने लगा. 

बच्चा रोता रहा, दूध तक के पैसे नहीं थे-
शेयर मार्केट में नुकसान से केडिया की हालत इतनी खराब हो गई कि घर का घर चलाने के लिए भी पैसे नहीं थे. एक दिन तो ऐसा हुआ कि उनका बच्चा दूध के लिए रो रहा था, लेकिन विजय के पास इतना पैसा नहीं था कि वो दूध का पैकेट खरीदकर ला सके. उस वक्त एक पैकेट दूध की कीमत सिर्फ 14 रुपए थी. लेकिन केडिया के पास इतने पैसे भी नहीं थे. इसी से उनकी आर्थिक हालत का अंदाजा लगाया जा सकता है. पत्नी ने पूरे घर को छान मारा और किसी तरह से एक-एक सिक्के इकट्ठे किए. उसके बाद बच्चे के लिए दूध लाया गया.

कोलकाता छोड़ा तो किस्मत भी हुई मेहरबान-
घर की आर्थिक हालत बिगड़ने के बाद विजय केडिया ने कोलकाता छोड़ने का फैसला किया. साल 1990 में केडिया ने मुंबई को अपना ठिकाना बनाया. इसके बाद उनकी किस्मत चमकी. 2 साल के बाद साल 1992 में शेयर मार्केट में बुल रन आया तो केडिया को कमाई का मौका मिला. इसमें निवेश से विजय की अच्छी कमाई हुई. केडिया कोलकाता से पंजाब ट्रैक्टर्स के शेयर लाए थे. जिसकी कीमत 35 रुपए थी. बुल रन में इसके भाव 5 गुना बढ़ गए. इसके बाद केडिया ने पीछे मुड़कर नहीं देखा. विजय ने पंजाब ट्रैक्टर्स के शेयर बेच दिए और एसीसी के शेयर खरीद लिए. इसके दाम एक साल में 10 गुना बढ़ गए. केडिया की जिंदगी पटरी पर आ गई थी.

घर खरीदा और फैमिली को भी बुलाया-
विजय केडिया की किस्मत चमक उठी. उनके कारोबार के लिए मुंबई भाग्यशाली साबित हुआ. मुंबई आने के बाद केडिया को शेयर मार्केट में खूब फायदा हुआ. उन पैसों से विजय केडिया ने मुंबई में एक घर खरीदा. इसके बाद अपने परिवार को कोलकाता से मुंबई बुलाया. 

नुकसान और फायदे का खेल चलता रहा-
विजय केडिया की जिंदगी में खुशी ज्यादा दिन नहीं चल पाई और एक बार फिर उनको शेयर मार्केट में बड़ा झटका लगा. बुल रन के बाद मार्केट बुरी तरह से क्रैश हो गया. केडिया की सारा पैसा डब गया. वो फिर से कंगाल हो गया था. उसके पास सिर्फ कुछ पैसे और घर बचा था. लेकिन भाग्य ने एक बार फिर केडिया का साथ दिया और साल 2002-03 में उन्होंने बुल रन में अपने बचे हुए शेयर बेच दिए और तीन कंपनियों के शेयर खरीदे. इन तीनों के स्टॉक्स 10 साल में 100 गुना बढ़ गए.

केडिया ने खरीदे सियाराम सिल्क मिल्क कंपनी के शेयर-
जब विजय केडिया की आर्थिक हालत ठीक नहीं थी तो बच्चे को दूध नहीं मिला था. लेकिन जब किस्मत चमकी तो विजय केडिया ने साल 2009 में एक डेयरी कंपनी के शेयर्स खरीदे और अपनी पत्नी को गिफ्ट दे दिया. केडिया ने अपनी पत्नी से कहा कि उस 14 रुपए का बदला है, जिसे हम नहीं जुटा पाए थे. केडिया ने साल 2022 में स्मॉलकैप कंपनी सियाराम सिल्क मिल्क की 1.1 फीसदी हिस्सेदारी खरीदी. उनके पास कंपनी के पांच लाख शेयर हैं. आज केडिया 800 करोड़ के मालिक और केडिया सिक्योरिटीज के एमडी हैं. केडिया के पास 3 दशकों का अनुभव है. उनका मंत्र है कि निवेशकों को किसी खास स्टॉक के बारे में जानकारी जुटाकर उससे चिपके रहना चाहिए. विजय ऐसे-ऐसे शेयरों में पैसे लगाते हैं, जो निवेशकों को तगड़ा रिटर्न देने की ताकत रखते हैं.

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