Advertisement

Maha Kumbh 2025: महाकुंभ में होटल बुकिंग के नाम पर ठगी! फर्जी वेबसाइट और टेंट बुकिंग से खुद को ऐसे बचाएं

जनवरी 2025 में लगने वाले महाकुंभ में देशभर के श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगाने प्रयागराज आने वाले हैं. बस इसी को हथियार बनाकर साइबर क्रिमिनल्स ने भोले भाले लोगों को ठगना शुरू कर दिया है.

Maha Kumbh 2025 - Scam Alert
gnttv.com
  • प्रयागराज,
  • 17 दिसंबर 2024,
  • अपडेटेड 11:55 AM IST
  • ऐसे स्कैम से खुद को कैसे बचाएं
  • फर्जी फोन नंबरों का हो रहा इस्तेमाल

साइबर अपराधी लोगों को ठगने की नई-नई तरकीबे निकालते हैं. इस बार ठगों ने लोगों की आस्था को निशाना बनाकर कुंभ के नाम पर ठगी शुरू कर दी है. जनवरी 2025 में लगने वाले महाकुंभ में देशभर के श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगाने प्रयागराज आने वाले हैं. बस इसी को हथियार बनाकर साइबर क्रिमिनल्स ने भोले भाले लोगों को ठगना शुरू कर दिया है.

होटल बुकिंग के लिए बनाई गई फर्जी वेबसाइट
कुंभ मेले में प्रयागराज आने वाले लोगों और खासकर ऑनलाइन होटल लॉज, धर्मशाला या टेंट बुक करने वाले श्रद्धालुओं को सावधान रहना होगा. इस समय होटल और टेंट बुकिंग के नाम पर लोगों को ठगने का धंधा शुरू हो चुका है. प्रयागराज के कई बड़े होटलों में बाकायदा शिकायत दर्ज कराई है कि उनके नाम के फर्जी वेबसाइट बनाकर दुनिया भर से आने वाले श्रद्धालुओं से ठगी की जा रही है. 

54 फर्जी वेबसाइटों को कराया गया बंद
बड़े होटलों और टेंट बनाने वालों का न सिर्फ नाम बल्कि QR कोड के जरिए भी ठगने की कोशिश हो रही है. इस बाबत 44 ऐसी वेबसाइट को पुलिस ने अपनी रडार पर रखा है जिनके खिलाफ कार्यवाही चल रही है. यही नहीं 54 वेबसाइटों को बंद भी कराया गया है. अब तक कई तीर्थयात्री और पर्यटक इस घोटाले का शिकार हो चुके हैं.

फर्जी फोन नंबरों का हो रहा इस्तेमाल
साइबर थाने के अधिकारियों का कहना है कि शहर के 50 से ज्यादा होटल के नाम पर फर्जी वेबसाइट बना ली गई है. सिर्फ वेबसाइट ही नहीं बल्कि फोन नंबर पर भी वेबसाइट बुकिंग होने के बाद लोग अपने बुकिंग कंफर्म करते हैं और फर्जी फोन नंबरों का भी इस्तेमाल हो रहा है. फिलहाल इस बात का अंदाजा नहीं लग पाया है कि यह पूरा ठगी का रैकेट किस स्तर तक पहुंचा है.

ऐसे स्कैम से खुद को कैसे बचाएं

  • सरकार द्वारा अधिकृत वेबसाइट से ही बुकिंग कराएं. 

  • स्कैमर्स कॉटेज बुकिंग पर छूट देने का दावा करते हैं और 2,000 रुपये से 10,000 रुपये तक डिपॉजिट भी मांगते हैं. लुभावने ऑफर्स से बचकर रहें. 

  • किसी भी लिंक पर क्लिक करने से बचें. 

  • धोखाधड़ी वाले मैसेज में अक्सर स्पैलिंग की गलतियां होती हैं. आप इसपर गौर करके पता कर सकते हैं कि ये फ्रॉड है या असली?

  • अपने डिवाइस में सिक्योरिटी सॉफ्टवेयर इंस्टॉल रखें.

  • किसी को भी ओटीपी न बताएं. सार्वजनिक हॉटस्पॉट के जरिए लेनदेन न करें.

इनपुट- कुमार अभिषेक

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Advertisement